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ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020: भारत को 94वां स्थान प्राप्त हुआ, जानें पाकिस्तान किस स्थान पर

यह रिपोर्ट किसी देश में कुपोषित बच्‍चों के अनुपात, पांच साल से कम आयु वाले बच्‍चे जिनका वजन या लंबाई उम्र के हिसाब से कम है और पांच साल से कम उम्र वाले बच्‍चों में मृत्‍यु दर के आधार पर तैयार की जाती है.

Oct 19, 2020 09:34 IST
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Global Hunger Index in hindi: ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) रिपोर्ट-2020 हाल ही में जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब भी काफी भुखमरी मौजूद है. आपकों बता दें की 107 देशों के लिए की गई रैंकिंग में भारत 94वें पायदान पर आया है. रिपोर्ट के अनुसार 27.2 के स्कोर के साथ भारत भूख के मामले में 'गंभीर' स्थिति में है.

यह रिपोर्ट किसी देश में कुपोषित बच्‍चों के अनुपात, पांच साल से कम आयु वाले बच्‍चे जिनका वजन या लंबाई उम्र के हिसाब से कम है और पांच साल से कम उम्र वाले बच्‍चों में मृत्‍यु दर के आधार पर तैयार की जाती है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2020 में कुल 107 देशों को शामिल किया गया जिसमें भारत 94वें पायदान पर है.

नेपाल से भी पीछे है भारत

भारत कई सारे पड़ोसी देशों से भी पीछे चल रहा है. इन देशों में नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं. ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग कुछ सुधरी है, लेकिन अब भी भारत कई पड़ोसी देशों से पीछे चल रहा है.

सिर्फ 13 देश ऐसे हैं जो हंगर इंडेक्स में भारत से पीछे

रिपोर्ट के अनुसार केवल 13 देश ऐसे हैं जो हंगर इंडेक्स में भारत से पीछे हैं. इनमें रवांडा (97), नाइजीरिया (98), अफगानिस्तान (99), लीबिया (102), मोजाम्बिक (103), चाड (107) जैसे देश शामिल हैं.

पाकिस्तान की रैंकिंग

हंगर इंडेक्स 2020 में इंडोनेशिया 70वें, नेपाल 73वें, बांग्लादेश 75वें और पाकिस्तान 88 वें स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार, भुखमरी के लिहाज से एशिया में भारत की स्थिति अपने कई पड़ोसी देशों से खराब है. भारत का स्कोर इसमें  27.2 है जबकि पाकिस्तान का 24.6, बांग्लादेश का 20.4 और नेपाल का 19.5 स्कोर है.

भारत में कुपोषण

रिपोर्ट के मुताबिक भारत की करीब 14% जनसंख्या कुपोषण का शिकार है. भारत में बच्चों में कुपोषण की स्थिति भयावह है. ग्‍लोबल हंगर इंडेक्‍स किसी देश में कुपोषित बच्‍चों के अनुपात, पांच साल से कम उम्र वाले बच्‍चे जिनका वजन या लंबाई उम्र के हिसाब से कम है और पांच साल से कम उम्र वाले बच्‍चों में मृत्‍यु दर के आधार पर तैयार की जाती है.

भारत की रैंकिंग 2015 से अब तक: एक नजर में

भारत साल 2015 में 93वें, 2016 में 97वें, 2017 में 100वें, 2018 में 103वें और 2019 में 102वें स्थान पर रहा था. रिकॉर्ड दिखाते हैं कि भुखमरी को लेकर भारत में संकट बरकरार है.

भारत में भूख की 'गंभीर समस्या'

इस रिपोर्ट में भूख की स्थिति के आधार पर देशों को 0 से 100 अंक दिये गये है. इस रिपोर्ट में 0 अंक सबसे अच्छा अर्थात भूख की स्थिति नहीं होना है. रिपोर्ट में 10 से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत कम समस्या है. इसी तरह, रिपोर्ट में 20 से 34.9 अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट है. रिपोर्ट में 35 से 49.9 अंक का मतलब हालत बहुत ही चुनौतीपूर्ण है और 50 या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत ही भयावह स्थिति है. इस रिपोर्ट में भारत को 30.3 अंक मिला है. इस अंक का मतलब है कि भारत में भूख का गंभीर संकट है.

ग्लोबल हंगर इंडेक्स क्या है?

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में विश्व के भिन्न-भिन्न देशों में खानपान की स्थिति का विस्तृत जानकारी दिया जाता है. इस इंडेक्स में यह देखा जाता है कि लोगों को किस तरह का खाद्य पदार्थ मिल रहा है तथा उसकी गुणवत्ता और मात्रा कितनी है और उसमें कमियां क्या हैं.

यह रिपोर्ट प्रत्येक साल अक्टूबर महीने में जारी की जाती है. इंटरनेशनल फ़ूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ की शुरुआत साल 2006 में की थी. वेल्ट हंगरलाइफ नाम के एक जर्मन संस्था ने साल 2006 में पहली बार ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ जारी किया था.

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