जानें आयनिक यौगिक (Ionic Compound) कैसे बनते हैं?

आयनिक यौगिकों (Ionic compounds) को इलेक्ट्रोवैलेंट यौगिकों (electrovalent compounds) के रूप में भी जाना जाता है. एक परमाणु (Atom) के द्वारा दूसरे परमाणु पर इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण (Transfer of electron) के कारण बनने वाले रासायनिक बांड (Chemical bond) को आयनिक बांड (Ionic bond) कहते है. इन यौगिकों में आयन (ion) होते हैं. इस लेख के माध्यम से अध्ययन करेंगे कि आयनिक यौगिक क्या होते है, उदाहरण के साथ सीखेंगे की यह कैसे बनते है आदि.
Jan 18, 2018 18:40 IST
    How Ionic Compounds are formed?

    एक परमाणु (Atom) के द्वारा दूसरे परमाणु पर इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण (Transfer of electron) के कारण बनने वाले रासायनिक बांड (Chemical bond) को आयनिक बांड (Ionic bond) कहते है. इसे इलेक्ट्रोवैलेंट बांड के रूप में भी जाना जाता है और आयनिक बांड युक्त यौगिकों को आयनिक यौगिक भी कहा जाता है. इसलिए, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि आयनों से आयनिक यौगिक बनते हैं.
    जब एक धातु (metal) एक अधातु (non metal) के साथ प्रतिक्रिया करता है तो वे आयनिक बांड (Ionic bond) बनाते हैं तथा बनने वाला यौगिक (compound) आयनिक यौगिक (Ionic compound) कहलाता है. धातु की अधातु के साथ प्रतिक्रिया के फलस्वरूप दोनों एक दूसरे के साथ इलेक्ट्रोस्टैटिक फोर्स के आकर्षण (Electrostatic force of attraction) से बंध जाते हैं, ऐसे बांड को रासायनिक बांड (Chemical bond) कहते हैं.
    आयनिक यौगिक (Ionic Compound) कैसे बनते हैं?
    उधाहरण के लिए: सोडियम धातु स्थाई इलेक्ट्रॉनिस विन्यास (Electronic configuration) प्राप्त करने के लिय हमेशा बाहरी कक्षा (outermost orbit) में 8 इलेक्ट्रॉन (electron) पूरा करना चाहता है. चूँकि सोडियम की बाहरी कक्षामें एक इलेक्ट्रॉन है, अत: सोडियम एक इलेक्ट्रॉन आसानी से खो (loose) सकता है, अत: सोडियम अपनी बाहरी कक्षा से (Outermost orbit) एक इलेक्ट्रॉन खोकर सोडियम आयन (sodium ion, Na+) बनाता है जो कि धनावेशित (positively charged) होता है.
    दूसरी ओर क्लोरीन जिसकी बाहरी कक्षा (outermost orbit) में सात इलेक्ट्रॉन है, स्थाई इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Stable electronic configuration) पाने के लिये हमेशा 8 इलेक्ट्रॉन पूरा करने के लिये एक इलेक्ट्रॉन पाने (gain) के लिये तत्पर रहता है.

    How Ionic Compounds are formed

    Source:www.eweb.furman.edu.com

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    अत: सोडियम क्लोराईड (Sodium chloride) बनाने के क्रम में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोता है तथा उसे क्लोरीन को स्थानांतरित (Transfer) कर देता है. सोडियम द्वारा एक इलेक्ट्रॉन खोने से इसकी बाहरी कक्षा (Outermost orbit) में 8 इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं वहीं दूसरी ओर एक इलेक्ट्रॉन पाने से क्लोरीन की बाहरी कक्षा में भी 8 इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं तथा दोनों परमाणु स्थाई (stable) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (electronic configuration) प्राप्त कर लेते हैं.
    एक इलेक्ट्रॉन खोने के कारण सोडियम पर एक धन आवेश (positive charge) आ जाता है तथा एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने के कारण क्लोरीन पर एक ॠण आवेश (negative charge) आ जाता है. उसके बाद सोडियम आयन (sodium ion, Na +) तथा क्लोरीन आयन (chloride ion, Cl–) के योग के कारण सोडियम क्लोराईड (NaCl) बनता है. सोडियम आयन (sodium ion, Na +) का एक धन आवेश (positive charge) तथा क्लोरीन आयन (chloride ion, Cl–) का एक ॠण आवेश (negative charge) मिलकर सोडियम क्लोराईड (sodium chloride, NaCl) को वैद्युत (electrically) रूप से उदासीन (neutral) बना देते हैं.
    चूँकि सोडियम क्लोराईड दो आयन के मिलने से बनता है अत: इसमें उपस्थित बांड आयनिक बांड या इलेक्ट्रोवैलेंट बांड (electrovalent bond) कहलाता है. तथा सोडियम क्लोराईड आयनिक या इलेक्ट्रोवैलेंट (electrovalent) यौगिक (compound) कहलाता है.
    इसी प्रकार कैल्शियम क्लोराईड (calcium chloride, CaCl2), कैल्शियम ब्रोमाईड (Clacium Bromide, CaBr2),मैग्निशिय ब्रोमाईड (Magnesium Bromine, MgBr2) आदि आयनिक यौगिक बनते हैं.
    उपरोक्त लेख से हमने सिखा कि आयनिक यौगिक क्या होते है और उदाहरण की मदद से देखा की यह कैसे बनते हैं.

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