डी शिवकुमार पेपिस्को की भारतीय यूनिट के चेयरमैन और सीईओ का पद संभालेंगे. वे मनु आनंद की जगह लेंगे, जो जून में अचानक भारत में ब्रेवरेज एंड फूड कंपनी पेप्सिको कंपनी छोड़कर कैडबरी क्राफ्ट में चले गए थे. तब से पेप्सिको इंडिया का यह पद खाली था. अब वह नवंबर 2013 में कंपनी दवारा घोषित देश में 33,000 करोड़ रुपए के निवेश की रणनीतिक तय करने के लिए जिम्मेदार होंगे.
अपनी नई भूमिका में शिवकुमार भारत में पेपिस्को के सभी व्यापार जिसमें खाद्य और पेय ब्रांड शामिल हैं की के सभी पहलुओं की देखरेख करेंगे. जैसे पेप्सी, फ्रिटो ले के आलू के चिप्स, स्लाइस मैंगो पेय, कुरकुरे, नमकीन, ट्रॉपिकाना जूस और क्वेकर जई आदि. इसके अलावा वो टाटा ग्लोबल बेवरेज के साथ एक संयुक्त उद्यम -नॉरिशको के कारोबार औऱ बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव में कारोबार की देखरेख करेंगे. शिवकुमार पेप्सिको एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका (AMEA ) के सीईओ संजीव चड्ढा को रिपोर्ट करेंगे.
शिवकुमार, 2001 से 2006 तक फर्म का नेतृत्व करने वाले राजीव बख्शी , के बाद से पेप्सीको भारत के पहले बाहरी व्यक्ति सीईओ है. डी शिवकुमार आईआईटी चेन्नई से एक इंजीनियर है और आईआईएम कलकत्ता से एमबीए हैं और हिंदुस्तान यूनिलीवर, फिलिप्स और नोकिया के साथ काम किया है.
पेप्सिको के बारे में
• पेप्सिको को पेप्सी कोला और फ्रिटो ले के विलय के माध्यम से 1965 में स्थापित किया गया था.
• पेप्सी कोला को कालेब ब्राडम द्वारा 1898 में स्थापित किया गया था.
• फ्रिटो ले INC को 1961 में फ्रिटो कंपनी के विलय के बाद किया गया था जिसे एल्मर डोलिन द्वारा 1932 में और 1932 में हरमन डब्ल्यू लेटाओ द्वारा स्थापित HW ले कंपनी को बनाया गया था.
• इंदिरा कश्मीर नूयी को 2006 के बाद पेप्सीको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी है.
• पेपिस्को का कुल राजस्व $ 65 अरब डॉलर से अधिक का है और इस नाम के तहत 22 ब्रांड हैं.
• पेप्सिको 1989 में भारत में प्रवेश किया और अब खाद्य और पेय पदार्थों के क्षेत्र के प्रमुखों में से एक है.

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