उत्तर वैदिक काल में इन नामों से जाना जाता था उत्तर प्रदेश, यहां जानें

Mar 18, 2025, 13:46 IST

उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए विश्व विख्यात है। क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश को उत्तर वैदिक काल में किस नाम से जाना जाता था, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

उत्तर वैदिक काल में यूपी के नाम
उत्तर वैदिक काल में यूपी के नाम

उत्तर भारत में स्थित उत्तर प्रदेश प्रमुख राज्यों में से एक है। यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता जाता है। यहां का गौरवशाली इतिहास इसे अन्य राज्यों से अलग बनाता है, जो कि हजारों सालों पुराना है।

अतीत के पन्नों पर गौर करें, तो प्रदेश को इतिहास में अलग-अलग नामों से जाना जाता था। इस कड़ी में उत्तर वैदिक काल के समय राज्य का नाम अलग-अलग हुआ करता था। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर उत्तर वैदिक काल में प्रदेश को किन-किन नाम से जाना जाता था। 

उत्तर प्रदेश में कुल जिले और मंडल 

उत्तर प्रदेश भारत में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। इसके अतिरिक्त यहां 351 तहसील, 17 नगर निगम, 75 नगर पंचायत, 826 सामुदायिक विकास खंड और 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायत मौजूद हैं। 

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला 

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले की बात करें, तो यह लखीमपुर खीरी है, जो कि 7680 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जिला मेंढक आकार में बने प्रसिद्ध शिव मंदिर के लिए जाना जाता है। वहीं, सबसे छोटे जिले की बात करें, तो यह हापुड़ शहर है, जो कि 660 वर्ग किलोमीटर में है। इस शहर को हम स्टील सिटी के रूप में भी जानते हैं। 

कब से कब तक था उत्तर वैदिक काल

उत्तर वैदिक काल 1000 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व तक चला। यह काल ऋग्वैदिक काल (1500 ईसा पूर्व - 1000 ईसा पूर्व) के बाद आया और इसी समय भारत में कृषि, लोहे के उपयोग, सामाजिक संरचना में बदलाव और महाजनपदों के उदय जैसी महत्त्वपूर्ण घटनाएं घटीं।

इन नामों से जाना जाता था उत्तर प्रदेश 

-कुरु जनपद (आधुनिक मेरठ, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्र)

कुरु जनपद सबसे प्रमुख था और इसकी राजधानी इंद्रप्रस्थ (आधुनिक दिल्ली) या हस्तिनापुर (मेरठ के पास) थी। इसे वैदिक संस्कृति का केंद्र माना जाता था।

-पांचाल जनपद (आधुनिक बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, कन्नौज)

उस समय यह विद्या और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था। साथ ही,ऋषि याज्ञवल्क्य और शांडिल्य जैसे विद्वानों का संबंध इसी क्षेत्र से था।

-कोसल जनपद (आधुनिक अयोध्या, फैजाबाद, गोंडा, बहराइच)

यह क्षेत्र आगे चलकर भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या के रूप में प्रसिद्ध हुआ। इसकी राजधानी की बात करें, तो यह श्रावस्ती और अयोध्या थी।

-काशी जनपद (आधुनिक वाराणसी और आसपास का क्षेत्र)

यह क्षेत्र धार्मिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हुआ करता था। वाराणसी को ज्ञान और शिक्षा का केंद्र माना जाता था।

-विदेह जनपद (आंशिक रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के मिथिला क्षेत्र में फैला था)

इसका संबंध ऋषि याज्ञवल्क्य और मिथिला के जनक राजाओं से हुआ करता था।

पढ़ेंः उत्तर प्रदेश के किस जिले को कहा जाता है ‘सुहाग नगरी’, जानें

 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com
... Read More

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News