डेमोंसट्रेटर का पद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधीन केंद्रीय विश्वविद्यालयों और विभिन्न राज्यों की सरकारों के द्वारा संचालित राज्य विश्वविद्यालयों और विभिन्न डिग्री कॉलेजों, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, कई मंत्रालयों एवं विभागों के शोध संस्थानों, उच्च तकनीकी संस्थानों, कृषि शोध संस्थानों, आदि में होता है. डेमोंसट्रेटर का प्रमुख कार्य इन संस्थानों में संबंधित विषय की प्रयोगशाला में विभिन्न उपकरणों का संचालन एवं रख-रखाव करना होता है साथ ही उपकरणों एवं अन्य संबंधित सामग्रियों का रिकॉर्ड रखना, छात्रों की विभिन्न प्रयोगों में सहायता करना, आदि से संबंधित दायित्वों का निर्वाह करता है.
किसी भी संगठन में डेमोंसट्रेटर का कार्य होता है कि वह संस्थान के संबंधित विषय की प्रयोगशाला में शोध प्रक्रियाओं में छात्रों एवं अध्यापक/लेक्चरर/प्रोफेसर को सहायता प्रदान करे, लैब में उपयोग में लाये जा रहे उपकरणों का रख-रखाव करे और आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें. डेमोंसट्रेटर बनने के लिए आवश्यक स्किल्स में से जरूरी है कि आपके पास वैज्ञानिक उपकरणों के संचालन व रख-रखाव जानकारी हो और अत्यधिक काम के दबाव में धैर्य के साथ काम करने में निपुण होना चाहिए.
जहाँ तक बात योग्यता की है तो सरकारी संगठनों या संस्थानों में डेमोंसट्रेटर बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को विज्ञान विषयों (या संबंधित विषय) में न्यूनतम 12वीं उत्तीर्ण या डिप्लोमा (इंजीनयरिंग विषयों के लिए) उत्तीर्ण होना चाहिए. इसके अतिरिक्त निम्नलिखित योग्यताएं रखने वाले उम्मीदवारों को चयन में वरीयता दी जाती है –
- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज या स्कूल में लैबोरेट्री में डेमोंसट्रेटर के रूप में कार्य़ का अनुभव.
- संबंधित विषय की प्रयोगशाला में मौजूद उपकरणों और केमिकल, जैविक पदार्थों, आदि के संचालन एवं रख-रखाव का ज्ञान.
डेमोंसट्रेटर बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 25 वर्ष के बीच हो. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 27 या 30 वर्ष होती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
डेमोंसट्रेटर के लिए चयन प्रक्रिया
अगर बात चयन प्रक्रिया की करें तो आमतौर पर डेमोंसट्रेटर के पद पर उम्मीदवारों का चयन एकेडेमिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा, लैबोरेट्री से संबंधित कार्यों में दक्षता और व्यक्तिगत परीक्षा (पर्सनल इंटरव्यू) के आधार पर किया जाता है. हालांकि, यदि संविदा के आधार पर नियुक्ति की जानी हैं तो संबंधित संस्थान सिर्फ लैबोरेट्री टेस्ट एवं इंटरव्यू के आधार पर ही चयन कर सकता है.
जहाँ तक बात सैलरी की है तो डेमोंसट्रेटर के पद पर छठे वेतन आयोग के पे-बैंड 1 के अनुरूप रु. 5200-20200/- और ग्रेड पे रु.2800/- के अनुसार सैलरी दी जाती है. जिन संगठनों में सातवां वेतन आयोग लागू किया जा चुका है वहां समान लेवल के अनुरूप सैलरी दी जाती है. राज्यों के संस्थानों में डेमोंसट्रेटर के पद पर सम्बन्धित राज्य के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाता है.
डेमोंसट्रेटर का पद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधीन केंद्रीय विश्वविद्यालयों और विभिन्न राज्यों की सरकारों के द्वारा संचालित राज्य विश्वविद्यालयों और विभिन्न डिग्री कॉलेजों, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, कई मंत्रालयों एवं विभागों के शोध संस्थानों, उच्च तकनीकी संस्थानों, कृषि शोध संस्थानों, आदि में होता है इसलिए इस पद के लिए रिक्तियां समय-समय पर इन्हीं शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में निकलती रहती है.
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