देश का केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में देश भर की अपनी अलग– अलग शाखाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में 610 सहायकों की भर्ती की अधिसूचना जारी की है इस लेख में हम देश के सबसे प्रतिष्ठत बैंक के इस भर्ती प्रक्रिया में सफल होने के मंत्र को डिकोड करेंगें l
आरबीआई असिस्टेंट 2016 : परीक्षा का पैटर्न
आरबीआई ने परीक्षा के नए पैटर्न की घोषणा काफी पहले सितंबर 2016 में ही कर दी थी l नए पैटर्न में तीन चरण होंगे–
- प्रारंभिक परीक्षा : यह पहला स्क्रिनिंग परीक्षा होगी और इसमें पास होने वाले परीक्षार्थी ही अगले चरण की परीक्षा दे पाएंगें यानि बैंक द्वारा आयोजित की जाने वाली मेन्स परीक्षा के हिस्सा बन सकेंगें l यह परीक्षा 100 अंकों की और 1 घंटे की होगी l क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (35 अकं), रीजनिंग अबिलिटी (35 अंक) और अंग्रेजी भाषा परीक्षा (30 अंक) से प्रश्न पूछे जाएंगे l इसमें सेक्शनल टाइमिंग नहीं होगी और इन 100 प्रश्नों को हल करने के लिए आपको कुल 60 मिनट का समय दिया जाएगा l परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी l
- मेन्स परीक्षा : पहले प्रिलिम्स परीक्षा में पास होने के बाद आप परीक्षा के दूसरे चरण में पहुंचेंगे l यह परीक्षा 200 अंकों की होगी और इसके लिए आपको 2 घंटे का समय दिया जाएगा l इस परीक्षा में भी सेक्शनल टाइमिंग नहीं होगी l आपसे सामान्य जागरूकता, कंप्यूटर, अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे l इन सभी विषयों में 40 अंक होंगें l प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक l यह परीक्षा भी ऑनलाइन होगी l
- साक्षात्कार/ इंटरव्यू : भर्ती प्रक्रिया की यह अंतिम बाधा होगी l यह कुल 35 अंकों का होगी l मेधा सूची में पर्याप्त उपर रहने और सभी सेक्शंस को पास करने वाले उम्मीदवार बैंक के इंटरव्यू बोर्ड का सामना करेंगे l अंतिम चयन मेन्स और इंटरव्यू में मिले अंकों के योग के आधार पर होगा l
आरबीआई असिस्टेंट 2016: तैयारी कैसे करें?
हम परीक्षा के पैटर्न के बारे में जान चुके हैं और अगली महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको कैसे आगे बढ़ना चाहिए और इस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए l दिसंबर 23 और 24 तक तैयारी के दिनों में फायदा पहुंचाने के लिए यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं–
- करेंट अफेयर्स पर फोकस : परंपरागत रूप से आरबीआई असिस्टेंट के पेपर में वर्तमान मुद्दों पर काफी फोकस किया जाता है और इस परीक्षा की तैयारी के दौरान आपको यह बात ध्यान में रखनी होगी कि इस खंड की तैयारी के लिए आप जो भी पढ़ें, उसकी गहराई में जाएं l आरबीआई के प्रश्न आंकड़ों पर अधिक आधारित होते हैं l इसलिए आर्थिक सर्वेक्षण के आकड़ों, केंद्रीय बजट, रेल बजट, सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना आदि को अच्छे से पढ़ें l आपको जरूर लाभ होगा l
- जीके, कम महत्वपूर्ण है लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करें : करेंट अफेयर्स को अधिक महत्वपूर्ण बताने के बाद आपके पास सिर्फ जीके की तैयारी करनी रह जाती है l आप अन्य बैंकों की परीक्षाओँ के लिए जीके के जिन परंपरागत सामग्रियों को याद करते थे, उन्हें यहां भी याद करना होगा जैसे मुद्रा और पूंजी, महत्वपूर्ण स्मारक, महत्वपूर्ण दिन आदि l आरबीआई इस मामले में भी आपकी परीक्षा लेगा l
- गणित और रीजनिंग : यह महत्वपूर्ण है क्योंकि अंग्रेजी में आप कभी भी एक प्रश्न के उत्तर के बारे में निश्चित नहीं हो सकते लेकिन रीजनिंग और गणित के मामले में यदि आपकी गणना कमजोर नहीं है तो आप प्रश्नों पर निर्भर कर सकते हैं l इसलिए इन दो विषयों के परंपरागत प्रश्नों का अभ्यास करना सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि आरबीआई के प्रश्न बहुत कठिन नहीं होते लेकिन उन्हें हल करने में समय अधिक लगता है और वे थोड़े बड़े होते हैं l
- यदि अंग्रेजी अच्छी है तो उस पर निर्भर करें : जैसा कि हमने उपर कहा, हम यह नहीं कह रहे हैं कि आप अंग्रेजी में अच्छे अंक नहीं ला सकते लेकिन अंतिम मेधा सूची में स्थान बनाने और कुल मिलाकर अच्छा अंक लाने के लिए आपको गणित और रीजनिंग को मजबूत करना होगा l याद रखें मेन्स में पास हो जाना ही काफी नहीं है क्योंकि पदों की संख्या काफी कम है l अंग्रेजी के लिए अच्छी किताबों से अभ्यास करें और जितने नियम याद कर सकें, कर लें l यदि आप अंग्रेजी बैकग्राउंड के हैं तो आपको यह अपने आत्मविश्वास को प्रेरित करने के लिए करना चाहिए l
- कंप्यूटर सेक्शन उतना मुश्किल नहीं है : आज के तकनीक पसंद युवा पीढ़ी के लिए यह सेक्शन आमतौर पर आसान होता है l हालांकि, आपको स्टैंडर्ड किताबों से कुछ बेसिक पठन सामग्री को पढ़ना और कुछ प्रश्नों का अभ्यास जरूर कर लेना चाहिएl
- यदि आप बुद्धिमान हैं तो मॉक टेस्ट मदद करेंगें : इसका मतलब है आपको ये टेस्ट देने चाहिए और अपने प्रदर्शन का सही तरीके से विश्लेषण करना चाहिए l इस तरीके से आप इन टेस्ट का प्रयोग कर सकते हैं l आपको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि मॉक टेस्ट के अंक से आपमें अत्यधिक आत्मविश्वास न पैदा हो जाए क्योंकि वास्तविक परीक्षा वाकई काफी कठिन और पूरी तरह से अलग हो सकती है (उदाहरण– एसबीआई पीओ मेन्स पेपर, 2016) l
अन्य बैंकिंग परीक्षाओं से तुलना करें तो इस परीक्षा के बारे में कुछ भी खास अलग बात नहीं है क्योंकि आपने इस तरह की परीक्षाओं के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी है l फर्क सिर्फ पदों की संख्या और नौकरी से मिलने वाले करिअर का है l इसलिए अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए और परीक्षा से सात दिन पहले से करेंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान को दुहराना न भूलें l स्मार्ट तरीके और मेहनत से काम करें l सफलता जरूर आपके कदम चूमेगीl
शुभकामनाएंl
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