उत्तर प्रदेश का इकलौता जिला, जो तीन राज्यों से साझा करता है सीमा
उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। इस राज्य में सबसे अधिक जिले हैं, जिनमें कुछ जिले अलग-अलग राज्यों से अपनी सीमा साझा करते हैं। इसमें इकलौता जिला ऐसा भी है, जो कि तीन राज्यों से अपनी सीमा साझा करता है।
भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यह राज्य अपने विविध संस्कृति के लिए जाना जाता है। खास बात यह है कि यूपी पूरे देश में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि अलग-अलग राज्यों से अपनी सीमा साझा करते हैं। इनमें इकलौता जिला ऐसा भी है, जो कि अपने तीन पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा साझा करता है। इस लेख में हम इस जिले के बारे में विस्तार से जानेंगे।
तीन राज्यों से सीमा साझा करने वाला इकलौता जिला
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि तीन राज्यों से सीमा साझा करने वाला यूपी का इकलौता जिला सहारनपुर है। यह यूपी का सबसे उत्तरी जिला भी है, जो कि शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा हुआ है।
सहारनपुर से लगने वाले तीन राज्य
सहारनपुर जिला पूर्व दिशा में उत्तराखंड के देहरादून और हरिद्वार से अपनी सीमा साझा करता है। वहीं,पश्चिम दिशा में यह हरियाणा के यमुनानगर जिला से लगा हुआ है। तीसरी तरफ, उत्तर दिशा में यह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से बहुत ही छोटी सीमा साझा करता है, जो कि करीब 15 से 20 किलोमीटर की है।
सहारनपुर जिले से जुड़े प्रमुख फैक्ट्स
-सहारनपुर जिला गंगा और यमुना नदियों के बीच उपजाऊ दोआब क्षेत्र में मौजूद है।
-यह जिला पूरी दुनिया में लकड़ी पर की जाने वाली नक्काशी के लिए जाना जाता है। जिले में शीशम और सागौन की लकड़ी पर नक्काशी की जाती है। इस वजह से इस जिले को नक्काशी का शहर भी कहा जाता है।
-आपको बता दें कि इतिहास का देवबंद आंदोलन भी सहारनपुर में चलाया गया था, जिसे हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल माना जाता है।
-सहारनपुर जिला लकड़ी के अलावा बासमती चावल, आम और लीची के लिए बहुत प्रसिद्ध है।
-यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अक्सर लोग सहारनपुर और सोनभद्र को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। सहारनपुर 3 राज्यों से अपनी सीमा साझा करता है, जबकि सोनभद्र 4 राज्यों से अपनी सीमा साझा करता है, जिनमें बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और झारखंड शामिल है। यह भी यूपी का इकलौता जिला है, जो कि चार राज्यों के साथ अपनी सीमा साझा करता है।
-सहरानपुर जिले से आसानी से शिवालिक पहाड़ियों को देखा जा सकता है।
-आपको बता दें कि सहारनपुर का नाम प्रसिद्ध सूफी संत शाह हारून चिश्ती के नाम पर पड़ा था। 1340 में उनका यहां पर निवास हुआ करता था, जिसके बाद यहां नए शहर की स्थापना की गई और उनके नाम पर ही शहर का नाम शाहारुनपुर हो गया, जो कि बाद में बदलकर सहारनपुर हो गया।
यूपी के चार दिशाओं के चार जिले
आपको बता दें कि यूपी का सबसे पूर्वी जिला बलिया है, तो सबसे पश्चिमी जिला शामली है। वहीं, सबसे दक्षिणी जिला सोनभद्र है, तो सबसे उत्तरी जिला सहारनपुर है। पूर्व दिशा से पश्चिम तक यूपी की कुल लंबाई 650 किलोमीटर और उत्तर से लेकर दक्षिण तक यूपी की कुल लंबाई 240 किलोमीटर है।
यूपी में कुल तहसील, ग्राम पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद्
यूपी में कुल ग्राम पंचायतें: लगभग 58,213
-विकास खंड: 826 / 827
-कुल जिले: 75
-कुल तहसील: 351
-कुल नगर निगम: 17
-कुल नगर पालिका परिषद: 200
-कुल नगर पंचायत: 545
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यह बात हम सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का पहले उत्तर-पश्चिम प्रांत नाम के नाम से जाना जाता था। इससे पहले यह आगरा एवं अवध संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था। अंग्रेजों ने 1856 में अवध का विलय अंग्रेजी हुकूमत में कर लिया था। आपको बता दें कि अंग्रेजी शासक लॉर्ड डलहॉजी का अवध को लेकर एक फेमस कथन रहा है। लॉर्ड डलहौजी ने 1851 में अवध की रियासत के बारे में कहा था:'यह एक ऐसा चेरी (फल) है, जो एक दिन हमारे ही मुंह में आकर गिरेगी।' इस कथन को लेकर अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं।
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