लीबिया के संसद ने प्रधानमंत्री अलि जीदान को बर्खास्त करने के लिए 12 मार्च 2014 को वोट किया. संसद ने यह फैसला एस साइडर बंदरगाह से बागियों द्वारा कच्चे तेल से भरे टैंकर को ले जाने के बाद किया. इस कदम से पेट्रोलियम निर्यात देशों के संगठन (ओपेक) के सदस्य राज्यों में अराजकता पैदा कर दी है.
जीदान की बर्खास्तगी के बाद देश के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अल– थीन्नी को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई और जब तक नए प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो जाता ये अपने पद पर बने रहेंगे. संसद द्वारा दो सप्ताह के भीतर नए प्रधानमंत्री का चुनाव किया जाना है.
इससे पहले, देश की नौसेना ने पूर्वी भूमध्यसागर के तट से अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में भाग निकले जहाज को जब्त किया था. जहाज पश्चिमी लीबिया के सरकारी नियंत्रण वाले बंदरगाह पर ले जाए जाने के दौरान भगाया गया था.
जीदान 2012 में सत्ता में आए थे और मुक्त संसदीय वोट द्वारा चुने जाने वाले वह पहले व्यक्ति थे. इससे पहले, लीबिया पर तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी का राज था जिसे 2011 में अपदस्थ किया गया था.


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