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इन खास लर्निंग और मेमोराइज़िंग टेक्निक्स से सब्जेक्ट्स रहेंगे याद

कॉलेज के दिनों में स्टूडेंट्स की लाइफ काफी बिज़ी हो जाती है और इस वजह से वे कम समय में ज्यादा से ज्यादा सब्जेक्ट्स को अच्छी तरह पढ़ना, समझना और याद करना चाहते हैं. यहां आपके लिए कुछ ऐसी खास लर्निंग और मेमोराइज़िंग टेक्निक्स पेश हैं जो आपको अपने सब्जेक्ट्स लर्न करने में काफी सहायक साबित होंगी.

Oct 25, 2019 16:39 IST
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5 Best memorization techniques for college students
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आजकल हमारे देश सहित पूरी दुनिया में विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में सिर्फ एजुकेशनल डिग्रीज़ की ही तैयारी नहीं करवाई जाती है बल्कि कई अन्य एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़, एक्स्ट्रा-क्लासेज, एंटरटेनमेंट एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स मैचेस आदि भी स्टूडेंट्स की कॉलेज और यूनिवर्सिटी लाइफ का एक अभिन्न हिस्सा बन जाते हैं. ऐसे में, जब एग्जाम के दिन पास आने लगते हैं तो स्टूडेंट्स घबरा जाते हैं और उन्हें यह बिलकुल समझ में नहीं आता है कि वे अब इतने कम दिनों में अपने फाइनल एग्जाम्स के लिए अपने कोर्स और एजुकेशनल सब्जेक्ट्स की प्रिप्रेशन कैसे करें? लेकिन अगर स्टूडेंट्स कुछ पॉइंट्स को अपने एकेडेमिक सेशन के शुरू से ही फ़ॉलो करें तो फिर एग्जाम के दिनों में उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं रहती है. इसलिए, आपको इस संकट से बचाने के लिए हमने आपके लिए सबसे ज्यादा कारगर लर्निंग और मेमोराइज़िंग टेक्निक्स की एक लिस्ट तैयार की है. एग्जाम्स के दिनों में स्टूडेंट्स के लिए ये टिप्स और ट्रिक्स बहुत मददगार साबित होंगे.

स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने क्लास लेक्चर्स सावधानीपूर्वक सुनें

यह बिलकुल सच है कि आपकी क्लास में कुछ स्टूडेंट्स बड़े ध्यान से लेक्चर्स सुनते हैं और उसी समय महत्वपूर्ण तथ्य याद कर लेते हैं. ऐसा नहीं है कि वे कोई खास सुपर मानव हैं या उनके पास कोई विशेष पावर्स हैं. वे साधारण लोग हैं जो सुनकर चीजों और तथ्यों को याद करने में बेहतर हैं. इसकी जांच करना बहुत आसन है कि आप स्वयं कुछ भी सुनकर उसे याद रखने वाले व्यक्ति हैं. केवल अपने नोट्स को अपनी आवाज में रिकॉर्ड करें और फिर उन्हें सुनें. अगर आपको अपनी आवाज सुनना पसंद नहीं है तो अपने किसी दोस्त या भाई/बहिन की आवाज में अपने नोट्स रिकॉर्ड करवा कर सुनें. जब आपको लगे कि आपको वे नोट्स अच्छी तरह याद हो गए हैं तो अपना टेस्ट लेकर देखें कि वे नोट्स आपको किस हद तक याद रह गए हैं.

स्टडी मटीरियल को लिखकर याद करें

बहुत से स्टूडेंट्स अपने पास उपलब्ध स्टडी मटीरियल को बार-बार लिख कर याद करते हैं. जब आप अपनी टेक्स्टबुक्स या रिफरेंस बुक्स में दिए गए मटीरियल को याद करने बैठते हैं तो आप कंफ्यूज हो जाते हैं या लंबी और कठिन लाइन्स और वाक्यों को याद नहीं कर पाते हैं. ऐसे मटीरियल को याद करने का एक बहुत आसान तरीका उसे अपने शब्दों में दुबारा लिखना है क्योंकि जब आप किसी विषय को अपनी भाषा में दुबारा लिखते हैं तो आप तुरंत अपने दिमाग में उस जानकारी या सूचना को कई तरीके से संसाधित और सुरक्षित कर लेते हो. चूँकि आपको पहले कोई विषय समझना होता है और फिर उसे अपने शब्दों में संजो कर अंत में लिखना होता है. जब आप काफी समय और ध्यान लगाते हैं तो आपको ज्यादा अच्छी तरह और स्पष्टता से कोई भी विषय याद हो जाता है. 

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कॉन्सेप्ट्स विजूअलाइज करने से लंबे समय तक रहते हैं याद

हमारे बीच में बहुत से लोग कल्पनाशील या विजुअल लर्नर्स होते हैं. उनके लिए, याद करने की एक बेहतरीन तकनीक अपने याद किये जाने वाले विषय की कल्पना करना/ चित्रांकन होता है. वे इसके लिए विजूअल मेथड्स जैसे चित्रांकन, कलर कोडिंग या इमेजेज बनाने की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं. आप विभिन्न विषयों के लिए कई विजुअल क्यूज भी बना सकते हैं जैसे आप अपने दिमाग में ऐतिहासिक चरित्रों के नामों को अपने दोस्तों के नामों से बदल कर इतिहास की घटनाओं को कहानी के फॉर्मेट में विजूअलाइज करें.

वर्क लोड में बनाएं बैलेंस

आजकल स्टूडेंट्स कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सब्जेक्ट्स याद करना चाहते हैं और जब आप एक ही समय पर काफी विषय सामग्री याद करने की कोशिश करते हैं तो आप सब तथ्यों को आपस में मिला देते हैं और कंफ्यूज हो जाते हैं. इससे आपकी मेहनत और समय दोनों बरबाद होते हैं क्योंकि आखिर में आपको कोई सफलता नहीं मिल पाती है. बहुत देर तक एक साथ पढ़ने के बजाय, अपने पढ़ाई के समय को छोटी- छोटी अवधि में बांटिये और प्रत्येक विषय को निर्धारित समय दें. जैसे अगर आप साइकोलॉजी के स्टूडेंट हैं और आप नींद के चक्र के विषय में पढ़ रहे हैं तो उस स्थिति में, आप अपने चैप्टर को कई छोटे टॉपिक्स में बांटें और अगले चैप्टर को पढ़ने से पहले हरेक टॉपिक को अच्छी तरह से याद कर लें.

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हरेक सब्जेक्ट के खास फ़्लैशकार्ड्स बनाना भी है जरुरी

कुछ स्टूडेंट्स एक खास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं और वह है फ़्लैशकार्ड्स का लर्निंग में इस्तेमाल करना. जी हां! फ़्लैशकार्ड्स का इस्तेमाल करना याद करने की एक बहुत बढ़िया तकनीक है लेकिन उन्हें बनाते समय आपको सावधानी बरतनी पड़ती है. अगर इन्हें ठीक तरीके से न बनाया जाये तो वे किसी काम के नहीं रहते हैं. कार्ड्स बनाते समय आपको ध्यान रखना चाहिए कि एक कार्ड पर पूरा पैराग्राफ नहीं लिखना है और सिर्फ महत्वपूर्ण शब्द या मेन पॉइंट्स ही लिखने हैं. कार्ड पर किसी विषय के बारे में लिखते समय कम से कम शब्द लिखने की कोशिश करें. असल में फ़्लैशकार्ड्स किसी विषय को याद करने और  आपकी यादाश्त को बढ़ाने के लिए क्यूज के तौर पर बहुत फायदेमंद रहते हैं. फ़्लैशकार्ड्स बनाने का तरीका यह है कि आप एक नजर में ही कार्ड में प्रस्तुत सारी जानकारी को देख सकें या फिर जैसे कि इनके नाम से प्रतीत होता है, एक ही पल/ फ़्लैश में आप कार्ड में पेश की गई जानकारी देख लें.

आखिर कौन-सा लर्निंग मेथड है सबसे बढ़िया?

अगर आप टेस्ट्स के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य लिखना भूल जाते हैं तो यह सही समय है कि आप अपने लर्निंग मेथड्स पर एक बार फिर से विचार करें. हरेक का दिमाग एक ही तरह से काम नहीं करता है. कुछ तकनीकें जो आपके दोस्त के लिए फायदेमंद साबित हुई हैं, वे आपके लिए शायद उपयोगी सिद्ध न हों. ऊपर दिए गए सभी मेथड्स के बारे में अच्छी तरह पढ़ें. प्रत्येक मेथड ट्राई करें और पता लगायें कि आपके लिए कौन-सा मेथड कारगर साबित होता है और फिर उस मेथड को अपना लें. ऐसा करने पर आपको अपने एग्जाम्स में शानदार सफलता जरुर मिलेगी.

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