केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने 31 अगस्त 2015 को वर्ष 2015-16 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान जारी किए.
इसके अनुसार भारत ने वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में 7 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त की है. रिपोर्ट के अनुसार भारत दूसरी तिमाही में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था थी.
भारत ने जनवरी-मार्च तिमाही में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त की. जबकि इस दौरान चीन की वृद्धि दर 7 प्रतिशत थी. इस प्रकार भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया.
सीएसओ अनुमान की मुख्य विशेस्ताएँ
• वर्ष 2015 -16 की प्रथम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद 27.13 लाख करोड़ था जबकि वर्ष 2014-15 की प्रथम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद 25.35 लाख करोड़ रुपए था.
• उन आर्थिक क्रियाएँ जिन्होंने वर्ष 2015 -16 की प्रथम तिमाही में 7 प्रतिशत की बढ़त की है उनमें विनिर्माण, व्यापार, होटल, परिवहन एवं संचार और प्रसारण, वित्तीय, बीमा, रीयल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाएँ शामिल थी.
• कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन में (1.9), खनन और उत्खनन (4.0), बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं (3.2), निर्माण और लोक प्रशासन, रक्षा (6.9) और अन्य सेवाओं (2.7) में वृद्धि दर प्राप्त की गई.
टिप्पणी
• अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक पूर्वानुमान के अनुसार भारत वर्ष 2015 में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा.
• यह वर्ष 2015 में चीन के 6.8 प्रतिशत की तुलना में 7.5 प्रतिशत से वृद्धि करेगा.
• चीन का अस्थिर स्टॉक मार्केट और संकुचित होती कुछ आर्थिक क्रियाएं मुख्यता विनिर्माण क्षेत्र भारत की चीन पर बढ़त के लिए जिम्मेदर है.
भारत की विकास की गति को काफी हद तक कृषि क्षेत्र में विकास दर पर निर्भर करती है. भारत रबी के मौसम में वर्ष के कारण कृषि क्षेत्र में हुई कम विकास दर के कारण जनवरी-मार्च तिमाही (7.5) की विकास दर को पार नहीं कर सका.
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