संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की जयंती पर इस साल भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा. केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 14 अप्रैल 2021 को देशभर में सार्वजनिक अवकाश का घोषणा किया है. इस अवकाश का घोषणा पिछले साल आठ अप्रैल को किया गया था. 14 अप्रैल 2021 को अंबेडकर की 130वीं जयंती होगी.
बाबा साहब की जयंती पर कार्मिक मंत्रालय के सार्वजनिक अवकाश के इस फैसले की जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने 01 अप्रैल 2021 को ट्वीट करके दी. साथ ही देश में समरसता में बाबा साहब के योगदान को सराहा भी. केंद्र सरकार ने इस खास दिन को सार्वजनिक अवकाश के तौर घोषित करने का फैसला किया है. इसके तहत सभी केंद्रीय कार्यालयों की छुट्टी रहेगी.
आंबेडकर जयंती: एक नजर में
• हर साल 14 अप्रैल को संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जयंती मनाई जाती है. इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था.
• इनके पिता रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई मुरबादकर थे. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उन्होंने विषम परिस्थति में भी संघर्ष कर न केवल उच्च शिक्षा ग्रहण की, बल्कि समाज को भी शिक्षित किया.
• आंबेडकर विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माण और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है.
• उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में हासिल की और उच्च शिक्षा राजनीतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र से पूरी की. इसके बाद बड़ौदा के गायकवाड़ शासक के तृतीय राजा ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा. जहां उनका चयन कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हो गया. उन्होंने यहां पीएचडी की पढ़ाई पूरी की.
• बाबासाहेब का पहला स्टेच्यु (Statue) उनके जीवित रहते हुए ही 1950 में बनवाया गया था, और यह स्टेच्यु कोल्हापूर शहर में है.
• भीमराव आंबेडकर तीनों गोलमेज सम्मलेन में भाग लेने वाले गैर कांग्रेसी नेता थे. उन्हें भारत में दलित बौद्ध आंदोलन के पीछे होने का भी श्रेय दिया गया. भारतीय तिरंगे में “अशोक चक्र” को जगह देने का श्रेय भी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को जाता है.
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