पश्चिमी एशिया और यूरोप के काकेशस क्षेत्र में स्थित देश आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान ने 16 अक्टूबर 2018 को देश में जल्द संसदीय चुनाव करवाने के मद्देनजर अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
पाशिनयान ने आर्मेनिया के राष्ट्रपति सर्ज सरगिसयान के खिलाफ दो सप्ताह तक चले प्रदर्शनों के बाद मई 2018 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. पाशिनयान देश में जल्द चुनाव करवाकर अपने प्रतिद्वंदियों को सत्ता से बाहर रखना चाहते हैं.
स्मरणीय तथ्य
• निकोल पाशिनयान के इस्तीफे को आर्मेनिया के राष्ट्रपति अर्मेन सर्किसियन ने स्वीकार कर लिया है. निकोल पाशिनयान ने 8 मई, 2018 को प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला था.
• आर्मेनिया में 10 दस साल तक राष्ट्रपति रहे सर्ज सरगिसयान को जब प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था, तो उनकी नियुक्ति के विरोध में आर्मेनिया में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए.
• इसके बाद सर्ज सरगिसयान को मजबूरन इस्तीफ़ा देना पड़ा, उनके स्थान पर निकोल पाशिनयान को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था.
• प्रधानमंत्री व सरकार के इस्तीफे के बाद अब संसद का विघटन होगा तथा इसके पश्चात् नए सिरे से चुनाव कराये जाने की घोषणा की गई है.
क्या कहता है आर्मेनिया का संविधान? |
आर्मेनिया के संविधान के अनुसार यदि प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा देता है तथा संसद द्वारा दो सप्ताह के भीतर किसी अन्य व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त नहीं किया जाता तो उसके बाद नए सिरे से चुनाव करवाए जाते हैं. संविधान के अनुसार नए चुनाव 30-45 दिन के भीतर होने चाहिए. |
आर्मेनिया के बारे में
आर्मेनिया यूरेशिया में स्थित एक देश है. आर्मेनिया की राजधानी येरेवान है. सोवियत संघ में एक जनक्रान्ति एवं राज्यों के आजादी के संघर्ष के बाद आर्मीनिया को 23 अगस्त 1990 को स्वतंत्रता प्रदान कर दी गई, परन्तु इसके स्थापना की घोषणा 21 सितंबर, 1991 को हुई एवं इसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता 25 दिसंबर को मिली. आर्मेनिया 29,743 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, इसकी जनसँख्या 29,24,816 है. इसकी सीमाएँ तुर्की, जॉर्जिया, अजरबैजान और ईरान से लगी हुई हैं.
यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया गया
Comments
All Comments (0)
Join the conversation