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बिज़नस स्टडीज में करियर

Sep 6, 2018 14:43 IST
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बिजनेस स्टडीज के बारे में ?

बिजनेस स्टडीज स्पेशलाइजेशन कई इंडस्ट्रीज,बिजनेस और कॉमर्स से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित है. इस स्पेशलाइजेशन का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के बिजनेस की जानकारी प्रदान करना तथा बाजार में प्रत्येक मॉडल कैसे कार्य करता है इसकी समझ विकसित करना है. इन कोर्सेज का सिलेबस स्टूडेंट्स के लेवल तथा उनके लिए जरुरी ज्ञान के आधार पर तैयार किया जाता है. प्राइमरी लेवल पर ऑपरेशन,प्लानिंग, स्टाफिंग, डायरेक्टिंग, कंट्रोलिंग आदि बिजनेस के ऑपरेशन से संबंधित मूलभूत जानकारी सिखाई जाती है और बाद में इसी को और व्यापक और विस्तृत लेवल पर पढ़ाया जाता है ताकि इस सम्बन्ध में स्टूडेंट्स का दृष्टिकोण और अधिक व्यापक हो सके.

बिजनेस स्टडीज में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

यदि स्टूडेंट्स जिस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना चाहते हैं उस इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हैं, तो उन्हें उस इंस्टीट्यूट का एंट्रेंस एग्जाम देना जरुरी है.तो आइए उन सामान्य नियमों और शर्तों को जानने की कोशिश करते हैं जिसे उम्मीदवार द्वारा विभिन्न लेवल  पर बिजनेस स्टडीज पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने के लिए पूरा करना होगा.

ग्रेजुएशन

बीबीएस में एडमिशन के लिए  उम्मीदवार को अनिवार्य विषय के रूप में अंग्रेजी के साथ चार पेपरों में कुल 60% अंकों (एससी / एसटी / डब्ल्यूडब्ल्यू / शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण श्रेणियों के लिए 55%)  सहित 10 + 2 या समतुल्य परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए

पोस्ट ग्रेजुएशन

यदि उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से न्यूनतम 50% कुल प्रतिशत के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री है तो वे पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स यानी एमबीएस के लिए आवेदन कर सकते हैं.

डॉक्टरेट कोर्स

डॉक्टरेट की डिग्री के लिए  उम्मीदवार के पास प्रासंगिक विषय में कम से कम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए.

 

बिजनेस स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम

एंट्रेंस एग्जाम  कॉलेज / इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने की दिशा में उम्मीदवार का पहला कदम होता है. नीचे कुछ एग्जाम की सूची दी गई है जिसमें अपनी योग्यता,इच्छा तथा आवश्यकता के अनुरूप उम्मीदवार भाग ले सकते हैं-

अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए:

• आईपीएम एप्टीट्यूड टेस्ट : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर इंटिग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट
• एनएमएटी (यूजी): एनएमआईएमएस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट अंडर ग्रेजुएट
• जीजीएसआईपीयू सीईटी: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
• डीयू जेट : दिल्ली यूनिवर्सिटी ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट
• सेट: सिम्बायोसिस एंट्रेंस एग्जाम
• यूजीएटी-एआईएमए: अंडर ग्रेजुएट एटिट्यूड टेस्ट- एआईएमए

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए:

• कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीएटी)
• एआईएमए प्रबंधन योग्यता परीक्षा (एमएटी)
• कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीएमएटी)
• एनएमआईएमएस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (एनएमएटी)
• जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएटी)
• आईबीएस एप्टीट्यूड टेस्ट (आईबीएसएटी) 2018

पीएचडी कोर्सेज के लिए

• डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज आईआईटी दिल्ली एंट्रेंस एग्जाम
• मैनेजमेंट डेवेलपमेंट इंस्टीट्यूट एंट्रेंस एग्जाम
• यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली,फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम
• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम
• नर्ससी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंट्रेंस एग्जाम

बिजनेस स्टडीज के कोर्सेज

बिजनेस स्टडीज कोर्स की स्टडी अंडर ग्रेजुएट लेवल से स्टार्ट कर इसमें पोस्ट ग्रेजुएशन तथा डॉक्टरेट तक स्पेशलाइजेशन के साथ की जा सकती है. इस स्ट्रीम के अंतर्गत स्टूडेंट्स को बिजनेस को मैनेज करते समय जहाँ भी जरुरी हो वहां साइंटिफिक सिद्धांतों को अप्लाई करने की स्किल सिखाई जाती है. इसके अंतर्गत कराये जाने वाले कोर्सेज निम्नांकित हैं -

अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज

बिजनेस स्टडीज स्ट्रीम में अंडरग्रेजुएट की डिग्री को बीबीएस या बिजनेस स्टडीज के ग्रेजुएट्स के रूप में जाना जाता है. इस डिग्री की अवधि अधिकतम तीन वर्ष है और इसे छह सेमेस्टर में विभाजित किया गया है.

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज

बिजनेस मैनेजमेंट स्ट्रीम में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री / डिप्लोमा को  मास्टर ऑफ बिजनेस स्टडीज (एमबीएस) के रूप में जाना जाता है. इस डिग्री की अवधि अधिकतम 2 वर्ष है और इसे 4 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है.

डॉक्टरेट प्रोग्राम्स

बिजनेस मैनेजमेंट के फील्ड में डॉक्टरेट प्रोग्राम को पीएचडी के रूप में जाना जाता है. बिजनेस स्टडीज में विभिन्न मैनेजमेंट यूनिवर्सिटीज इस प्रोग्राम्स को तीन से पांच साल के समय में कराती हैं.

बिजनेस स्टडीज सब्जेक्ट्स और सिलेबस

जहां तक बिजनेस मैनेजमेंट स्पेशलाइजेशन का संबंध है, हर इंस्टीट्यूट इसके लिए विभिन्न मॉड्यूल या विषयों की पेशकश करते है, लेकिन आम तौर पर कुछ सामान्य मॉड्यूल होते हैं जिन्हें सामान्यतः विभिन्न यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों के सिलेबस में शामिल किया जाता है.

आइए बिजनेस स्टडीज स्पेशलाइजेशन के अंतर्गत पढ़ाये जाने वाले विषयों की सूची

  • अकाउंटिंग ऑडिटिंग
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट
  • इंटरनेशनल बिजनेस
  • मार्केटिंग
  • इंटरप्रेंयोरशिप एंड इनोवेशन मैनेजमेंट
  • कॉर्पोरेट रिस्पोंसिबिलिटी

भारत के टॉप बिजनेस स्टडीज कॉलेज

संपूर्ण एडमिशन के दौरान किसी ऐसे आदर्श बी-स्कूल का चुनाव करना जो करियर के विकास में उनका पथ प्रदर्शक बन सके,वास्तव में बहुत कठिन निर्णयों में से एक है. भारत के विभिन्न बी-स्कूल्स तथा यूनिवर्सिटी बिजनेस स्टडी स्पेशलाइजेशन का कोर्स कराते हैं. नीचे भारत के कुछ टॉप बिजनेस स्कूल्स की लिस्ट दी गयी है.

क्रम .संख्या.

इंस्टीट्यूट

लोकेशन

1

दिल्ली यूनिवर्सिटी

दिल्ली

2

गुरु गोविन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी

दिल्ली

3

मुंबई यूनिवर्सिटी

मुंबई

4

सिम्बायोसिस इंटरनेशनल  यूनिवर्सिटी

पुणे

5

एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी

मुंबई

6

भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी

पुणे

7

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी

बंगलोर

8

वीआईटी बिजनेस स्कूल 

तमिलनाडु

बिजनेस स्टडीज में करियर

इंडस्ट्री में बिजनेस स्टडीज ग्रेजुएट्स के लिए कई करियर विकल्प मौजूद हैं. चाहे वह बैंकिंग क्षेत्र, फायनांस, मार्केटिंग, स्टॉक एक्सचेंज या फिर बीपीओ हों, प्रत्येक इंडस्ट्री में  में बिजनेस स्टडीज प्रोफेशनल्स के लिए कोई न कोई वेकेंसी रहती ही है.

बिजनेस स्टडीज ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी के अवसर

योग्यता के स्तर और इंडस्ट्री में प्राप्त अनुभव के आधार पर बिजनेस स्टडीज प्रोफेशनल्स निम्नांकित जॉब कर सकते हैं.

अंडर ग्रेजुएट लेवल के बाद उपलब्ध नौकरी प्रोफाइल

• मार्केट एनालिस्ट
• टीचर और लेक्चरर
• मैनेजर
• कंसल्टेंट
• बिजनेस एनालिस्ट
• अकाउंटेंट

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद उपलब्ध जॉब प्रोफाइल

• बिजनेस डेवेलपमेंट मैनेजर
• फायनांस मैनेजर
• अकाउंटिंग हेड
• मैनेजमेंट कंसल्टेंट

पीएचडी के बाद उपलब्ध नौकरी प्रोफाइल

•    सीईओ
•    बिजनेस कंसल्टेंट्स
•    सीएफओ

बिजनेस स्टडीज ग्रेजुएट्स के लिए टॉप रिक्रूटर्स

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों से भारत में कुछ ऐसे लोकप्रिय ब्रांड हैं जो बिजनेस स्टडीज प्रोफेशनल्स को आकर्षक नौकरी का अवसर प्रदान करते हैं. उनमें से कुछ हैं:

  • सैपेंट कॉर्पोरेशन
  • स्नैपडील.कॉम
  • पेपैल इंक,
  • विप्रो टेक्नोलॉजीज लिमिटेड,
  • कॉग्निजेंट,
  • रिलायंस कम्युनिकेशंस
  • आमेजन.कॉम,इंक
  • टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड,
  • इन्फोसिस लिमिटेड,
  • फ्लिपकार्ट

बिजनेस स्टडीज ग्रेजुएट्स की सैलरी

किसी भी करियर का चुनाव करते समय सैलरी एक मुख्य फैक्टर होता है. अगर करियर के रूप में बिजनेस स्टडीज की बात की जाय तो इस फील्ड में काम के आधार पर बहुत अच्छा पैकेज मिलता है. प्रारंभिक अवस्था में फ्रेशर को प्रति वर्ष लगभग 2 से 3 लाख रुपये औसतन मिलते हैं. पोस्ट ग्रेजुएट्स उम्मीदवार प्रति वर्ष 4 से 5 लाख औसत वेतन की उम्मीद कर सकते हैं. इस इंडस्ट्री में 10-15 वर्ष का अनुभव प्राप्त करने के बाद प्रति वर्ष 30 लाख तक की कमाई की जा सकती है.

बिजनेस स्टडीज कोर्स क्यों करना चाहिए

बिजनेस स्टडीज कोर्स उम्मीदवारों को एकाउंटेंसी, फायनांस, मार्केटिंग, ऑर्गनाइजेशनल स्टडीज और इकोनोमिक्स जैसे विषयों के बारे में पूर्ण जानकारी प्रदान करता है. इन सभी विषयों की व्यापक जानकारी किसी ऑर्गनाइजेशन को चलाने के लिए बहुत जरुरी है. बिजनेस स्टडीज सब्जेक्ट में इन सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी उम्मीदवारों में बिजनेस चलाने के लिए एक सही दृष्टिकोण तथा क्षमता का विकास करता है.

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