भारत के किस किले को ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है, जानें नाम

Last Updated: Jan 13, 2026, 13:34 IST

भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें  राजा-महाराजाओं का गौरवशाली इतिहास देखने को मिलता है। भारत के विभिन्न राजाओं ने अपने दौर में कई महत्त्वपूर्ण किलों का निर्माण करवाया। इस दौरान भारत में एक किला ऐसा भी है, जिसे ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है। कौन-सा है यह किला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

भारत का ऐतिहासिक किला
भारत का ऐतिहासिक किला

भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो अतीत के पन्नों में हमें भारत के कई गौरवशाली किले देखने को मिलते हैं। यह किले अपने आप में न सिर्फ वैभव का प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय इतिहास के एक समृद्ध दौर को भी दर्शाते हैं, जिस दौरान निवास और विलासिता के लिए बड़े-बड़े भव्य भवनों और किलों को बनाया जाता था।

आपने इतिहास में कई किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में एक किला ऐसा भी है, जिसे ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है। क्या है इसके पीछे की वजह, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

किस किले को कहा जाता है ‘जमीन का जेवर’

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर किस किले को ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि राजस्थान के बीकानेर में स्थित जूनागढ़ किले को ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है। 

क्यों कहा जाता है ‘जमीन का जेवर’

अब सवाल है कि आखिर वे क्या कारण हैं, जिस वजह से जूनागढ़ किले को ‘जमीन का जेवर’ भी कहा जाता है। आइए समझते हैंः

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पहाड़ी पर नहीं जमीन पर मौजूद

राजस्थान में सुरक्षा के लिए कई किलों का निर्माण अरावली पर्वत की पहाड़ियों पर किया गया है। इसमें चितौड़गढ़ का किला और कुंभलगढ़ का किला शामिल है। वहीं, इनके विपरित यह किला किसी पहाड़ी पर नहीं, बल्कि जमीन पर बना हुआ है। किले के चारों ओर एक गहरी खाई बनाई गई थी, जो कि युद्ध के समय पानी से भर दी जाती थी। किले की शिल्पकारी और भव्यता इतनी सुंदर है कि यह जमीन पर किसी जेवर की तरह लगता है।

नक्काशी के लिए जाना जाता है किला

किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर का उपयोग कर किया गया है। इन पत्थरों पर बहुत ही बारीक नक्काशी की गई है, जो कि बहुत ही शानदार लगती है। नक्काशी देखने पर यह पत्थर नहीं, बल्कि लकड़ी की नक्काशी लगती है। ऐसे में इस वजह से किले को जेवर की उपाधि दी गई है।

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किले में बनाए गए हैं महल

यह किला उस समय रेगिस्तानी इलाके में हुआ करता था। ऐसे में गर्मी के मौसम में बारिश का अहसास कराने के लिए किले में बादल महल बनाया गया है, जिसमें बिजली कड़कने और बारिश के चित्रों को बनाया गया था। वहीं, किले का अनूप महल भी खास है, जिसमें सोने की कलम से काम किया गया है।

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किले का रहा अपराजेय इतिहास

किले का इतिहास उठाकर देखें, तो इसका इतिहास अपराजेय रहा है। हालांकि, एक बार मुगल शासक हुमायूं के भाई कामरान ने इस किले पर कब्जा कर लिया था, लेकिन वह सिर्फ एक ही दिन यहां रहा था। 

किले में मौजूद है वास्तुकला का मिश्रण

यह किला सिर्फ एक ही शैली में नहीं बना है, बल्कि यहां राजपूताना, मुगल, गुजराती और यूरोपीय वास्तुकला का भी मिश्रण देखने को मिलता है। आज भी इस किले में उस समय की आधुनिक लिफ्ट रखी हुई है। वहीं, किले में महाराजा गंगा सिंह को ब्रिटिश से उपहार में मिला प्रथम विश्व युद्ध में इस्तेमाल हुआ हवाई जहाज भी है, जो कि आकर्षण का केंद्र है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 13, 2026, 13:34 IST

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