सिक्का निर्माण विधेयक-2009 (Coinage Bill 2009) राज्यसभा में 11 अगस्त 2011 को पारित किया गया. इस विधेयक के अनुसार एक बार में सिक्कों के जरिए किए जाने वाले नकद भुगतान के लिए एक हजार रुपये की अधिकतम सीमा तय की गई.
सिक्का निर्माण विधेयक-2009 (Coinage Bill 2009) के राज्यसभा में पारित होने से 1000 रुपये के सिक्के के निर्माण का रास्ता साफ हो गया. हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 1000 रुपये के सिक्के के निर्माण के लिए कोई समय-सीमा नहीं तय की.
ज्ञातव्य हो कि भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त मंत्रालय से वित्तीय लेन-देन में सुविधा के मद्देनजर एक बार में सिक्कों के जरिए किए जाने वाले नकद भुगतान के लिए एक हजार रुपये की अधिकतम सीमा तय करने की सिफारिश की थी. सिक्का से संबंधित वर्तमान कानून के अनुसार अगर कोई व्यक्ति कितनी भी बड़ी रकम का भुगतान सिक्कों में करना चाहे तो कोई उसे लेने से इंकार नहीं कर सकता है.
राज्यसभा में पारित सिक्का निर्माण विधेयक-2009 (Coinage Bill 2009) में यह प्रावधान भी किया गया है कि अगर किसी ने सिक्कों को गैर कानूनी रूप से गलाया तो उसे सात साल तक की कैद की सजा दी जा सकती है. लोकसभा इसे मार्च 2011 में ही पारित कर चुकी है.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation