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बोर्ड एग्जाम में हिंदी विषय को तैयार करने के आसान टिप्स

चाहे आप कक्षा 10वी में हों या 12वी कक्षा में, सभी छात्रों में हिंदी विषय को किस प्रकार तैयार करें इस बात की चिंता होती है| हालाकी इस विषय को यदि आप सही तरीके से तैयार करें तो आप हिंदी विषय में बड़ी आसानी से अच्छे मार्क्स प्राप्त कर सकते हैं| आज हम आपको कुछ ऐसे खास टिप्स बताने जा रहें हैं जिनकी मदद से आप भी अपने बोर्ड एग्जाम में हिंदी विषय में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं|

Feb 5, 2018 19:15 IST
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Tips to score good marks in Board exam
Tips to score good marks in Board exam

UP Board, CBSE तथा अन्य सभी बोर्ड्स के छात्रों को एग्जाम के समय जहाँ सभी विषयों को समान रूप से तैयार करने की ज़रूरत होती है वही छात्र अपने language examination को लेकर काफी चिंतित होते हैं| चाहे आप कक्षा 10वी में हों या 12वी कक्षा में, सभी छात्रों में हिंदी विषय को किस प्रकार तैयार करें इस बात की चिंता होती है| हालाकी इस विषय को यदि आप सही तरीके से तैयार करें तो आप हिंदी विषय में बड़ी आसानी से अच्छे मार्क्स प्राप्त कर सकते हैं|

आज हम आपको कुछ ऐसे खास टिप्स बताने जा रहें हैं जिनकी मदद से आप भी अपने बोर्ड एग्जाम में हिंदी विषय में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं|

1. एग्जामिनेशन पैटर्न या पेपर पैटर्न को अच्छी तरह समझें :

सबसे पहले एग्जामिनेशन पैटर्न को अच्छी तरह समझ लें| हिंदी विषय में लिट्रेचर के अलावा व्याकरण तथा अपठित गद्द्यांश का भी सेक्शन होता है जिनपर छात्रों का ध्यान लिट्रेचर की तुलना में कम होता है तथा वह पूरा ध्यान अपना लिट्रेचर पोर्शन को पढ़ने में बिता देते हैं| यदि आप इन पोर्शन को भी अच्छी तरह तैयार करें तो आप आसानी से इनमें अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं| यानि यदि किसी छात्र को व्याकरण की बेसिक जानकारी है तो आसानी से वह इससे जुड़े रिक्त-स्थान तथा प्रश्नों को हल कर सकता है तथा लिट्रेचर की तुलना में इनमें समय भी कम लगता है|

दरअसल यहाँ यह कहने का साफ़ मतलब यह है कि छात्र एग्जामिनेशन पैटर्न के अनुसार अपना हिंदी पेपर तैयार करें ना की पुरे-पुरे दिन केवल लिट्रेचर पढ़ने में अपना समय व्यतित करें|

UP Board 12वीं का एग्जामिनेशन पैटर्न कुछ इस प्रकार है :

इस विषय में 50-50 अंकों के दो प्रश्नपत्र होंगें, प्रत्येक प्रश्न – पत्र का समय तीन घण्टे होगा|

 

प्रथम प्रश्न – पत्र

पूर्णांक – 50

1 – हिन्दी गद्य का विकास (गद्य की पाठ्य पुस्तक में दिये गये पाठों पर आधारित विभिन्न कालों में गद्य की भाषा-संरचना, विधाओं में परिवर्तन, युग – प्रवर्तक लेखकों का योगदान एवं प्रमुख रचनाएँ (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)|

 

 

5

2- काव्य साहित्य का विकास (आधुनिक काल-भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नै कविता इत्यादि) की काव्य प्रव्रत्तियां उनमें परिवर्तन प्रतिनिधि कवि एवं उनके प्रमुख कृतियां (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)|

 

 

5

3- गद्याशों एवं सूक्तियों की सन्दर्भ सहित व्याख्या|

7 + 3 = 10

4- पद्यांशो तथा सूक्तिपरक पंक्तियों की सन्दर्भ सहित व्याख्या|

7 + 3 = 10

5- संकलित गद्य के पाठों के लेखकों का साहित्यिक परिचय, जीवनी, कृतियाँ तथा भाषा शैली

04

6- काव्य – सौष्ठव-कवि परिचय, जीवनी, कृतियाँ, साहित्यिक विशेषताएँ-

04

7- (क) कहानी – चरित्र – चित्रण, कहानी के तत्व एवं तथ्यों पर आधारित (लघु उत्तरीय प्रश्न)

(ख) नाटक-निर्धारित नाटक की विशेताएँ एवं पात्रों के चरित्र चित्रण पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न

04

04

8- खण्ड काव्य – निम्नलिखित पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न-

(क) खण्ड काव्य की विशेषताएँ (ख) पात्रों का चरित्र-चित्रण (ग) प्रमुख घटनाओं पर आधारित प्रश्न|

04

द्वितीय प्रश्न – पत्र

पूर्णांक – 50

1- पठित पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों के संस्कृत गद्य एवं पद्य का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद

10

2- पाठ्य पुस्तक से सूक्तिपरक पंक्तियों की ससंदर्भ हिन्दी में व्याख्या|

04

3- पाठों पर आधारित अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर (कोई दो प्रश्न करना है)|

04

4- काव्य सौन्दर्य के तत्व-

(क) सभी रस – (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान)

(ख) अलंकार (1) शब्दालंकार – अनुप्रास, यमक, श्लेष (परिभाषा एवं उदाहरण)

(2) अर्थालंकार – उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, सन्देह, भ्रान्तिमान, अनन्वय, प्रतीप, दृष्टान्त तथा अतिशयोक्ति (परिभाषा एवं उदाहरण)

(ग) छन्द (1) मात्रिक-चौपाई, दोहा, सोरठा, रोला, कुण्डलिया, हरिगीतिका, वरवै (लक्ष्ण एवं उदाहरण)

(2) वर्णवृत्त- इन्द्रवज्रा, उपेन्द्रवज्रा, सवैया,मंतगमंद, सुमुखी, सुन्दरी, बसन्ततिलका (लक्षण एवं उदाहारण)

(3) मुक्तक-मनहर (लक्षण एवं उदाहरण)

06

5- निबन्ध-हिन्दी में मौलिक अभिव्यक्ति दिये हुए विषय पर निबन्ध, (जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा आदि की जानकारी हेतु इन विषयों पर भी निबन्ध पूछे जायेंगें)|

09

6- संस्कृत व्याकरण -

13

क – सन्धि – (1) स्वर सन्धि- एचोदयवायाव: एड: पदान्तादति, एडपररूपम

(2) व्यंजन-स्तो: श्चुनाश्चू:, झलांजशझशी, खरिच, मोड़नुस्वार: तोर्लि, अन्स्वारस्यययि पर स्वर्ण:

(3) विसर्ग-विसर्जनीयस्य स:, सरयजुवोरू:, अतोरोरप्लुताद्प्लुते, हशिच, रोरि

01

01

01

ख – शब्दरूप (1) संज्ञा – आत्मन, नामन, राजन, जगत, सरित|

(2) सर्वनाम-सर्व, इदम, यद|

01

01

ग- धातुरूप-लट, लोट, विथिलिड्ग, लड़, लुट (परस्मैप्दी) स्था, पा, नी, दा, कृ, चुर

02

घ- प्रत्यय (1) कृत-क्त, कत्वा, त्ब्यत, अनियर

(2) तद्धित-त्व, मतुप, वतुप

01

01

ड़ – विभक्त परिचय-अभित: परित:, समयानिकषाहाप्रतियोगेअपि, यनाल विकार:, सहयुक्तेअप्रधाने, नम: स्वस्तिस्वाहा स्वधालंबषटयोगाच्च, षष्ठीशेषे, यतश्चनिर्धारणम

 

02

च- समास-अव्ययीभाव कर्मधारय, बहुब्रीहि|

02

7- हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद|

04

CBSE 12वीं का एग्जामिनेशन पैटर्न कुछ इस प्रकार है :

खण्ड

विषय

अंक

()

अपठित अंश

20

 

1. अपठित गद्यांश - बोध (गद्यांश पर आधारित बोध, प्रयोग, रचनांतरण, शीर्षक आदि पर लघूत्तरात्मक प्रश्न [शीर्षक पर प्रशन (1 अंक) + 7 लघूत्तरात्मक (2x7)]

10

 

2. अपठित काव्यांश-बोध (काव्यांश पर आधारित पाँच लघूत्तरात्मक प्रश्न) (1x5)

05

()

कार्यालयी हिदी और रचनात्मक लेखन

25

 

3. किसी एक विषय पर अनुच्छेद

05

 

4. कार्यालयी पत्र

05

 

5. प्रिंट माध्यम, सम्पादकीय, रिपोर्ट, आलेख आदि पर पाँच अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

05

 

6. किसी एक विषय पर आलेख अथवा हाल ही में पढ़ी पुस्तक की समीक्षा

05

 

7. जीवन-संदर्भों से जुड़ी घटनाओं और स्थितियों पर फीचर लेखन

05

()

पाठ्यपुस्तक

55

 

1) आरोह भाग-2

40

 

काव्य भाग

20

 

8. दो काव्यांशों में से किसी एक पर अर्थग्रहण के चार प्रश्न (2x4)

08

 

9. काव्यांश की सौंदर्यबोध पर किसी एक काव्यांश पर तीन प्रश्न (2x3)

06

 

10. कविताओं की विषय-वस्तु से संबंधित दो लघूत्तरात्मक प्रश्न (3+3)

06

 

गद्य भाग-2 (पूरक पाठ्य पुस्तक)

20

 

11. एक गद्यांश पर आधारित अर्थग्रहण क चार प्रश्न (2+2+2+2)

08

 

12. पाठों की विषयवस्तु पर आधारित चार बोधात्मक प्रश्न (3+3+3+3)

12

 

2) वितान भाग-2 (पूरक पाठ्य पुस्तक)

15

 

13. पाठों की विषयवस्तु पर आधारित एक मूल्यपरक प्रश्न (1x5)

05

 

14. विषयवस्तु पर आधारित दो निबंधात्मक प्रश्न (5+5)

10

 

कुल

100

यूपी बोर्ड एग्जाम की तैयारी के अनोखे तरीके

2. लेखन अनुभाग; निबंध तथा पत्र लेखन :

छात्रों को यह जानना बहुत ज़रूरी है कि पत्र लेखन यानि लेटर राइटिंग का सही तरीका क्या होना चाहिए| क्यूंकि छात्रों को यह प्रतीत होता है कि बस हमें टॉपिक पता होना चाहिए उस टॉपिक पर लिखना तो बहुत आसान होगा| परन्तु परीक्षा के समय जब छात्र लेटर राइटिंग या निबंध लिखते हैं तो वह उसे अच्छी तरह लिखने में समक्ष नहीं हो पाते हैं|

तो हमेशा एग्जाम से पहले अच्छी तरह लेटर राइटिंग तथा निबंध को लिखने की प्रैक्टिस कर लें ताकि आप एग्जाम के समय लेटर या निबंध को अच्छी तरह सही फॉर्मेट में तथा आकर्षित तरीके से लिख सकें| इसके लिए आप अपने कक्षा के व्याकरण के किताब से मदद ले सकते हैं या फिर कई वेबसाइटस से भी आपको इसमें काफी मदद मिल सकती है|

3. लिट्रेचर :

लिट्रेचर सबसे कठिन सेक्शन माना जाता है क्यूंकि यह काफी विस्तृत रूप में होता है इस पोर्शन में छात्रों को सबसे ज्यादा समय देना पड़ता है| इसके लिए हमेशा छात्रों को अच्छी तरह अपने सभी चैप्टर्स को तैयार करने की ज़रूरत होती है| CBSE के छात्रों को NCERT  की बुक के सभी चैप्टर्स अच्छी तरह पता होने चाहिए|

  • अच्छी तरह से आपको सभी ऑथर के नाम याद होने चाहिए|
  • सभी कविता का टाइटल आपको पता होना चाहिए|
  • सभी कविता को अच्छी तरह समझ लें ताकि आप आसानी से उसे अपने भाषा में वर्णित कर सकें|
  • सभी प्रश्नों के उत्तरों को सही तरीके से पुरे इंट्रोडक्शन तथा कॉनक्लूज़न के साथ लिखें|

4. अपठित गद्द्यांश (Unseen passage) :

कई छात्रों के मुताबिक अपठित गद्द्यांश के लिए कुछ खास तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है| जबकि अपठित गद्द्यांश के लिए आपको प्रैक्टिस की ज़रूरत होती है| परीक्षा से पहले ठीक तरीके से ऐसे प्रश्नों को समझ लें क्यूंकि अपठित गद्द्यांश के प्रश्नों को ठीक तरीके से समझना बहुत ज़रूरी है ताकि आप एग्जाम के समय कोई गलती ना करें तथा इस बात का भी पूरा ध्यान दें की 40 मिनट से ज्यादा आप अपठित गद्द्यांश के प्रश्नों को हल करने में ना लगायें|

खास टिप्स (Tips and tricks):

एग्जाम का समय ख़तम होने से पहले ठीक तरीके से अपनी उत्तर पुस्तिका जाँच लें,

स्पेल्लिंग्स मिस्टेक्स से बचें,

यह ज़रूर जाँच लें की सभी प्रश्न आपने एटेम्पट किया है या नहीं,

उत्तरों को लिखने में प्रयोग होने वाली भाषा पर खास ध्यान दें,

एग्जाम के समय जल्दबाज़ी से नहीं संयम से काम लें,

सभी वर्गों को उसके अनुसार सही टाइम स्लॉट में बाँट लें|

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