किस पेड़ को कहा जाता है ‘जीवन का पेड़’, जानें यहां
पेड़ों को जीवन का रक्षक कहा जाता है। हालांकि, कुछ पेड़ ऐसे हैं, जिन्हें ‘जीवन का पेड़’ ही कहा जाता है। यह खिताब पेड़ को अत्याधिक पोषक, बीमारियों के इलाज और पीनी की सफाई की गुणवत्ता की वजह से दिया गया है।
पेड़ों को हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। हर सांस के लिए पेड़ जरूरी है, क्योंकि इनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यही वजह है कि विभिन्न सिविक एजेंसियों से लेकर संस्थाएं पेड़ लगाने पर अधिक केंद्रित है। यूं, तो हर पेड़ जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन इनमें मुख्य रूप से सहजन और खजूर के पेड़ को जीवन का पेड़ कहा जाता है। क्योंकि, ये पेड़ अत्याधिक पोषक तत्वों, बीमारियों के इलाज व पानी की सफाई के लिए जाने जाते हैं। इस वजह से इन्हें यह खिताब दिया गया है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
सहजन या मोरिंगा का पेड़
सहजन या मोरिंगा के पेड़ को आधुनिक विज्ञान में जीवन का पेड़ कहा जाता है। क्योंकि, इसकी पत्तियों में संतरे से कहीं गुना अधिक विटामिन-सी, दूध से कहीं गुना अधिक कैल्शियम और गाजर से बहुत अधिक विटामिन-ए होता है। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि सहजन बहुत-सी बीमारियों के इलाज में उपयोगी होता है। इसकी जड़, गोंद, छाल और पत्तियां व फूल बहुत उपयोगी हैं। इन सभी का उपयोग दवाई व भोजन में किया जाता है।
पानी की सफाई के लिए जाना जाता है सहजन
आपको बता दें कि सहजन के बीजों का उपयोग दूषित पानी को साफ करने के लिए भी किया जाता है। यही वजह है कि इस पेड़ की उपयोगिता बहुत अधिक है और इसे जीवन का पेड़ भी कहा जाता है।
खजूर का पेड़
खजूर के पेड़ को भी जीवन का पेड़ कहा जाता है। हालांकि, यह अवधारणा मध्य पूर्व और रेगिस्तानी इलाको में अधिक है। क्योंकि, भीषण गर्मी और पानी की कमी की वजह से यह पेड़ फलता-फूलता और लोगों के लिए भोजन और छाया की व्यवस्था करता है। वहीं, खजूर को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और यह अधिक ऊर्जा वाला फल है।
तटीय क्षेत्रों में यह है जीवन का पेड़
आपको बता दें कि तटीय क्षेत्रों में नारियल के पेड़ को जीवन का पेड़ माना जाता है। क्योंकि, इससे पीने के लिए पानी से लेकर खाने के लिए फल और खाना बनाने के लिए तेल से लेकर घर बनाने के लिए पत्तियों तक का इंतजाम हो जाता है।
बाओबाब का पेड़
अफ्रीका के शुष्क इलाकों में इस पेड़ को 'जीवन का पेड़' कहा जाता है। क्योंकि, यह अपने तने के अंदर भारी मात्रा में पानी को जमा कर सकता है, जिससे सूखे की स्थिति में बचा जा सकता है। खास बात यह है कि इस पेड़ की आयु बहुत लंबी होती है।
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