7 वां वेतन आयोग: मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, जानें प्रमुख विशेषताएं

यूनियन कैबिनेट ने एक अहम बैठक में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया गया है. इन सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन भत्ते में 23.55% की वृद्धि की जाएगी. निश्चित ही इस कदम से केंद्रीय कर्मचारियों के बीच ख़ुशी का माहौल है क्योंकि सरकार के इस निर्णय से करीब 1 करोड़ सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों को वेतन और भत्तों में 23.55% की वृद्धि होगी.

Created On: Jun 29, 2016 14:10 IST
Modified On: Jun 29, 2016 16:01 IST

यूनियन कैबिनेट ने एक अहम बैठक में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया गया है. इन सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन भत्ते में 23.55% की वृद्धि की जाएगी. निश्चित ही इस कदम से केंद्रीय कर्मचारियों के बीच ख़ुशी का माहौल है क्योंकि सरकार के इस निर्णय से करीब 1 करोड़ सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों को वेतन और भत्तों में 23.55% की वृद्धि होगी. यह वेतन वृद्धि 01 जनवरी 2016 से प्रभावी हो जाएगा.

लगभग 900 पृष्ठों की इस रिपोर्ट को सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके माथुर, जिनकी अध्यक्षता में आयोग गठित की गई थी, ने नवंबर 2015 में वित्त मंत्री अरुण जेटली को प्रस्तुत किया था.

सातवें वेतन आयोग की मंजूरी मिलने के बाद देश भर में करीब 48 लाख कर्मचारियों और 55 लाख पेंशनभोगियों को इसका फायदा मिलेगा. बात अगर वेतन में वृद्धि की की जाये तो यह मूल वेतन का करीब 14.27% है जो एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, जो वर्तमान में न्यूनतम वेतन 7000 रुपये पाता है, वह बढ़कर अब 18,000 रुपये हो जाएगी.

7 वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद केन्द्रीय सरकार के वर्तमान मूल वेतन और बढ़े हुए मूल वेतन के बारे में पता करने के लिए नीचे दी गई तालिका पर नजर डालें.

वर्तमान मूल वेतन

बढ़ी हुई मूल वेतन

Rs 7000

Rs 18000

Rs 13500

Rs 40500

Rs 21000

Rs 63000

Rs 46100

Rs 220000

Rs 9000

Rs 250000

रिपोर्टों के अनुसार, मूल वेतन में 14.27% की वृद्धि जो पैनल द्वारा सिफारिश की गई है, यह प्रतिशत 70 साल में दर्ज किया गया सबसे कम आंकड़ा है. 2016-17 के वित्तीय वर्ष में केंद्र के कुल वेतन और भत्ते के रूप में 1.84 लाख करोड़ रुपये हुए थे जोकि 65,687 करोड़ रुपया अनुमानित था. पिछले वर्ष की तुलना में यह राशि 55% अधिक है जबकि 1.18 लाख करोड़ रुपये की गणना की गई थी.

वेतन आयोग द्वारा जल्द ही वेतन ढांचे को बदलने की पूरी संभावना है. वेतन बैंड और ग्रेड पे की प्रणाली को अब "वेतन मैट्रिक्स प्रणाली” में बदला जायेगा.

वेतन आयोग के भुगतान सम्बंधित एक सामान्य गाइड लाइन

भारत सरकार वेतन आयोग का गठन आजादी के बाद किया गया था. आयोग का मुख्य काम नागरिक और सैन्य डिवीजनों में काम कर रहे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे के बारे में सिफारिशें देने का है. इस उदेश्य की पूर्ति के लिए अब तक सात वेतन आयोग का गठन किया जा चूका है.

7 वें वेतन आयोग की घोषणा 04 फरवरी 2014 को किया गया था. न्यायाधीश एके माथुर इस आयोग के प्रमुख थे जबकि अन्य प्रमुख सदस्यों में विवेक राय, डॉ रथिन राय और मीना अग्रवाल शामिल थे.

7 वां वेतन आयोग: प्रमुख विशेषताएं

वार्षिक वेतन में 3% की वृद्धि की गई है.

एचआरए को  27%, 18% और 9% तक बढ़ा दी गई है, तो डीए 50% को पार कर चूका है साथ ही  आगे के संशोधन के अंतर्गत 30%, 20% और 10% जबकि डीए में 100% को पार कर चुकी है.

केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की जगह स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू किया गया है.

रक्षा कर्मियों के लिए ओआरओपी पेंशन योजना की शुरूआत.

पहले 365 दिनों के लिए चाइल्ड केयर लीव को वेतन का 100% किया गया है, साथ ही अगले 365 दिनों के लिए 80% किया गया है. सीसीएल एकल पुरुष माता-पिता के लिए दी जायेगी.

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