Asha Bhosle: मशहूर सिंगर आशा भोसले के सुपरहिट गाने, करियर और अवॉर्ड्स के बारें में पढ़ें सब कुछ
Asha Bhosle in Hindi: आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, जिससे संगीत जगत में शोक की लहर है। आठ दशकों के करियर में उन्होंने 12 हजार से अधिक गाने गाए और हर शैली में अपनी पहचान बनाई। ‘दम मारो दम’ से ‘दिल चीज क्या है’ जैसे कई सुपरहिट गीत दिए। उन्हें पद्म विभूषण सहित कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि उन्होंने आज अस्पताल में अंतिम सांस ली। डॉक्टर के मुताबिक, उनका निधन मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को किया जाएगा।
इस खबर के सामने आते ही संगीत जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। फैंस और सेलेब्स सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके निधन से इंडस्ट्री को गहरा आघात पहुंचा है और लोग उनके ठीक होने की दुआ कर रहे थे, लेकिन यह दुखद समाचार सभी को स्तब्ध कर गया।
पीएम मोदी ने किया याद
पीएम मोदी ने X पर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। वह भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाज़ों में से एक थीं। दशकों तक फैले उनके अद्भुत संगीत सफर ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनियाभर में अनगिनत दिलों को छुआ। उनकी मधुर धुनों से लेकर ऊर्जावान गीतों तक, उनकी आवाज़ में एक कालातीत जादू था। उनसे हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।'
'मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, प्रशंसकों और सभी संगीत प्रेमियों के साथ हैं। वे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे।’’
आठ दशकों से भी लंबा करियर
आशा जी ने अपने आठ दशकों से भी लंबे करियर में संगीत जगत को अमूल्य योगदान दिया। वह भारत की सबसे महान और बहुमुखी पार्श्व गायिकाओं में से एक रहीं। आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गीत गाकर विश्व स्तर पर पहचान बनाई। 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को उनकी विविधता और अलग-अलग शैलियों में महारत के लिए खास तौर पर जाना जाता है।
प्रसिद्ध मंगेशकर परिवार में जन्म
आशा भोसले का जन्म प्रसिद्ध मंगेशकर परिवार में हुआ। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक जाने-माने थिएटर कलाकार और संगीतकार थे, जबकि उनकी बहन लता मंगेशकर संगीत जगत की दिग्गज हस्ती रहीं। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में 1943 में मराठी फिल्म के लिए पहला गीत गाया। पिता के निधन के बाद कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई, जिससे उनके जीवन में संघर्ष का दौर शुरू हुआ।
करियर की शुरुआत और पहचान
1950 के दशक में वे मुंबई आईं, जहां शुरुआती दौर में उन्हें अपनी बहन लता मंगेशकर की छाया में देखा गया। हालांकि, अपनी अलग आवाज और स्टाइल के दम पर उन्होंने जल्द ही अपनी खास पहचान बना ली। 1960 के दशक में O. P. Nayyar और R. D. Burman के साथ उनकी जोड़ी ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
संगीत में विविधता
आशा भोसले ने बॉलीवुड के साथ-साथ ग़ज़ल, भजन, पॉप और शास्त्रीय संगीत में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में गाने गाए और हर शैली में अपनी अलग छाप छोड़ी। 1987 में एक दिन में 19 गाने रिकॉर्ड कर उन्होंने रिकॉर्ड भी बनाया।
सुपरहिट गाने
उनके करियर में कई यादगार और सदाबहार गीत शामिल हैं, जैसे-
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“पिया तू अब तो आजा” (Caravan, 1971)
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“दम मारो दम” (Hare Rama Hare Krishna, 1972)
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“चुरा लिया है तुमने जो दिल को” (Yaadon Ki Baaraat, 1973)
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“दिल चीज क्या है” (Umrao Jaan, 1981)
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“ये मेरा दिल” (Don)
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“राधा कैसे ना जले” (Lagaan)
प्रमुख पुरस्कार और सम्मान
आशा भोसले को उनके शानदार योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें सात सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार, दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान भी उनके नाम रहे।
आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत इतिहास में अमिट है। उनकी मधुर आवाज, बहुमुखी प्रतिभा और अद्वितीय शैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or… pic.twitter.com/SbFrzf1Meu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2026
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.