Search

लाइब्रेरी साइंस विषय रख पा सकते है ढेरों सरकारी नौकरियां, जानें कौन कौन से होते है पद

विषय के रूप में लाइब्रेरी साइंस आपके लिए विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर प्रदान करता है. आज पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में ढेरों कैरियर की संभावनाएं हैं.

Nov 14, 2017 11:16 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Job Options for Bachelor in Library Science
Job Options for Bachelor in Library Science

विषय के रूप में लाइब्रेरी साइंस आपके लिए विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर प्रदान करता है. आज पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में ढेरों कैरियर की संभावनाएं हैं. लाइब्रेरी क्षेत्र में योग्य पेशेवरों को विभिन्न पुस्तकालयों और सूचना केंद्रों में नौकरी पाने की अपार सम्भावना रहती है. प्रशिक्षित पुस्तकालय पेशेवरों को शिक्षक एवं लाइब्रेरियन के रूप में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं. वास्तव में अपनी रूचि एवं पृष्ठभूमि के अनुरूप लाइब्रेरी विषय का उम्मीदवार चयन कर सकते हैं. इस प्रकार अगर आप लाइब्रेरी साइंस में बैचलर की डिग्री प्राप्त करते हैं तो आप नीचे दिए पदों के लिए योग्य माने जायेंगे-

  • लाइब्रेरी अटेंडेंट
  • लाइब्रेरी असिस्टेंट
  • सेमी-प्रोफेशनल असिस्टेंट
  • जूनियर लाइब्रेरियन/प्रोफेशनल असिस्टेंट
  • असिस्टेंट लाइब्रेरियन
  • डिप्टी लाइब्रेरियन
  • लाइब्रेरियन/चीफ लाइब्रेरियन
  • एप्लीकेशन स्पेशलिस्ट
  • कंसल्टेंट/रेफेरेंस लाइब्रेरियन
  • रिकॉर्ड मेनेजर
  • डायरेक्टर/हेड इनफार्मेशन सेंटर
  • सीनियर इनफार्मेशन एनालिस्ट
  • जूनियर इनफार्मेशन एनालिस्ट
  • सीनियर लाइब्रेरी इनफार्मेशन असिस्टेंट
  • लॉ लाइब्रेरियन
  • इंडेक्सर
  • आर्कीविस्ट

आइये अब हम आपको बताते हैं कि अगर आप लाइब्रेरी साइंस को विषय के रूप में चुनते हैं तो आपको नौकरी के अवसर कहाँ प्राप्त हो सकते हैं-

  • स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों में;
  • केंद्र सरकार के पुस्तकालयों में
  • बैंकों के प्रशिक्षण केंद्रों में
  • राष्ट्रीय संग्रहालय और अभिलेखागार में;
  • विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों में।
  • आईसीएआर, सीएसआईआर, डीआरडीओ, आईसीएसएसआर, आईसीएचआर, आईसीएमआर, आईसीएफआरई आदि जैसे अनुसंधान एवं विकास केंद्र में
  • व्यावसायिक घरों में
  • विदेशी दूतावास और उच्च आयोगों में.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनेस्को, संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व बैंक आदि जैसे अंतर्राष्ट्रीय केंद्रों में.
  • मंत्रालयों और अन्य सरकारी विभागों के पुस्तकालयों में
  • राष्ट्रीय स्तर के प्रलेखन केन्द्रों में
  • लाइब्रेरी नेटवर्क में
  • अखबार के पुस्तकालयों में
  • समाचार चैनल में
  • रेडियो स्टेशनों के पुस्तकालयों में
  • डेटाबेस प्रदाता फर्मों में
  • सूचकांक, सार, ग्रंथ सूची आदि तैयार करने के लिए प्रकाशन कंपनियों में।
  • विभिन्न डिजिटल पुस्तकालय परियोजनाओं जैसे 'भारत का डिजिटल लाइब्रेरी' आदि।
  • प्रशिक्षण अकादमी में

व्यापक ज्ञान एवं व्यापक पहुंच प्रदान करने में पुस्तकालयों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है. आज के संदर्भ में, पुस्तकालयों को दो अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के लिए - सूचना और ज्ञान के एक स्थानीय केंद्र के रूप में काम करना है, और राष्ट्रीय और वैश्विक ज्ञान के लिए एक स्थानीय प्रवेश द्वार बनना है. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने जिन कार्यों को पूरा करना अपना लक्ष्य बनाया है उनमें पुस्तकालय की महत्ता को अहम माना गया है जो इस प्रकार है-
• पुस्तकालयों की संस्थागत ढांचे;
• नेटवर्किंग;
• शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान;
• पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण और कम्प्यूटरीकरण;
• निजी और व्यक्तिगत संग्रह के रखरखाव और
• बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्मचारी की आवश्यकताएं

इसके साथ ही आयोग ने राष्ट्रीय पुस्तकालय आयोग के गठन के लिए भारत में पुस्तकालय नेटवर्क को मजबूत करने की सिफारिश की है. संस्कृति विभाग (डीओसी) ने केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में एक राष्ट्रीय मिशन पुस्तकालय (एनएमएल) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है. एनएमएल डोओसी के तहत पुस्तकालयों को कवर करेगा और इसमें शामिल गतिविधियां होंगी: पुस्तकालयों की राष्ट्रीय जनगणना; डीओसी के तहत पुस्तकालयों के नेटवर्किंग सहित आधुनिकीकरण; ज्ञान केंद्रों और डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना हाल ही में पुस्तकालयों के लिए राष्ट्रीय मिशन के तहत देश भर में इंटरनेट सुविधा के कंप्यूटर वाले 7000 पुस्तकालयों की स्थापना के लिए भी एक प्रस्ताव है.

इस प्रकार हम देखते हैं वर्तमान के साथ साथ भविष्य में भी पुस्तकालय का दायरा बढ़ने वाला है. जिसके लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भी भर्ती होगी. इस लिए भविष्य में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर में और वृद्धि होने की सम्भावना है.

आइये अब अब हम आपको बताते हैं उन कोर्सो के बारे में जो इस क्षेत्र में उपलब्ध हैं-

  • लाइब्रेरी और सूचना विज्ञान में सर्टिफिकेट कोर्स- पात्रता 10 + 2
  • पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में डिप्लोमा पाठ्यक्रम- पात्रता 10 + 2
  • पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में स्नातक- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक योग्यता
  • पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में मास्टर- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पात्रता बीएलआईएससी या बी.एल.बी.
  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पुस्तकालय और सूचना विज्ञान- पात्रता एमएलआईएससी या एम.एल.बी. में एम.फिल

पुस्तकालय विज्ञान सूचना विज्ञान में बदल रहा है, कुछ विश्वविद्यालयों ने इस शब्द को पाठ्यक्रम के नाम में शामिल किया है लेकिन शब्द लाइब्रेरी नहीं हटाया है. इसलिए कुछ विश्वविद्यालय पुस्तकालय और सूचना विज्ञान (BLISC) में स्नातक, स्नातक और पुस्तकालय और सूचना विज्ञान (MLISC) में मास्टर्स, लाइब्रेरी और सूचना विज्ञान में एम.फिल और पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में पीएचडी प्रदान करते हैं और कुछ स्नातक जैसी डिग्री प्रदान करते हैं. इसके साथ ही लाइब्रेरी साइंस (B.L.B), और लाइब्रेरी साइंस (M.L.I.B.) में मास्टर, लाइब्रेरी और सूचना विज्ञान में एम.फिल और लाइब्रेरी साइंस में पीएचडी) की डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं.

पुस्तकालय और सूचना व्यवसाय में वेतन:
वेतन संगठनों के प्रकार पर निर्भर करता है. कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने पुस्तकालय कर्मचारियों के लिए वेतन के UGC स्केल को अपनाया है. केन्द्रीय सरकार के बड़े प्रतिष्ठानों जैसे कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (ISIR), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ICAR) के घटक इकाइयों में पुस्तकालय कर्मचारी इसरो) वैज्ञानिक कर्मचारियों के लिए लागू उन लोगों के समान वेतनमान का लाभ मिलता है.

LIS में पाठ्यक्रम की पेशकश करने वाले विश्वविद्यालय:
देश भर में 80 विश्वविद्यालय लाइब्रेरी साइंस (LIS) पाठ्यक्रमों की पेशकश करते हैं. यह पाठ्यक्रम दूरस्थ शिक्षा मोड (डिस्टेंस एजुकेशन सिस्टम) के माध्यम से भी उपलब्ध है. दो संस्कृत विश्वविद्यालय, अर्थात् के.एस. दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (बिहार), और संपूरानंद संस्कृत विश्व विद्यालय (वाराणसी) क्रमशः क्रमिक विद्या विज्ञान शास्त्री (9 महीने) और ग्रंथलिया विज्ञान शास्त्री (एक वर्ष) पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं. इसके साथ ही LIS की पढाई निम्नलिखित विश्वविद्यालयों/संस्थानों में उपलब्ध हैं -

  • अलागप्पा विश्वविद्यालय, कराईकुडी
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, अन्नामलायनगर
  • अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा
  • बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी
  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर
  • डा भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा
  • डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर
  • गुलबर्गा विश्वविद्यालय, गुलबर्गा
  • गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर
  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर
  • एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर - गढ़वाल
  • जादवपुर विश्वविद्यालय, कलकत्ता
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • जिवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर
  • कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र
  • नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर
  • उत्तर पूर्वी हिल विश्वविद्यालय, शिलांग
  • पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय, रायपुर
  • पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़
  • पटना विश्वविद्यालय, पटना
  • पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला
  • रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर
  • संबलपुर विश्वविद्यालय, संबलपुर
  • एसएनडीटी विमेंस विश्वविद्यालय, मुंबई
  • दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
  • हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
  • जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू (तावी)
  • कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर
  • लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
  • मद्रास, चेन्नई विश्वविद्यालय
  • मैसूर विश्वविद्यालय, मैसूर
  • पुणे विश्वविद्यालय, पुणे
  • राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर
  • विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन
  • यूपी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद (डिस्टेंस एजुकेशन)
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली (डिस्टेंस एजुकेशन)

इस प्रकार अगर आप सरकारी नौकरी प्राप्त करने चाहते है और वो भी लाइब्रेरी के क्षेत्र में तो आपके लिए हमने बहुत से कोर्स एवं उन्हें पूरा कराने वाली विश्विद्यालयों एवं संस्थानों की भी जानकारी दी है. आप पहले से लाइब्रेरी साइंस विषय में बैचलर है तो आप समय समय पर विभिन्न संगठनों द्वारा घोषित उपर्युक्त बताये पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

Related Stories