सेना की जनरल कोर्ट मार्शल ने सुकना भूमि घोटाले के संदर्भ में लेफ्टिनेन्ट जनरल पीके रथ को 21 जनवरी 2011 को सजा सुनाई. सैन्य अदालत ने उन्हें सेवा में दो साल की वरिष्ठता कम करने और पेंशन सेवा में 15 साल कम किए जाने की सजा दी. ले. जनरल पीके रथ देश के सबसे पहले वरिष्ठ सेनाधिकारी हैं जिन्हें फौजी अदालत द्वारा भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया और सेवा अवधि में सजा दी गई. सेना अध्यक्ष और रक्षा मंत्रालय द्वारा इसकी पुष्टि कर देने के बाद सजा की शुरुआत होगी.
विदित हो कि सेना के 33वीं कोर के तत्कालीन कमांडर लेफ्टिनेन्ट जनरल पीके रथ ने सिलिगुडी के एक भवन निर्माता को उत्तरी बंगाल के कोर मुख्यालय के समीप सेना की 71 एकड़ भूमि पर एक शिक्षण संस्थान के निर्माण के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था. इस भूमि के हस्तांतरण के लिए उन्होंने उत्तरी कमान या सेना मुख्यालय से अनुमति भी नहीं ली थी.
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