बीते दशक में बैंकिंग सेक्टर बड़े पैमाने पर विकास के साथ भारत के प्रमुख सेवा क्षेत्र इकाई के तौर पर उभरा है l देश में इन बैंकों की संख्या के साथ– साथ इनकी शाखाओं की संख्या भी बढ़ रही है l इन बैंकों को चलाने के लिए बैंक रोजगार के अवसर मुहैया करा रहे हैं ताकि कुशल मानवश्रम इन संगठनों के सुचारू प्रदर्शन के लिए चुने जा सकें l
प्राइवेट और पब्लिक (निजी एवं सरकारी) दोनों ही क्षेत्र के बैकिंग नौकरियों में मिलने वाला वेतन काफी आकर्षक होता है l इसमें कई प्रकार के भत्ते और लाभ भी मिलते हैं जो कई उम्मीदवारों को इनकी तरफ आकर्षित करते हैं l योग्य उम्मीदवार पहले की तुलना में बतौर करिअर बैंकिंग के अवसरों की अधिक तलाश में हैं और सरकारी क्षेत्र के बैंकों में रिक्त पदों के लिए प्रत्येक वर्ष आवेदन करने वाले आवेदकों की संख्या बढ़ रही है l
बैंक की नौकरी के पदानुक्रम में भुगतान आमतौर पर सराहनीय कहा जाएगा और अपने बैंक के विकास के लिए वे अपने मैनपावर पर काफी पैसा भी खर्च करते हैं l सरकारी और निजी, दोनों ही क्षेत्रों में बैंकों की संख्या बढ़ने और भारत जैसे विकासशील देशों में ग्राहक आधार के बढ़ने के साथ प्रतियोगिता दिन– ब– दिन बढ़ती ही जा रही है l सर्वोच्च प्रबंधन और तकनीकी पदों पर लोगों को बहाली के लिए बैंक अनुभवी लोगों को लेने के लिए काफी पैसा खर्च कर रहे हैं l नई तकनीकों और खोजों के समावेशन के साथ कार्य क्षेत्र के बदलते परिदृश्य ने उच्च वेतन के साथ बैंकों में विशेषज्ञों के पदों का रास्ता तैयार किया है l
बैंकों में उच्च वेतन वाले पद
- प्रबंध निदेशक और सीईओ : सरकारी क्षेत्र के बैंक में सर्वोच्च पद– प्रबंध निदेशक और सीईओ का होता है l ये बोर्ड की बैठकों के आयोजन, बैंक के कामकाज की अध्यक्षता, बैंक के राजस्व को देखना, वित्तीय रिपोर्टों का विश्लेषण, बजट तैयार करना और विभिन्न विभागों को उसे भेजना, व्यापार की नई संभावनाएं पहचानना और अपने सहकर्मियों एवं कनिष्ठों से नियमित रूप से कंपनी की रणनीति के बारे में बात करना, जैसे काम के लिए जिम्मेदार होते/ होती हैं l अच्छा विश्लेषण कौशल और समस्या सुलझाने के रवैये के साथ बैंक के वाइस प्रेसिंडेंट (उपाध्यक्ष) को उनके प्रशासन के दायरे में काम करने वाले लोगों के साथ अच्छा तालमेल बना कर रखना चाहिए l सरकारी क्षेत्र के बैंक में इस सर्वोच्च पद का औसत वेतन करीब 25 लाख रु. सालाना है l यह निजी बैंकों के प्रमुखों से थोड़ा ही कम है l
- निदेशक ( डायरेक्टर) : बैंक के डायरेक्टर की नौकरी टॉप नौकरी है l डायरेक्टर, सम्मानित ग्राहकों से मिलकर और बातचीत कर बैंक के उत्पादों एवं सेवाओं के प्रोमोशन और मार्केटिंग का काम करता है ताकि बैंक के व्यवसाय को बढ़ाया जा सके l समय विशेष के लिए निर्धारित किए गए बिक्री लक्ष्यों की निगरानी के साथ– साथ डायरेक्टर के पास वित्तीय एवं मैनपावर संबंधी विवादों को हल करने की भी जिम्मेदारी होती है l डायरेक्टर में समस्या को सुलझाने के रवैये के साथ कुशल नेतृत्व का गुण भी होना चाहिए ताकि बैंक को वह सफलतापूर्वक चला सके l
- महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) : जनरल मैनेजर व्यापार विकास, ग्राहक प्रतिधारण और बैंक में कर्मचारियों की भर्ती आदि जैसे काम करता है l नए संपर्क बनाना, बैंक के मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंध बनाए रखना और व्यापार में सुधार लाने के लिए विपणन रणनीतियां तैयार करना, जनरल मैनेजर द्वारा किए जाने वाले कुछ नियमित कार्य हैं l ये बैंकों के मुख्यालयों में नियुक्त किए जाते हैं l
- चार्टर्ड अकाउंटेंट : हालांकि यह कहा जा सकता है कि बैंकों में चार्टर्ड अकाउंटेंट की कोई जरूरत नहीं है लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है l बैंक में वित्तीय और कानूनी जटिलताओं को दूर करने के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का होना बहुत जरूरी है l उन्हें बैंक के अकाउंटिंग प्रक्रियाओं की निगरानी करनी होती है और बैंक के वित्तीय और अकाउंटिंग मुद्दों का ख्याल रखना होता है l असाधारण गणितीय एवं विश्लेषणात्मक कौशल के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट बैंकों के महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं l
- बैंक एसोसिएट : बैंकिंग की विभिन्न रणनीतियों, अलग– अलग योजनाओं, उत्पादों एवं सेवा या बैंक के विपणन और ग्राहकों के साथ बातचीत एवं उनके लिए उचित सेवा/ सुविधाओं को ढूंढ़ने में उनकी मदद कर बैंक एसोसिएट्स बैंक के वित्तीय पूंजी को बढ़ाने का काम करते हैं l इस नौकरी में योजनाओं के प्रोमोशन के लिए आपको एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा पर जाना होता है और इसके लिए आपमें अच्छा अंतर्व्यैक्तिक कौशल एवं विश्लेषण क्षमता होनी चाहिए l यह पद आम तौर पर निजी क्षेत्र के बैंकों में होता है l
- शाखा प्रबंधक ( ब्रांच मैनेजर) : शाखा प्रबंधक नियुक्त किए गए शाखा के कामकाज के लिए जिम्मेदार होते हैं l इन्हें बैंक के व्यापार को बढ़ाने के साथ– साथ बैंकिंग की दैनिक गतिविधियों पर निगरानी रखनी होती है l इन्हें ऋण देने एवं नीतियों को बेचने के लिए ग्राहकों से मिलने जाना होता है l बैंकिंग क्षेत्र में ब्रांच मैनेजर बनने के लिए आपको नेतृत्व क्षमता के साथ टीम मैन (टीम में काम कर सकने वाला व्यक्ति) होना चाहिए l
- असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर (सहायक शाखा प्रबंधक) : शाखा प्रबंधकों के जूनियर होते हैं सहायक शाखा प्रबंधक और आम तौर पर निजी क्षेत्र के बैंकों के शहरी शाखाओं में नियुक्त किए गए होते हैं l दैनिक कार्यक्रमों और कर्तव्यों को निर्धारित करने के साथ– साथ इन्हें बैंक के सुचारू रूप से काम करने की निगरानी का काम भी दिया जाता है l ये अक्सर कर्मचारियों को प्रशिक्षण पर भेजते हैं और बैंक के लिए बजट योजनाएं एवं खर्चों का ब्यौरा तैयार करते हैं l
- परिवीक्षाधीन अधिकारी (प्रोबेशनरी ऑफिसर) : बैंकों में अच्छे वेतन और काम के अवसरों के साथ प्रवेश स्तर का अधिकारी पद होता है –बैंक पीओ l इन्हें ग्राहकों के दैनिक लेन– देन, बीमा का मसौदा तैयार करना और ऋण संबंधी कार्यों को नियमित आधार पर करना होता है l इन्हें वित्त और विपणन में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और इनमें अच्छा संचार कौशल भी होना चाहिए l
बैंकिंग क्षेत्र ने मासिक वेतन के अलावा वेतन भत्तों समेत सुविधाओं के जरिए उम्मीदवारों को अपनी तरफ आकर्षित किया है l उपर उल्लिखित वेतन में जब एचआरए, अखबार भत्ता, यात्रा खर्च, चिकित्सा सुविधाएं, पेंशन आदि की सुविधाओँ को शामिल कर लिया जाए तो यह एक अच्छे वेतन वाली नौकरी नजर आने लगती है l सरकारी क्षेत्र के कुछ बैंक (जैसे एसबीआई) ने प्रवेश स्तर के अधिकारी पदों के उम्मीदवारों को सकल वेतन के मामले में निजी बैंकों को पीछे छोड़ दिया है l
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