नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने 06 मार्च 2018 को मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल गंगा प्रसाद ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
कोनराड संगमा ने इससे पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसके उपरांत मेघालय के गवर्नर ने कोनराड संगमा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था.
कोनराड संगमा के पास 34 विधायकों का समर्थन था. उन्होंने 60 सदस्यीय विधानसभा में 34 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसमें एनपीपी के 19, यूनाइटेड डेमोक्रैटिक पार्टी (यूडीपी) के 6, पीपल्स डेमोक्रैटिक फ्रंट (पीडीएफ) के 4, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के 2 और बीजेपी के दो तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं.
कोनराड संगमा के बारे में
• कोनराड संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के पूर्व स्पीकर दिवंगत पी.ए. संगमा के बेटे हैं.
• कोनराड संगमा की स्कूली शिक्षा दिल्लीं के सेंट कोलंबस स्कूल में हुई है.
• वह लंदन और पेन्सिलवेनिया में भी पढ़ाई कर चुके हैं.
• कोनराड संगमा के बड़े भाई जेम्स अभी विधानसभा में विपक्ष के नेता थे. दोनों भाई पहली बार 2008 में विधायक बने थे.
• वर्ष 2009 से वर्ष 2013 तक कोनराड संगमा मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे
• वर्ष 1996 में पहली बार जब 13 दिनों के लिए अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी थी उस समय संगमा ही स्पीकर थे.
• कोनराड संगमा की बहन अगाथा संगमा मनमोहन सिंह की सरकार में ग्रामीण विकास राज्यो मंत्री रह चुकी हैं.
क्या था चुनावी परिणाम?
मेघालय में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल सका था. कांग्रेस 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी जबकि एनपीपी को 19 और बीजेपी को 2 सीटें मिली थीं. वहीं, अन्य के खाते में 17 सीटे आईं. कांग्रेस और बीजेपी लगातार यूडीपी के संपर्क में थे, जिनके 6 विधायक हैं. यूडीपी ने आख़िरकार कोनराड संगमा की एनपीपी को समर्थन देने का फ़ैसला किया जिसके परिणामस्वरुप बीजेपी ने सरकार बनाई.
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