मुगल सम्राट अकबर के अनेक नाम और उपाधियाँ: जानें उनके गहरे अर्थ
यह लेख मुगल सम्राट अकबर के विभिन्न नामों और उपाधियों पर प्रकाश डालता है, उनके अर्थों की व्याख्या करता है। इसमें उनके वास्तविक नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर और राज्याभिषेक के बाद जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर बनने का उल्लेख है। शाही उपाधियाँ जैसे "जिल्लिल्लाह" और "इमाम-ए-आदिल" भी बताई गई हैं। अकबर महान और जगत गुरु जैसे लोकप्रिय नाम उनके व्यक्तित्व और धार्मिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
भारत में यदि मुगलों के कुल शासन की बात करें, तो यह 1526 से शुरू हुआ और 1857 में जाकर समाप्त हो गया। इस प्रकार मुगलों ने भारत में करीब 331 सालों तक राज किया। इन वर्षों में मुगलों के करीब 20 शासक रहे हैं, जिनमें अकबर सबसे प्रमुख और महान शासक के तौर पर जाने जाते हैं। अकबर को उनके व्यक्तित्त्व, धार्मिक दृष्टिकोण और कार्यों के लिए अलग-अलग नामों से जाना जाता था। इन नामों में जलाल, शहांशाह, अरश-आशियानी और जिल्लिलाह आदि नाम शामिल थे। क्या था इन नामों का मतलब, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्या था अकबर का वास्तविक नाम
अकबर के वास्तविक नाम की बात करें, तो अकबर का नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर था। उनके राज्याभिषेक के समय उन्हें जलालुद्दीन की उपाधि मिली, जिसके बाद वह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर नाम से जाने गए। यहां जलालुद्दीन का मतलब धर्म का प्रताप होता है।
अकबर को मिली शाही उपाधियां
मुगल परंपरा में शासकों को बहुत लंबी उपाधियां दी जाती थीं। अकबर को मिली उपाधि इस प्रकार हैः
"अल-सुल्तान अल-आजम वल खाकान अल-मुकर्रम, इमाम-ए-आदिल, सुल्तान-उल-इस्लाम कफ्फात अल-अनाम, अमीर-उल-मोमिनीन, जिल्लिल्लाह।"
अब हम इसमें उपयोग किए गए शब्दों को समझ लेते हैंः
इमाम-ए-आदिल: इसका अर्थ न्यायप्रिय नेता होता है। इस उपाधि को उन्होंने 1579 के 'मजहर' के बाद धारण किया था।
-जिल्लिल्लाह- इसका अर्थ ईश्वर की छाया से है।
-शहंशाह- इसके अर्थ की बात करें, तो इसका अर्थ राजाओं का राजा से होता है।
अकबर के लोकप्रिय नाम
अकबर महान-अकबर शब्द का अरबी भाषा में अर्थ सबसे महान होता है। ऐसे में उनके नाम के पीछे भी महान भी लिखा जाता था।
-जगत गुरु-अकबर का धार्मिक दृष्टिकोण काफी उदार था और विद्वानों के सम्मान के कारण उन्हें कुछ समूह ने जगत गुरु भी कहा।
-अरश-आशियानी-अकबर को यह नाम उनकी मृत्यु के बाद मिला। मुगल इतिहासकारों ने उन्हें यह नाम दिया, जिसका अर्थ होता है, वह, जो स्वर्ग में निवास करता हो।
बचपन में इस नाम से पुकारे जाते थे अकबर
अकबर के बचपन के नाम की बात करें, तो उन्हें बचपन में जलाल नाम से पुकारा जाता था। बाद में जब उन्होंने शासन की गद्दी संभाली, तो उन्हें शाही दरबार में शहंशाह कहा गया, जबकि परिवार के लोग उन्हें जलाल कहकर ही पुकारा करते थे। आपको बता दें कि अकबर को उनकी धार्मिक नीतियों और रहम दिली के लिए जाना था।
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