ओलंपिक में रेसलर के वजन को लेकर क्या है नियम, कब होती है जाँच, जानें सब कुछ
पेरिस ओलंपिक में भारत के भारतीय खेल प्रेमियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब 50 किलोग्राम महिला कुश्ती इवेंट से विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया. फोगाट का मुकाबला संयुक्त राज्य अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांड्ट से स्वर्ण पदक के लिए होना था. यहां हम ओलंपिक में रेसलिंग में बनाये गए नियमों के बारें में जानेंगे. साथ ही यहां हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि अब 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों का फैलसा कैसे होगा.
पेरिस ओलंपिक में भारत के भारतीय खेल प्रेमियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब 50 किलोग्राम महिला कुश्ती इवेंट से विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया. फोगाट का मुकाबला संयुक्त राज्य अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांड्ट से स्वर्ण पदक के लिए होना था.
बता दें कि फोगाट ने क्यूबा की युसनेलिस गुज़मैन लोपेज़ को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक मैच में अपनी जगह बनाई थी. यहां हम ओलंपिक में रेसलिंग में बनाये गए नियमों के बारें में जानेंगे. साथ ही यहां हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि अब 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों का फैलसा कैसे होगा.
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कैसे होगा गोल्ड सिल्वर और ब्रॉन्ज का फैसला:
फाइनल से विनेश के अयोग्य घोषित किये जाने के बाद, गोल्ड मेडल मैच सारा एन हिल्डेब्रांड्ट और युसनेयलिस गुज़मैन लोपेज (क्यूबा) के बीच होगा, बता दें कि गुज़मैन वहीं रेसलर है जिन्हें हराकर विनेश फाइनल में पहुंची थी. बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम पर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने एक प्रेस रिलीज़ की है जिसमें इसके बारें में बताया गया है. जिसे आप नीचे देख सकते है.
प्रेस रिलीज़ में बताया गया कि 50 किग्रा के फाइनल में प्रमोट युसनेयलिस गुज़मैन लोपेज (क्यूबा) को प्रमोट किया गया है और वह फाइनल में सारा हिल्डेब्रांट (यूएसए) से मुकाबला करेंगी.
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती नियमों के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि-
(a) यदि कोई एथलीट वजन मापने में उपस्थित नहीं होता है या विफल रहता है (पहले या दूसरे वजन मापने में), तो उसे प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा और अंतिम स्थान पर रखा जाएगा, बिना किसी रैंक के.
(b) "यदि कोई (या अधिक) एथलीट जो रिपेचेज और/या फाइनल के लिए योग्य होते हैं, वजन मापने में उपस्थित नहीं होते या विफल रहते हैं, तो वे एथलीट जो सफलतापूर्वक दूसरे वजन मापने में उत्तीर्ण होते हैं, अपने भाग में अगले दौर में जाएंगे.
इन नियमों के तहत, गुज़मैन स्वर्ण मैच सारा के खिलाफ खेलेंगी जिस कारण जबकि 50 किग्रा में रेपेचेज का एक राउंड कम होगा और विनेश के परिणाम अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे. वहीं 50 किग्रा कांस्य पदक मुकाबला युई सुसाकी (जेपीएन) और ओक्साना लिवाच (यूकेआर) के बीच होगा.
कितने वर्ग में होता है ओलंपिक रेसलिंग का आयोजन:
ओलंपिक कुश्ती वजन वर्ग कुल मिलाकर 18 वजन वर्ग हैं, जिनमें से प्रत्येक ग्रेको-रोमन, पुरुषों की फ्रीस्टाइल और महिलाओं की फ्रीस्टाइल कुश्ती के लिए छह-छह हैं.
पुरुषों की फ्रीस्टाइल: 57किग्रा, 65किग्रा, 74किग्रा, 86किग्रा, 97किग्रा, 125किग्रा
महिलाओं की फ्रीस्टाइल: 50किग्रा, 53किग्रा, 57किग्रा, 62किग्रा, 68किग्रा, 76किग्रा
ग्रेको-रोमन: 60किग्रा, 67किग्रा, 77किग्रा, 87किग्रा, 97किग्रा, 130किग्रा
भार वर्ग ने बना रहना होता है रेसलर को:
बता दें कि ओलंपिक कुश्ती वजन नियम कुश्ती प्रतियोगिता के दोनों दिनों पर पहलवानों का वजन किया जाता है और उन्हें अपने वजन वर्ग के भीतर ही रहना होता है. अन्यथा उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाता है. जैसा की विनेश फोगाट के केस में हुआ.
क्यों अयोग्य घोषित हुई विनेश:
विनेश फोगाट ने मंगलवार के मुकाबलों के लिए वजन सीमा को पार कर लिया था, लेकिन उन्हें प्रतियोगिता के दोनों दिनों के लिए अपने वजन वर्ग के भीतर ही रहना था. मिली ख़बरों के अनुसार, वह मंगलवार रात को लगभग 2 किलो अधिक थीं. उन्होंने पूरी रात दौड़, स्किपिंग और साइकिल चलाने के बावजूद अंतिम 100 ग्राम कम नहीं कर सकीं. जिस कारण उन्हें गोल्ड में मेडल मैच से अयोग्य घोषित कर दिया गया.
भारत ने क्या लिया एक्शन:
भारतीय दल ने फोगाट को वजन मापदंड को पूरा करने के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया, लेकिन उनका अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया. फोगाट, जो आम तौर पर 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं, ने पहले भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना किया है और ओलंपिक क्वालिफायर के दौरान भी मुश्किल से वजन सीमा में आई थीं.
कब-कब होती है वजन की जाँच:
नियमों के अनुसार, सभी प्रतियोगिताओं के लिए, संबंधित वजन वर्ग के लिए प्रत्येक सुबह वजन माप और चिकित्सा नियंत्रण प्रक्रिया 30 मिनट तक चलती है. दूसरे दिन की सुबह केवल रिपेचाज और फाइनल में प्रतिस्पर्धा करने वाले पहलवानों को वजन माप के लिए उपस्थित होना पड़ता है, जो कि 15 मिनट तक चलता है.
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विनेश फोगाट का ओलंपिक सफ़र:
विनेश फोगाट का यह तीसरा ओलंपिक था, इससे पहले उन्होंने रियो 2016 ओलंपिक और टोक्यो 2020 में भाग लिया था जो अच्छा नहीं रहा था. लेकिन इस बार भी आखिरी समय में उनके साथ कुछ अच्छा नहीं हुआ.
| ओलंपिक | परिणाम | खेल | स्पर्धा |
| टोक्यो 2020 | # 9 | कुश्ती | महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा |
| रियो 2016 | # 10 | कुश्ती | फ्लाइवेट, फ्रीस्टाइल (≤48 किलोग्राम) |
| पेरिस 2024 | फाइनल | कुश्ती | महिला 50 किग्रा |
🇮🇳🚨 𝗔 𝗦𝗛𝗢𝗖𝗞𝗜𝗡𝗚 𝗧𝗨𝗥𝗡 𝗢𝗙 𝗘𝗩𝗘𝗡𝗧𝗦! According to ANI, in a bizarre twist of fate, Vinesh Phogat has been disqualified on the day of her Gold medal bout due to marginally exceeding the weight limit (roughly 100 grams) in the women's freestyle 50kg event.
— India at Paris 2024 Olympics (@sportwalkmedia) August 7, 2024
💔 A… pic.twitter.com/k2Adw3ojgR
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.