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विश्व व्यापार संगठन: संरचना, कार्य और उद्देश्य

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो विश्व व्यापार के लिए नियम बनाता है। इस संगठन की स्थापना 1 जनबरी, 1995 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाए गए प्रशुल्क एवं व्यापार संबंधी सामान्य करार (गैट) के स्थान पर की गई थी। इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में है I जून 2016 तक इसके 164 सदस्य थे I इसका सबसे बाद का सदस्य अफगानिस्तान है I
Jun 21, 2016 16:38 IST
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विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो विश्व व्यापार के लिए नियम बनाता है। इस संगठन की स्थापना 1995 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाए गए प्रशुल्क एवं व्यापार संबंधी सामान्य करार (गैट) के स्थान पर लाने के लिए की गई थी। वर्तमान में इसके 164 सदस्य हैं। सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं लेकिन अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान जैसी प्रमुख आर्थिक शक्तियां अपने लाभ के लिए व्यापार नियमों को बनाने हेतु डब्ल्यूटीओ का उपयोग करने में सफल रही हैं। विकासशील देश अक्सर गैर– पारदर्शी प्रक्रियाओं और बड़ी शक्तियों द्वारा मजबूर किए जाने की शिकायत करते हैं।

डब्ल्यूटीओ की संरचनाः- (Structure of WTO)
डब्ल्यूटीओ की मूल संरचना में निम्नलिखित निकाय हैं–
• मंत्रीस्तरीय सम्मेलन, (Ministerial Council) इसमें सभी सदस्य देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री होते हैं। यह डब्ल्यूटीओ का शासी निकाय हैI यह संगठन की रणनीतिक दिशा तय करने और अपने अधिकार क्षेत्र के तहत समझौतों पर सभी अंतिम निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है।  

• जनरल काउंसिल (General Council), इसमें सभी सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि (आम तौर पर राजदूत स्तर के) होते हैं। यह डब्ल्यूटीओ के रोजाना कारोबार और प्रबंधन की देखरेख के लिए जिम्मेदार होता है। व्यवहार में, ज्यादातर मामलों के लिए यह डब्ल्यूटीओ का फैसला करने वाला मुख्य अंग है। नीचे वर्णित निकायों में से कई सीधे जनरल काउंसिल को रिपोर्ट करते हैं।

• व्यापार नीति समीक्षा निकाय (The Trade Policy Review Body): इसमें भी डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्य होते हैं और यह उरुग्वे राउंड के बाद बने व्यापार नीति समीक्षा तंत्र की देखरख करता है। यह सभी सदस्य देशों की व्यापार नीतियों की आवधिक समीक्षा करता है।

विवाद निपटान निकाय (Dispute Settlement Body):  जिन देशों के बीच व्यापार सम्बन्धी कोई विवाद होता है तो वे इसी निकाय के सामने अपील कर न्याय मांगते हैं I  इसमें भी डब्ल्यूडीओ के सभी सदस्य होते हैं। यह सभी डब्ल्यूटीओ समझौतों के लिए विवाद समाधान प्रक्रिया के कार्यान्वयन और प्रभावशीलता एवं डब्ल्यूटीओ विवादों पर दिए गए फैसलों के कार्यान्वयन की देखरेख करता है।

• वस्तुओं एवं सेवाओं में व्यापार पर परिषद (The Councils on Trade in Goods and Trade in Services) यह जनरल काउंसिल के जनादेश के तहत काम करती हैं और इसमें सभी सदस्य देश शामिल रहते हैं। यह वस्तुओं( कपड़ा और कृषि जैसे) और सेवाओं में व्यापार पर हुए आम एवं विशेष समझौतों के विवरणों की समीक्षा के लिए तंत्र प्रदान करते हैं।

• डब्ल्यूटीओ का सचिव और महानिदेशक जेनेवा में निवास करते हैं । सचिवालय जिसमें अब सिर्फ 550 लोग काम करते हैं और संगठन के सभी पहलुओं के संचालन का प्रशासनिक कार्य संभालते हैं। सचिवालय के पास कानूनी निर्णय लेने की कोई शक्ति नहीं है लेकिन ऐसा करने वालों को यह महत्वपूर्ण सेवाएं और परामर्श प्रदान करता है।

विश्व व्यापार संगठन के उद्देश्य:-
विश्व व्यापार संगठन के समझौते लंबे और जटिल होते हैं क्योंकि इनका पाठ कानूनी होता है और यह गतिविधियों की व्यापक रेंज को कवर करते हैं। लेकिन कई सरल, मौलिक सिद्धांत भी इन सभी दस्तावेजों में होते हैं। ये सिद्धांत बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की नींव है।

एक देश को अपने व्यापार भागीदारों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए और इसे अपने और विदेशी उत्पादों, सेवाओं और नागरिकों के बीच भी भेदभाव नहीं करना चाहिए।
व्यापार को प्रोत्साहित करने के सबसे स्पष्ट तरीकों में से एक है व्यापार बाधाओं को कम करना। इन बाधाओं में शामिल है– सीमा शुल्क ( या टैरिफ) और आयात प्रतिबंध या कोटा, एंटी डंपिंग शुल्क जो मात्रा को चुनिंदा तरीके से प्रतिबंधित करता है।

विदेशी कंपनियों, निवेशकों और सरकारों को व्यापार बाधाओं को मनमाने ढंग से नहीं बढाया जाना सुनिश्चित करना चाहिए। स्थिरता एवं पूर्वानुमेयता के साथ निवेश प्रोत्साहित होता है, रोजगार के अवसर बनते हैं और उपभोक्ता प्रतिस्पर्धा का पूरी तरह से लाभ – पसंद और कम कीमत, उठा सकते हैं।

'अनुचित' प्रथाओं को हतोत्साहित करना जैसे बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए निर्यात सब्सिडियों और डंपिंग उत्पादों की लागत कम करन देना; मुद्दे जटिल हैं और नियम क्या सही है और क्या गलत है कि स्थापना करने की कोशिश करते हैं और सरकारें कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, खासकर अनुचित व्यापार द्वारा हुए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त आयात शुल्क लेकर।
डब्ल्यूटीओ के समझौते सदस्यों को न सिर्फ पर्यावरण बल्कि जन स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य एवं ग्रह के स्वास्थ्य के सरंक्षण के उपाय करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, ये उपाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों ही पर एक ही तरीके से लागू किए जाने चाहिए।

डब्ल्यूटीओ के कार्य:-

डब्ल्यूटीओ का संचालन उसके सदस्य देशों की सरकारें करती हैं। सभी प्रमुख फैसले पूर्ण सदस्यों द्वारा, चाहे वह मंत्रियों ( जो आम तौर पर दो वर्षों में कम– से– कम एक बार बैठक करते हैं) या उनके राजदूत या प्रतिनिधियों द्वारा ( जो जेनेवा में नियमित रूप से बैठक करते हैं) किया जाता है। डब्ल्यूटीओ अपने सदस्य देशों द्वारा संचालित है, अपनी गतिविधियों को समन्वित करने के लिए यह बिना अपने सचिवालय द्वारा काम नहीं कर सकता। सचिवालय में 600 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं और इनमें– वकील, अर्थशास्त्री, सांख्यिकीविद् औऱ संचार विशेषज्ञ होते हैं– जो डब्ल्यूटीओ के सदस्यों को अन्य  बातों के अलावा दैनिक आधार पर, वार्तालाप प्रक्रिया के सुचारू होने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों को सही तरह से लागू करना सुनिश्चित करता है।

• व्यापार वार्ताः डब्ल्यूटीओ समझौते वस्तुओं, सेवाओं और बौद्धिक संपदा को कवर करते हैं। यह उदारीकरण के सिद्धांतों और अनुमित अपवादों की व्याख्या करते हैं। इसमें व्यक्तिगत देशों की कम सीमा शुल्क टैरिफ और अन्य व्यापार बाधाओं के प्रति प्रतिबद्धता एवं सेवा बाजार को खोलने एवं उसे खुला रखना शामिल है। विवादों के निपटान के लिए ये प्रक्रियाओं का निर्धारण करते हैं। ये समझौते स्थायी नहीं होते, समय– समय पर इन पर फिर से बात–चीत की जाती है औऱ पैकेज में नए समझौते जोड़े जा सकते हैं। नवंबर 2001 में दोहा (कतर) में डब्ल्यूटीओ के व्यापार मंत्रियों द्वारा शुरु किए गए दोहा विकास एजेंडा, के तहत अब कई समझौते किए जा चुके हैं ।

• कार्यान्वयन और निगरानीः डब्ल्यूटीओ समझौते के तहत सरकारों को लागू कानूनों एवं अपनाए गए उपायों के बारे में डब्ल्यूटीओ को सूचित कर अपनी व्यापार नीतियों को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता होती है। डब्ल्यूटीओ के कई परिषद और समितियां इस बात को सुनिश्चित करती हैं कि नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं और डब्ल्यूटीओ के समझौतों का कार्यान्वयन उचित तरीके से हो रहा है या नहीं। समय–समय पर डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों की व्यापार नीतियों और प्रथाओं की समीक्षा की जाती है, प्रत्येक समीक्षा में संबंधित देश और डब्ल्यूटीओ सचिवालय द्वारा दी गई रिपोर्ट होती है।

विवादों का निपटाराः विवाद निपटान समझौते के तहत व्यापार संबंधी झगड़ों का समाधान करने की डब्ल्यूटीओ की प्रक्रिया नियमों को लागू करने और व्यापार प्रवाह का सुचारू होना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। अगर किसी देश या किन्हीं देशों को लगता है कि समझौते के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है तो वे उस विवाद को डब्ल्यूटीओ में पेश करते हैं। विशेष रूप से नियुक्त किए गए स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा किए गए फैसले समझौते की व्याख्याएं और अलग– अलग देशों की प्रतिबद्धताओं पर आधारित होते हैं।

• व्यापार क्षमता का निर्माणः डब्ल्यूटीओ के समझौतों में विकासशील देशों के लिए विशेष प्रावधान होते हैं। इसमें समझौतों और प्रतिबद्धताओं को लागू करने के लिए अधिक समय, उनके व्यापार अवसरों को बढ़ाने के लिए उपाय और उनके व्यापार क्षमता के निर्माण, विवादों से निपटने और तकनीकी मानकों को लागू करने में मदद करने के लिए समर्थन देना शामिल है। डब्ल्यूटीओ सालाना विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता मिशनों का आयोजन करता है। साथ ही यह सरकारी अधिकारियों के लिए जेनेवा में हर वर्ष कई पाठ्यक्रमों का आयोजन भी करता है। विकासशील देशों को उनके व्यापार में विस्तार के लिए जरूरी कौशल एवं संरचनात्मक ढांचे के विकास हेतु व्यापार के लिए सहायता (Aid for Trade) प्रदान करता है।

• आउटरीचः डब्ल्यूटीओ सहयोग को बढ़ाने एवं संस्था की गतिविधियों के प्रति जागरुकता फैलाने  के लिए गैर– सरकारी संगठनों, सांसदों, अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मीडिया और आम जनता से डब्ल्यूटीओ के अलग– अलग पहलुओं एवं चालू दोहा वार्ता पर नियमित तौर पर बातचीत करता है।