भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 30 अगस्त 2017 को अपनी वार्षिक रिपोर्ट (2016-17) में कहा है कि नोटबंदी के बाद करीब 99 फीसदी पुराने नोट बैंकों में वापस लौट आए.
आरबीआई ने कहा नवंबर 2016 में लागू की गई नोटबंदी के दौरान देश में प्रचलन में रहे 15.44 लाख करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट में से 15.28 लाख करोड़ रुपये प्रणाली में वापस लौट कर आ गए हैं.
आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा की 1000 रुपये के मात्र 1.3 प्रतिशत नोट ही बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं लौटे हैं. इस तरह से यह कह सकते हैं कि लगभग 99 फीसदी नोट वापस आ चुके हैं. सिर्फ 16 हजार करोड़ रुपए ही बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं आए हैं.
रिजर्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में 7.62 लाख नकली नोटों का पता चला जबकि 2015-16 में 6.32 लाख नकली नोट पकड़े गए. नोटबंदी के बाद कुल 16,000 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट बैंकों में वापस नहीं आए.
वर्ष 2016-17 के दौरान कुल नकदी में 500 या इससे बड़े नोटों की हिस्सेदारी घटकर 73.4 फीसदी रह गई है. इनमें भी 50.2 फीसदी हिस्सेदारी 2,000 रुपये के नोट की है.
पृष्ठभूमि:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य केवल काले धन पर नियंत्रण ही नहीं बल्कि जाली नोटों से छुटकारा पाना भी था. इसके अंतर्गत 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया तथा उनकी जगह सरकार ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए.
पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने की अनुमति दी गई थी और असाधारण जमा आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ गयी थी.
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