प्रकृति का नियम तो यह है कि जिस किसी ने भी इस पृथ्वी पर जन्म लिया है उसे एक दिन मरना ही पड़ता है लेकिन क्या आपने कभी ऐसी जगहों के बारे में सुना है जहाँ पर लोग मरते नही है. जी हैं सुनना में झूठ जरूर लगता है लेकिन यह सच है. लोंगयेरब्येन (नार्वे), फाल्सीआनो डेल मैसिको (इटली), इत्सुकुशिमा (जापान) और सार्पोरेंक्स (फ़्रांस) कुछ ऐसे ही शहरों के नाम हैं जहाँ पर लोगों के मरने पर पाबंदी है.
आइये इस लेख में हम ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में जानने का प्रयास करते हैं जहाँ पर लोगों के मरने पर रोक लगी हुई है. दरअसल इन जगहों पर रहने वाले लोग जब लोग मरने वाले होते हैं तो उन्हें उस जगह से हटाकर किसी दूसरी जगह भेज दिया जाता है.
1. लोंगयेरब्येन (नार्वे): आप ऐसा मत सोचना कि इस शहर में कब्रिस्तान नही है. इस शहर में कब्रिस्तान तो है लेकिन लोगों ने 70 साल से इस शहर में किसी को दफनाया नही गया है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यह इलाका बहुत ही बर्फीला है जिसके कारण यहाँ शव ना तो सड़ते है और ना ही नष्ट होते हैं जिसके कारण इन शवों में “पेरमाफ्रॉस्ट” नाम का वायरस पैदा हो जाता है जिसके कारण यहाँ रहने वाले जिन्दा लोगों को एक गंभीर बीमारी होने का खतरा पैदा हो जाता है. इसलिए जब भी कोई व्यक्ति इस शहर में बीमार होता है या मरने वाला होता है तो उसे किसी दूसरे शहर ले जाया जाता है जहाँ वे अपने जीवन के अंतिम समय को बिताते हैं.
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2. फाल्सीआनो डेल मैसिको (इटली): यहाँ के वर्तमान महापौर, गिउलिओ सिसारे फवा ने मार्च 2012 में एक कानूनी आदेश जारी करते हुए कहा कि ‘फॅल्सीआनो डेल मासिको’ की नगरपालिका में रहने वाले सभी नागरिकों को और जो इस नगरपालिका की सीमा से गुजरते हैं; उनका भी इस नगरपालिका के क्षेत्र में मरना गैर कानूनी है. यहाँ पर यह आदेश इसलिए जारी करना पड़ा है क्योंकि इस नगरपालिका का कब्रिस्तान पूरी तरह से भर चुका है और अब किसी को भी दफनाने की जगह नही बची है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस नगरपालिका के क्षेत्र में सबसे ज्यादा सेवानिवृत्त लोग रहते है. इसलिए ‘फॅल्सीआनो डेल मासिको’ के लोगों को निकटतम शहर ‘मोंडारागोने’ में दफन किया जाता है लेकिन बहुत भारी राशि का भुगतान करने के बाद. डेल मासिको के मेयर ने लोगों से अपील की है कि जब तक नया कब्रिस्तान नगरपालिका के लिए नहीं बनाया जाता है तब तक पास के शहर में जाकर मरें.
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3. इत्सुकुशिमा (जापान): जापान में स्थित यह एक पवित्र जगह है. इसलिए सरकार इस जगह की पवित्रता को बनाये रखने के हर संभव प्रयास कर रही है. इस पवित्र जगह के पुजारियों ने 1878 से इस जगह पर मृत्यु और जन्म पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. इस जगह पर गर्भवती स्त्री, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों का जाना भी मना है.
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4. सार्पोरेंक्स (फ़्रांस): फ़्रांस के दक्षिण पश्चिम में स्थित यह एक गाँव है. 13 फरवरी 2008 को तत्कालीन महापौर ‘गेरार्ड लालने’ ने एक नगरपालिका आदेश जारी किया जिसमें यह आदेश था कि लोग इस नगरपालिका क्षेत्र में आने वाले कब्रिस्तान में मरेंगे नही अर्थात मरने से पहले उन्हें किसी और जगह में जाना होगा. उसने यह आदेश इसलिए जारी किया था क्योंकि इस गाँव के कब्रिस्तान में बहुत भीड़ हो गयी थी. इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का भी प्रावधान था. यहाँ पर एक कोर्ट ने भी लोगों को अपनी निजी जमीन को भी कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.
5. सेलिया (इटली): दक्षिणी इटली में स्थित इस शहर में रहने वाले अधिकत्तर लोगों की उम्र 65 वर्ष से अधिक हैं और यहाँ पर कुल जनसँख्या केवल 537 लोगों की है. इस शहर की जनसख्या को घटने से बचाने के लिए शहर के मेयर ने फैसला सुनाया कि इस शहर में किसी को भी बीमार या मरने की आजादी नही है.दरअसल इस आदेश का मकसद लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने एवं स्वयं का ख्याल रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. जो कोई निवासी वार्षिक जांच नहीं कराता है उसे जुर्माना भरना पड़ता है.
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6. लैंजारोन, स्पेन: वर्ष 1999 में, दक्षिणी स्पेन के इस शहर के महापौर को शहर में कब्रिस्तान की कमी का सामना पड़ा तो उसने इस समस्या से निपटने के लिए लोगों के तब तक मरने पर प्रतिबन्ध लगा दिया जब तक कि शहर में किसी नए कब्रिस्तान का निर्माण नही हो जाता है. महापौर ने लोगों को "अपने स्वास्थ्य का अत्यधिक ध्यान रखने के लिए कहा ताकि वे जल्दी मर न जाएं. इसके साथ ही जो लोग बीमार और बूढ़े थे उन्हें दूसरे शहरों में भेज दिया गया था.
इस प्रकार आपने पढ़ा कि दुनिया में ऐसे कौन से शहर हैं जहाँ पर लोगों के मरने की मनाही है अर्थात यदि लोग मरने वाले होते हैं तो उन्हें किसी दूसरे शहर में भेज दिया जाता है.
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