भारतीय मूल के 13 साल के एक बच्चे ने ब्रिटेन में आयोजित मेनसा आईक्यू टेस्ट में सर्वाधिक 162 अंक प्राप्त किए है. इस उपलब्धि को प्राप्त करने के बाद ध्रुव गर्ग दुनिया के शीर्ष एक फीसदी लोगों में सम्मिलित हो गया है. ध्रुव गर्ग को यूके चाइल्ड जीनियस का खिताब प्रदान किया गया है.
दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के बकिंघम निवासी ध्रुव गर्ग गर्मियों की छुट्टियों के दौरान समय बिताने के लिए कुछ अलग करना चाहता था. बर्कशायर के रीडिंग स्कूल में पढ़ने वाले ध्रुव ने फैसला किया कि वह मेनसा के बौद्धिक समूह में शामिल होने का प्रयास करेगा.
प्रमुख तथ्य-
- समाचार पत्र डेली मिरर’ के अनुसार इस बच्चे ने शुरुआती आईक्यू टेस्ट में 162 अंक हासिल किए.
- यह मेनसा आईक्यू टेस्ट में हासिल किया जा सकने वाला अधिकतम अंक है.
- ध्रुव ने दूसरे टेस्ट ‘कल्चर फेयर स्केल’ में भी सबसे अधिक 152 अंक हासिल किए.
- इस के साथ ही ध्रुव मेनसा टेस्ट में भाग लेने वाले दुनिया की चुनिंदा हस्तियों में सम्मिलित हो गया है जिन्होंने दोनों परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक हासिल किए.
- ध्रुव एक ऐसा ऐप भी विकसित कर रहा है जिससे लोगों के अकेलेपन को खत्म किया जा सके.
मेनसा के बारे में-
- मेन्सा को दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी उच्च आईक्यू सोसायटी माना जाता है.
- वैज्ञानिक एवं वकील लांसलॉट लियोनेल वेयर और ऑस्ट्रेलियाई बैरिस्टर रोलैंड बेरिल ने 1946 में ऑक्सफोर्ड में इसकी स्थापना की. बाद में इस संगठन का प्रसार विश्वभर में हुआ.
- यह गैर लाभकारी संस्था है. इसकी स्थापना एक अक्टूबर 1946 को इंग्लैंड में की गई.
· समाचार पत्र डेली मिरर’ के अनुसार इस बच्चे ने शुरुआती आईक्यू टेस्ट में 162 अंक हासिल किए.
यह मेनसा आईक्यू टेस्ट में हासिल किया जा सकने वाला अधिकतम अंक है.
ध्रुव ने दूसरे टेस्ट ‘कल्चर फेयर स्केल’ में भी सबसे अधिक 152 अंक हासिल किए.
इस के साथ ही ध्रुव मेनसा टेस्ट में भाग लेने वाले दुनिया की चुनिंदा हस्तियों में सम्मिलित हो गया है जिन्होंने दोनों परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक हासिल किए.
ध्रुव एक ऐसा ऐप भी विकसित कर रहा है जिससे लोगों के अकेलेपन को खत्म किया जा सके.
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