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अयोध्या मामले पर फैसला: जानिए कब आ रहा है अहम फैसला

प्रत्येक व्यक्ति यह जानना चाह रहा है कि राममंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ कब अपना अहम फैसला सुनाएगी. अयोध्या में भूमि विवाद पर फैसले की तारीख अब नजदीक आ चुकी है.

Nov 8, 2019 14:35 IST
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अयोध्या मामले पर हर कोई सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है. प्रत्येक व्यक्ति यह जानना चाह रहा है कि राममंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ कब अपना अहम फैसला सुनाएगी. अयोध्या में भूमि विवाद पर फैसले की तारीख अब नजदीक आ चुकी है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और हर कोई सेवानिवृत्त होने से पहले फैसले की उम्मीद कर रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या सहित कई जिलों में सुरक्षा को बढ़ा दिया है. कई राज्यों ने भी कानून-व्यवस्था को चाक चौबंद रखने हेतु तैयारियां शुरू कर दी हैं.

वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले की संभावना 12 नवंबर के बाद होगी. इस संभावना के तीन प्रमुख कारण हैं.

08 नवंबर: क्यों संभव नहीं है?

अयोध्या में 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा के लिए लगभग 15 लाख भक्त मौजूद हैं. हालाँकि, परिक्रमा 07 नवंबर को संपन्न हो गई है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लौटने में समय लगेगा. इस स्थिति में, 08 नवंबर को निर्णय की घोषणा करना मुश्किल है क्योंकि यह क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

09 से 12 नवंबर: क्यों संभव नहीं?

सुप्रीम कोर्ट शनिवार और रविवार (09 नवंबर और 10 नवंबर) को बंद रहेगा. सुप्रीम कोर्ट के कैलेंडर 2019 के अनुसार, 11 नवंबर को स्थानीय अवकाश और 12 नवंबर को गुरुनानक जयंती का अवकाश होगा. इसलिए, इन दिनों के दौरान फैसले की घोषणा नहीं की जाएगी.

13 से 15 नवंबर: यह क्यों संभव है?

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर (रविवार) को सेवानिवृत्त हो रहे है. सुप्रीम कोर्ट को अपना फैसला देने के लिए 13 नवंबर, 14 नवंबर और 15 नवंबर को केवल तीन कार्यदिवस होंगे. सुप्रीम कोर्ट के लिए अगले दो दिन (16 नवंबर, शनिवार और 17 नवंबर, रविवार) साप्ताहिक अवकाश होंगे.

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पृष्ठभूमि

रामायण के अनुसार, भगवान राम का जन्म अयोध्या में सरयू नदी के तट पर हुआ था. मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम का एक प्राचीन मंदिर वहां मौजूद है. इसे प्रथम मुगल सम्राट बाबर द्वारा साल 1528 में ध्वस्त कर दिया गया था. उन्होंने उसी स्थान पर बाबरी मस्जिद नामक एक मस्जिद का निर्माण किया था. बाद में 06 दिसंबर 1992 को कारसेवकों द्वारा मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था. अब, हिंदू और मुसलमान 2.77 एकड़ भूमि पर अपने स्वामित्व का दावा कर रहे हैं.

विवाद के मुख्य पक्ष

अयोध्या मामले में तीन प्रमुख पक्ष हैं - (i) निर्मोही अखाड़ा (ii) उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (iii) रामलला विराजमान

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