रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 1.86 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट्स उपलब्ध कराने के लिए एक प्राइवेट रक्षा फर्म के साथ 639 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किये. मंत्रालय ने एक सफल ट्रायल के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया. बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एस.एम.पी.पी प्राइवेट लिमिटेड को दी गयी है.
भारतीय सेना के लिए कारगर बुलेट प्रूफ जैकेटों की जरूरत को युद्ध क्षेत्र के लिए सफलतापूर्वक आवश्यक परीक्षण करने के बाद पूरा किया गया.
नई बुलेटप्रूफ जैकेट्स के बारे में जानकारी
• सेना के लिए 1,86,138 बुलेट प्रूफ जैकेटों की खरीद के हेतु अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
• नए बुलेटप्रूफ जैकेट सैनिकों को '360 डिग्री सुरक्षा' प्रदान करेंगे.
• यहां तक कि यह जैकेट्स 'स्टील कोर' बुलेट्स से भी सुरक्षा प्रदान करेंगे.
• यह जैकेट 'बोरॉन कार्बाइड सेरैमिक' से बने होंगे, जो बलिस्टिक प्रोटेक्शन के लिए सबसे हल्का पदार्थ है. इस तरह नए बुलेटप्रूफ जैकेट्स कम वजन वाले होंगे.
• बुलेट प्रूफ जैकेटें अत्याधुनिक हैं, जिनमें रक्षा का अतिरिक्त स्तर और कवरेज क्षेत्र है.
• श्रम-दक्षता की दृष्टि से डिजाइन की गई बुलेट प्रूफ जैकेटों में मॉड्यूलर कलपुर्जे हैं, जो लम्बी दूरी की गश्त से लेकर अधिक जोखिम वाले स्थानों में कार्य कर रहे सैनिकों को संरक्षण और लचीलापन प्रदान करते हैं.
टिप्पणी
सेना में लंबे समय से बुलेटप्रूफ जैकेट्स और आधुनिक हथियारों की मांग की जाती रही है. ऐसे में रक्षा मंत्रालय के इस सौदे को आधुनिकीकरण की ओर कदम के तौर पर देखा जा रहा है. कुछ समय पूर्व सेना ने द्वारा भी आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया जाता रहा है.
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