इंश्योरेंस में करियर

Sep 14, 2018 10:11 IST
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परिचय

इंश्योरेंस या बीमा इंश्योरर और इंश्योर्ड व्यक्ति के बीच एक करार या समझौता होता है जिसके तहत इंश्योर्ड व्यक्ति मासिक या वार्षिक आधार पर प्रीमियम के तौर पर एक निश्चित राशि अदा करता है. बदले में इंश्योरर वादा करता है कि किसी मुसीबत के मामले में काफी ज्यादा राशि इंश्योर्ड व्यक्ति को अदा की जायेगी. इंश्योरेंस करवाना हमेशा अच्छा रहता है क्योंकि किसी मुसीबत की घड़ी जैसेकि, परिवार के किसी सदस्य की बीमारी के समय या फिर किसी एक्सीडेंट या चोरी के मामले में इंश्योरेंस से प्राप्त राशि से आपको काफी मदद मिल सकती है. इंश्योरेंस कंपनीज के पास तकरीबन हरेक उस स्थिति के लिए अलग-अलग पॉलिसीज हैं जिसकी कल्पना कोई इंसान कर सकता है. विभिन्न कंपनियों द्वारा बेची जाने वाली सबसे लोकप्रिय इंश्योरेंस पॉलिसीज हैं – लाइफ इंश्योरेंस, ट्रेवल इंश्योरेंस, व्हीकल इंश्योरेंस, हेल्थ या मेडीक्लेम इंश्योरेंस और होम इंश्योरेंस. कई सरकारी निकाय जैसेकि, लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और प्राइवेट कंपनीज जैसेकि आईसीआईसीआई प्रुडेंशल, मैक्स न्यू यॉर्क, बिरला सन लाइफ, बजाज आलियांज, टाटा एआईजी और अन्य कंपनीज कई किस्म की इंश्योरेंस पॉलिसीज बेचती हैं.

कदम-दर-कदम

एक स्टूडेंट के तौर पर, आप शायद अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद इंश्योरेंस को बतौर करियर अपनाना चाहें. लेकिन, बहुत कम स्टूडेंट्स अपनी 12वीं क्लास की पढ़ाई पूरी करने के बाद यह विषय पढ़ना पसंद करते हैं. आजकल कई कंपनियां स्टूडेंट्स को उनकी स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद पार्ट-टाइम जॉब्स ऑफर करती हैं. लेकिन आपको यह सलाह दी जाती है कि पहले आप अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद ही इंश्योरेंस मैनेजमेंट में अपनी मास्टर डिग्री करें ताकि आपको विषय की अच्छी समझ आ सके.

इंश्योरेंस में मास्टर डिग्री के तहत निम्नलिखित कोर्स कंटेंट ऑफर किये जाते हैं:

1. लाइफ एंड जनरल इंश्योरेंस के सिद्धांत और व्यवहार

2. लाइफ एंड नॉन लाइफ इंश्योरेंस डोमेन

3. इंश्योरेंस लॉ

4. लाइफ इंश्योरेंस अंडरराइटिंग और जोखिम प्रबंधन

5. इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस क्लेम्स की लायबिलिटी

6. रिइंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स

इस स्टडी का लक्ष्य और उद्देश्य आपको इंश्योरेंस के विभिन्न पहलुओं के बारे में अच्छी तरह से परिचय देना है.

जल्दी करें शुरू 

अगर आपके पास पीपल स्किल्स, सेलिंग स्किल्स हैं और आप लोगों कि प्रॉब्लम्स को सुलझाना चाहते हैं तथा उन्हें फाइनेंशल सिक्यूरिटी उपलब्ध करवाना चाहते हैं... तो इंश्योरेंस आपके लिए एक बिलकुल सही करियर विकल्प है. लेकिन आप केवल पैसा कमाने के लिए ही इंश्योरेंस को अपने करियर के तौर पर कभी न चुनें. इसके विपरीत, दुनिया के लिए इंश्योरेंस का वास्तविक महत्व आपको शुरू में ही समझ लेना चाहिए.

क्या मेरे लिए यह एक सही करियर है?

एक स्टूडेंट के तौर पर, अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद या कॉलेज दिनों में अगर आपको लगता है कि आपके पास बढ़िया पीपल स्किल्स और सेलिंग स्किल्स हैं तो निश्चित तौर पर इंश्योरेंस आपके लिए एक उपयुक्त कोर्स है. आप किसी मशहूर कम्पनी में एक इंश्योरेंस एजेंट या सेल्स एग्जीक्यूटिव – इंश्योरेंस के तौर पर काम कर सकते हैं. इस जॉब के लिए, आपको आईआरडीए/ इरडा (इंश्योरेंस रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) द्वारा आयोजित एजेंट एग्जाम पास करना होगा. कुछ साल काम करने के बाद आप एक इंश्योरेंस मैनेजर के तौर पर काम कर सकते हैं.

इंश्योरेंस को एक करियर ऑप्शन के तौर पर अपनाने के लिए प्रमुख रूप से 2 स्किल्स की जरूरत होती है: पहला स्किल लोगों से आसानी से दोस्ती करने का गुण है. दूसरा महत्वपूर्ण स्किल लोगों की प्रॉब्लम्स को अच्छी तरह समझना और उन्हें इंश्योरेंस की जरूरत और महत्व के बारे में समझाना है. आप लोगों को यह अच्छी तरह समझा सकते हैं कि इंश्योरेंस भविष्य में घटने वाली किसी भी अनहोनी के प्रति एक सुरक्षा कवर मुहैया करवाती है. कम से कम धन के संबंध में, इंश्योरेंस की वजह से लोग खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित महसूस करते हैं.

इसकी क्या लागत है?

एमबीए इंश्योरेंस प्रोग्राम की औसत वार्षिक फीस रु. 1 लाख से रु. 2 लाख तक हो सकती है जो आपकी यूनिवर्सिटी या स्कूल के चयन पर निर्भर करता है. भारत में कुछ बढ़िया इंश्योरेंस स्कूल्स हैं – आईसीएफएआई, एनआईए और बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट और कई अन्य स्कूल्स हैं जो विभिन्न डिस्टेंस एजुकेशन कोर्सेज, डिप्लोमा प्रोग्राम्स और रेगुलर कोर्सेज भी ऑफर करते हैं.

फंडिंग/ स्कॉलरशिप

असल में केवल इंश्योरेंस कोर्सेज के लिए अलग से लोन्स उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं. लेकिन, पेशेवर लोग अपनी कंपनी की स्पोंसरशिप्स के माध्यम से स्टडी कर सकते हैं. इसी तरह, भारतीय स्टेट बैंक जैसे बैंकों के माध्यम से रु. 7.5 लाख तक एजुकेशन लोन्स उपलब्ध करवाए जाते हैं.

जॉब प्रॉस्पेक्ट्स

किसी इंश्योरेंस पेशेवर के लिए जॉब प्रॉस्पेक्ट्स दिन-पर-दिन बढ़ते जा रहे हैं. आप किसी इंश्योरेंस एजेंट के तौर पर काम कर सकते हैं और आपका प्रमुख काम लोगों को इंश्योरेंस पॉलिसीज बेचना होगा. इस काम के लिए आपको एक टारगेट अमाउंट दिया जाएगा जो आपको प्रीमियम्स के माध्यम से कमाना होगा. इसके बदले में आपको कमीशन दिया जायेगा. अन्य जॉब्स में सेल्स मैनेजर – इंश्योरेंस शामिल है जिसके तहत आपको विभिन्न इंश्योरेंस पॉलिसीज बेचने के लिए इंश्योरेंस एजेंट्स की टीम को हैंडल करना होगा. इसके अलावा, आप एक इंश्योरेंस अंडरराइटर/ जोखिम अंकनकर्ता के तौर पर भी जॉब कर सकते हैं.

पे पैकेट

किसी इंश्योरेंस कंपनी में एक फ्रेशर को लगभग रु.10,000/- से रु.30,000/- तक पे पैकेज मिल सकता है. हायर पोजीशन्स में आप रु. 1 लाख प्रत्येक माह कमा सकते हैं. अगर आपने किसी मशहूर बिजनेस स्कूल से इंश्योरेंस में मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री प्राप्त की है तो आप अपनी पहली जॉब में ही काफी अच्छी सैलरी पाने की उम्मीद कर सकते हैं.

डिमांड एंड सप्लाई

इंश्योरेंस पेशेवरों की मांग आजकल काफी ज्यादा है. स्टेटिस्टिक्स के अनुसार दुनिया की केवल 14% जनसंख्या तक इंश्योरेंस पेशेवरों ने अपनी पहुंच बनाई है जिसका एक अर्थ यह है कि अभी भी 86% जनसंख्या को लेकर काफी संभावनाएं मौजूद हैं. इसलिए, मुख्य रूप से सप्लाई की तुलना में डिमांड काफी ज्यादा है. लेकिन केवल बिजनेस की काबिलियत और विषय के प्रति रूचि रखने वाले लोगों की जरूरत है. जैसेकि लोग कहते हैं, “इंश्योरेंस प्रलोभन देने की सिफारिश करने का विषय है”. इसलिए, अगर पॉलिसीज और सिस्टम्स उचित और सही हों तो इस फील्ड के इस्तेमाल से काफी रेवेन्यु प्राप्त किया जा सकता है.   

बाज़ार पर नजर

पिछले कुछ वर्षों में, कई मशहूर इंश्योरेंस कंपनियों जैसेकि मैक्स न्यू यॉर्क, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, बजाज आलियांज, टाटा एआईजी और अन्य कंपनियों ने बायर्स को आकर्षित करने के लिए कई नयी पॉलिसीज पेश की हैं. अधिकांश पॉलिसीज भरोसेमंद और लोक कल्याणकारी हैं. केवल वर्ष 2009 की आर्थिक मंदी के अलावा  इंश्योरेंस इंडस्ट्री के संबंध में मार्केट में लगातार उछाल आया है. असल में, वर्ष 2009 में सभी टॉप कंपनीज की वित्तीय स्थिति में काफी गिरावट आई थी.

अंतर्राष्ट्रीय फोकस

इंश्योरेंस किसी भी व्यक्ति के धन, एसेट्स, लाइफ और संपत्तियों को सुरक्षित रखने का एक बहुत ही लोकप्रिय तरीका है. विकसित देशों जैसेकि, अमरीका और इंग्लैंड में यह सेक्टर काफी विश्वसनीय और सिस्टमेटिक है. भारत में, इन सिस्टम्स का अभी विकास हो रहा है और अभी इन्हें पूरी तरह महत्वपूर्ण बनने में समय लगेगा. एलआईसी (लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ़ इंडियन लि.) और जीआईसी (जनरल इंश्योरेंस कंपनी ऑफ़ इंडिया लि.) जैसी कंपनीज काफी विश्वसनीय कंपनियों में से 2 मशहूर कम्पनियां हैं. इनके अलावा, सभी प्राइवेट कम्पनियां इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईआरडीए) एक्ट के तहत काम करती हैं.

 

सकारात्मक/ नकारात्मक पहलू

सकारात्मक पहलू

  • इंडस्ट्री का विकास काफी तेज़ी से हो रहा है. बढ़िया पीपल स्किल्स और सेलिंग स्किल्स वाले लोगों के लिए कार्य-अवसर दिन-पर-दिन बढ़ते जा रहे हैं.
  • आने वाले कुछ वर्षों में इंडस्ट्री का सम्पूर्ण विकास अपने चरम पर पहुंच जाएगा. स्टूडेंट्स और अन्य लोगों के लिए इंश्योरेंस सेक्टर भावी करियर के तौर पर देखा जा रहा है.
  • पुणे में एनआईए जैसे कई प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट्स हैं जो स्टूडेंट्स को इंश्योरेंस में बेहतरीन कोर्सेज ऑफर करते हैं. इसके अलावा, बिरला स्कूल्स और आईसीएफएआई जैसे इंस्टीट्यूट्स स्टूडेंट्स के लिए रेगुलर और डिस्टेंस एजुकेशन, दोनों में ही विभिन्न कोर्सेज ऑफर करते हैं. 

नकारात्मक पहलू

  • लोगों को विभिन्न इंश्योरेंस पॉलिसीज खरीदने के लिए मनाने के लिए स्टूडेंट्स या इंश्योरेंस प्रोफेशनल्स को  अपनी बात समझाने के लिए बहुत बढ़िया स्किल्स होने चाहियें. कभी कभी, यह नापसंद भी किया जा सकता है.
  • इस बिजनेस में कई कंपनियां दिन-ब-दिन शामिल हो रही हैं. उदाहरण के लिए, अभी हाल ही में रिलायंस कंपनी ने इस इंश्योरेंस के बिजेनस में कदम रखा है. इस कारण, बहुत बार किसी संगठन की विश्वसनीयता के संबंध में भरोसा करना काफी मुश्किल हो जाता है. 

विभिन्न भूमिकाएं/ विभिन्न नाम

इंश्योरेंस को विभिन्न नामों के तहत बेचा जा सकता है लेकिन अंतिम रूप से इसका उद्देश्य एक्सीडेंट्स, चोरी या प्राकृतिक आपदाओं जैसी विभिन्न अनहोनियों से किसी व्यक्ति या परिवार को सुरक्षित करना होता है. विभिन्न प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसीज में लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ और मेडीक्लेम इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस और व्हीकल इंश्योरेंस आदि को शामिल किया जा सकता है.

टॉप कंपनीज

जॉब फ्रंट पर, रैंडम स्टैटिस्टिकल इनफॉर्मेशन के आधार पर, भारत की टॉप 10 इंश्योरंस कम्पनियां निम्नलिखित हैं:

लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ़ इंडियन लि.(एलआईसी), बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, इफ्को टोक्यो जनरल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस.

जॉब प्राप्त करने के लिए जरुरी टिप्स

इंश्योरेंस में अपनी ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप किसी इंश्योरेंस प्रोफेशनल के तौर पर जॉब प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित टिप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • जॉब ओपनिंग्स के लिए बढ़िया इंश्योरेंस कंपनीज की वेबसाइट्स समय-समय पर चेक करते रहें और उचित जॉब के लिए अप्लाई कर दें.
  • अपनी दोस्ती और जान-पहचान का दायरा काफी बढ़ायें ताकि भविष्य में इंश्योरेंस डील्स के लिए बातचीत करने के लिए आपको उन लोगों से रेफ़रेंस प्राप्त हो सके.
  • सेलिंग स्किल्स, बिजनेस एटिकेट और बिजनेस कम्युनिकेशन के संबंध में सभी जरुरी किताबें पढ़ें.  
  • लेटेस्ट वर्ल्ड इंश्योरेंस परिवेश और उन नयी स्ट्रेटेजीज से अपडेटेड रहें जिन्हें अपनाया जा रहा है.
  • इंश्योरेंस पॉलिसीज में लागू किये जा सकने वाले आईआरडीए द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न लॉज और रेगुलेशन्स तथा आगामी संशोधनों से अपडेटेड रहें.
  • टॉप फाइनेंस कंपनीज और उनके स्टॉक एक्सचेंज स्टेटस से अपडेटेड रहें ताकि आप उनके अनुरूप अपनी इंश्योरेंस सेलिंग्स और बातचीत/ नेगोशिएशन कर सकें.

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