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पूरी दुनिया में अमरूद का सबसे बड़ा उत्पादक देश, जानें नाम

Last Updated: Sep 2, 2025, 15:38 IST

इंडोनेशिया दुनिया में अमरूदों का सबसे बड़ा उत्पादक है। वहीं, दुनिया के कुल अमरूद उत्पादन में भारत का सबसे बड़ा हिस्सा है। अमरूद उगाने वाले टॉप देशों और भारत की मुख्य किस्मों के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ते रहें। यह भी जानें कि अमरूद इतना ज्यादा उगाया जाने वाला फल कैसे बना।

दुनिया का सबसे बड़ा अमरूद उत्पादक देश
दुनिया का सबसे बड़ा अमरूद उत्पादक देश

इंडोनेशिया दुनिया में अमरूदों का नंबर एक उत्पादक है। वहीं, यह पोषक तत्वों से भरपूर फल भारत के कई राज्यों में उगाया जाता है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सबसे बड़े उत्पादक हैं। भारत में अमरूद की खेती की जड़ें परंपराओं से जुड़ी हैं। हालांकि, खेती के आधुनिक तरीकों ने भी इसकी पैदावार और क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद की है।

यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि भारत अमरूद की खेती में दुनिया में सबसे आगे क्यों है और यह साधारण-सा फल सेहत, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में कैसे एक अहम भूमिका निभाता है।

दुनिया में अमरूद का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन-सा है?

इंडोनेशिया दुनिया में अमरूद का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। वहीं, भारत के सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। दुनिया के कुल अमरूद उत्पादन में इसका 25% से ज्यादा का योगदान है।

उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की अच्छी उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और साल भर खेती के तरीकों की वजह से भारत अमरूद की खेती में एक पावरहाउस बन गया है। भारत की कुछ सबसे लोकप्रिय अमरूद की किस्मों में इलाहाबादी सफेदा, ललित और लखनऊ 49 शामिल हैं। ये अपनी मिठास, खुशबू और औषधीय गुणों के लिए जानी जाती हैं। इन्हें न केवल देश में इस्तेमाल के लिए उगाया जाता है, बल्कि मिडिल ईस्ट और एशिया के देशों में भी भेजा जाता है।

भारत में कितने अमरूदों का उत्पादन होता है?

2023–2024 के कृषि आंकड़ों के अनुसार, भारत हर साल 17 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा अमरूदों का उत्पादन करता है। अमरूद की खेती बारिश पर निर्भर और सिंचाई वाले, दोनों तरह के हालातों में की जाती है। इस वजह से यह एक बहुत ही अनुकूल फल है।

भारत में अमरूद की फसल मुख्य रूप से गर्मी और सर्दी, दो मौसमों में काटी जाती है। इसे कच्चा खाया जाता है और इसका इस्तेमाल जूस, जैम, जेली बनाने और पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचारों में भी बड़े पैमाने पर होता है। अमरूद को "सुपर फ्रूट" के रूप में भी जाना जाता है। यह विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।

दुनिया के टॉप 5 अमरूद उत्पादक देश

रैंक

देश

सालाना उत्पादन (मिलियन टन में)

1

इंडोनेशिया

26.3

2

ईरान

4.1

3

चीन

4.0

4

ताइवान

3.8

5

फिलिस्तीन

2.8

इंडोनेशिया

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा अमरूद उत्पादक देश है और यह बाकी देशों से काफी आगे है। यहां हर साल लगभग 26.3 मिलियन टन अमरूद की पैदावार होती है। यहां की उष्णकटिबंधीय जलवायु और उपजाऊ ज्वालामुखी मिट्टी के कारण देश के लगभग सभी हिस्सों में अमरूद की अच्छी पैदावार होती है। यह फल बड़े फार्मों और छोटे घरेलू बगीचों, दोनों में उगाया जाता है। इसे ताजा खाया जाता है या स्थानीय जूस और पारंपरिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है। इंडोनेशिया के घरों में अमरूद एक आम फल है। इसे इम्युनिटी बढ़ाने और पाचन को ठीक रखने में मदद करने के लिए जाना जाता है।

ईरान

ईरान अमरूद के उत्पादन में दुनिया में दूसरे स्थान पर है। यहां हर साल लगभग 4.1 मिलियन टन का उत्पादन होता है। ईरान अपनी शुष्क जलवायु के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां होर्मोजगन और सिस्तान-बलूचिस्तान जैसे दक्षिणी उपोष्णकटिबंधीय इलाकों में अमरूद उगाया जाता है। देश ने सूखे इलाकों में फलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि से जुड़ी नई तकनीकों में निवेश किया है। ईरान में अमरूद का इस्तेमाल जूस, सूखे स्नैक्स और प्राकृतिक उपचारों में किया जाता है। इसे विटामिन से भरपूर होने के कारण पसंद किया जाता है।

चीन

चीन अमरूद का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहां सालाना लगभग 4.0 मिलियन टन का उत्पादन होता है। अमरूद की खेती मुख्य रूप से ग्वांगडोंग, गुआंग्शी और हैनान जैसे दक्षिणी प्रांतों में होती है। यहां की गर्म और नमी वाली जलवायु फलों की खेती के लिए बहुत अच्छी है। चीन में अमरूद को ताजा खाने के अलावा चाय, डेजर्ट और पारंपरिक चीनी दवाओं में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे पाचन में मदद करने और शरीर से गंदगी निकालने के लिए जाना जाता है।

ताइवान

ताइवान में हर साल करीब 3.8 मिलियन टन अमरूद का उत्पादन होता है। यह अपनी अच्छी क्वालिटी, कुरकुरी और हल्की मीठी किस्मों के लिए जाना जाता है। ताइवान में अमरूद एक लोकप्रिय स्नैक है। इसे अक्सर सड़कों पर टुकड़ों में काटकर प्लम पाउडर के साथ बेचा जाता है। ताइवान के किसानों ने खेती की बेहतर तकनीकें विकसित की हैं। इस वजह से यह देश एशिया में प्रीमियम क्वालिटी वाले अमरूद का एक बड़ा निर्यातक बन गया है। देश की कृषि अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक खान-पान की संस्कृति में अमरूद की एक अहम भूमिका है।

फिलिस्तीन

इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर फिलिस्तीन है, जहां हर साल अनुमानित 2.8 मिलियन टन अमरूद का उत्पादन होता है। पानी की कमी और जमीन पर पाबंदियों जैसी चुनौतियों के बावजूद, फिलिस्तीनी किसान पारंपरिक और टिकाऊ तरीकों का उपयोग करके अमरूद की खेती करते हैं। यह फल मुख्य रूप से गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक जैसे इलाकों में उगाया जाता है। यह वहां की स्थानीय संस्कृति से गहराई से जुड़ा है। इसे भोजन के रूप में और जमीन से जुड़ाव के प्रतीक के तौर पर भी देखा जाता है।

और कौन-से देश अमरूद उगाते हैं?

अमरूद के अन्य बड़े उत्पादकों में ब्राजील, वियतनाम, मैक्सिको और मिस्र शामिल हैं। इन देशों में उष्णकटिबंधीय या उपोष्णकटिबंधीय जलवायु है, जो अमरूद की खेती के लिए अच्छी होती है। ब्राजील और मैक्सिको ताजा अमरूद उगाने के साथ-साथ उसे जूस और पल्प में बदलकर दूसरे देशों को भेजने पर भी ध्यान देते हैं।

अमरूद के बारे में कुछ हैरान करने वाली बातें

-अमरूद में संतरे से चार गुना ज्यादा विटामिन C होता है। सिर्फ एक अमरूद आपकी रोज की विटामिन C की 200% से ज्यादा जरूरत पूरी कर सकता है।

-कई फलों के विपरीत, अमरूद के बीज खाए जा सकते हैं और ये फाइबर का एक अच्छा स्रोत हैं। ये पाचन में भी मदद करते हैं और कब्ज को रोकने में सहायक हो सकते हैं।

-अच्छी जलवायु में अमरूदों की खेती और कटाई साल में कई बार की जा सकती है। यह अमरूद की खेती को छोटे किसानों के लिए एक फायदेमंद विकल्प बनाता है।

-अमरूद की पत्ती की चाय का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। यह भी माना जाता है कि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है।

-भारत और थाईलैंड अमरूद और इससे बने प्रोडक्ट्स को दुनिया भर के 30 से ज्यादा देशों में भेजते हैं। अमरूद का गूदा (पल्प), रस (नेक्टर) और जैम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खास तौर पर लोकप्रिय हैं।

-अमरूद अंदर से अलग-अलग रंगों के होते हैं - सफेद, गुलाबी या लाल। हर एक का अपना अलग स्वाद और इस्तेमाल होता है। गुलाबी अमरूद ज्यादा मीठे होते हैं और अक्सर डेजर्ट में इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि सफेद वाले ज्यादा कुरकुरे और कम मीठे होते हैं।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 2, 2025, 15:38 IST

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