भारत में सर्वाधिक बुर्जों वाला किला कौन-सा है, यहां जानें
भारत में आपने अलग-अलग किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में सर्वाधिक बुर्जों वाला किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है, जो कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, अनूठी परंपराओं और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। यहां के इतिहास में किलों का भी विशेष महत्त्व है। देश के अलग-अलग राज्यों में आपको अलग-अलग किले देखने को मिलेंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में सर्वाधिक बुर्जों वाला किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्या होता है बुर्ज
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर बुर्ज क्या होता है। आपको बता दें कि बुर्ज एक अरबी भाषा का शब्द है। प्राचीन काल में किले की दीवार के किनारे या फिर दीवार के मध्य में बुर्ज बनाए जाते थे। ये आकार में गोल होते हैं और दीवार से थोड़े बाहर निकले हुए होते हैं। हिंदी में इन्हें गरगज या गुर्जा कहा जाता है, जबकि अंग्रेजी में इन्हें Bastion कहा जाता है।
बुर्ज का क्या उपयोग होता था
बुर्ज का उपयोग किले की सुरक्षा और निगरानी के लिए किया जाता था। किले की दीवार में यह वह जगह होती थी, जहां पर सैनिकों को आश्रय मिलता था और वह तोप व हथियार रखते थे। आक्रमण के समय सैनिक यहां छीपकर हथियार भी चलाते थे। साथ ही, यह सैनिकों को बारिश और धूप से भी बचाता था। आधुनिक काल में इसे ऊंची बिल्डिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे- बुर्ज खलीफा, जो कि दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग है।
सबसे अधिक बुर्जों वाला किला कौन-सा है
अब सवाल है कि सबसे अधिक बुर्जों वाला किला कौन-सा है, तो आपक बता दें कि सबसे अधिक बुर्जों वाला किला राजस्थान का सोनारगढ़ किला है। यह किला जैसलमेर में है, जिसे जैसलमेर का किला भी कहा जाता है।
किले में कितने बुर्ज हैं
इस किले के चारों ओर दीवार की घेराबंदी की गई है, जिसमें कुल 99 बुर्ज बनाए गए हैं। ये बुर्ज पीले बलुआ पत्थर से बनाए गए हैं। ऐसे में जब सूर्य की किरण इन बुर्जों पर पड़ती है, तो यह किला सोने की तरह चमकता है और इस वजह से इसे सोनारगढ़ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि इन बुर्जों का निर्माण 1633 से 1647 के बीच किया गया था, जिससे किले को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
किसने करवाया था निर्माण
जैसलमेर का किला थार रेगिस्तान में त्रिकुटा पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले का निर्माण 1155 ईस्वी में भाटी राजपूत रावल जैसल ने की थी। यह किला आज भी उन जीवंत किलो में गिना जाता है, जिसकी चाहरदीवारी के अंदर एक बड़ी आबादी रहती है। साल 2013 में UNESCO द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.