SCO Defence Ministers Meeting 2022: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग लिया है. रक्षा मंत्री ताशकंद के तीन दिवसीय दौरे पर है. इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने और इसके सभी रूपों में खतरे को खत्म करने का आह्वान किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद और इसका उद्देश्य मानवता के खिलाफ एक अपराध है.
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh with the Defence Ministers of SCO Member countries at the SCO Meet in Tashkent, Uzbekistan. pic.twitter.com/CIpLaHRNdn
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) August 24, 2022
रक्षा मंत्री के भाषण के मुख्य बिंदु:
- बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है, जिसको ख़त्म करने के लिएSCO सदस्यों को आगे आना होगा.
- SCO सदस्य देशों के साथ संयुक्त संस्थागत क्षमताओं को विकसित करने पर भी जोर दिया.
- अफगान क्षेत्र को आतंकवादी गतिविधियों के लिए लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
- अफगानिस्तान के लिए भारत के पूर्ण समर्थन के साथयहां के आंतरिक मामलों में इसकी संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता में हस्तक्षेप न करने पर जोर दिया.
- यूक्रेन की स्थिति को बातचीत के माध्यमसुलझाया जाना चाहिए.
- SCO सदस्य देशों को आतंकवाद से मिलकर लड़ना चाहिए और इसके सभी रूपों को खत्म करना चाहिए.
भारत ने क्या रखा प्रस्ताव?
- भारतने 2023 में SCO सदस्य देशों के रक्षा मंत्रालयों के लिए 'मानवीय सहायता एवं आपदा राहत - जोखिम शमन एवं आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा' विषय पर भारत में एक कार्यशाला की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा है.
- भारत नेSCO देशों के रक्षा थिंक टैंकों के मध्य 'रुचि के विषय' पर एक वार्षिक संगोष्ठी के आयोजन का भी सुझाव दिया और इसे 2023 में भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है.
SCO के बारे में:
SCO एक स्थायी अंतरसरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसकी स्थापना वर्ष 2001 में की गयी थी. यह एक यूरेशियाई राजनीतिक और आर्थिक संगठन है जिसका लक्ष्य इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है. SCO सचिवालय की आधिकारिक भाषा रूसी और चीनी है. इसका मुख्यालय बीजिंग, चीन में है.
SCO के सदस्य देश:
- चीन
- भारत
- कजाखस्तान
- किर्गिज़स्तान
- रूस
- पाकिस्तान
- तजाकिस्तान
- उज़्बेकिस्तान
- ईरान
SCO की पूर्ण सदस्यता में रुचि रखने वाले 3 पर्यवेक्षक देश:
- अफ़ग़ानिस्तान
- बेलरूस
- मंगोलिया
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