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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत सीएसएमसी की में 4,78,670 मकानों को मंजूरी

केन्‍द्रीय स्‍वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की हुई 42वीं बैठक के दौरान यह मंजूरी प्रदान की गई. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अब कुल स्वीकृत मकानों की संख्या 72,65,763 हो गई है.

Feb 1, 2019 09:51 IST
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आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शहरी गरीबों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 4,78,670 अन्‍य किफायती मकानों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है.

केन्‍द्रीय स्‍वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 31 जनवरी 2019 को हुई 42वीं बैठक के दौरान यह मंजूरी प्रदान की गई. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अब कुल स्वीकृत मकानों की संख्या 72,65,763 हो गई है.

मुख्य तथ्य:

  आंध्र प्रदेश के लिए 1,05,956 मकानों को जबकि पश्चिम बंगाल के लिए 1,02,895 मकानों को मंजूरी दी गई है.

  उत्‍तर प्रदेश के लिए 91,689 मकानों को स्‍वीकृति दी गई है, जबकि तमिलनाडु के लिए 68,110 मकानों को स्‍वीकृति दी गई है.

  मध्‍य प्रदेश के लिए 35,377 मकानों और केरल के लिए 25,059 मकानों को मंजूरी दी गई है.

  महाराष्‍ट्र के लिए 17,817 और ओडिशा के लिए 12,290 मकानों को मंजूरी दी गई है.

  बिहार के लिए 10,269 जबकि उत्‍तराखंड के लिए 9,208 मकानों को मंजूरी दी गई है.     

•  आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्‍यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 940 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. 7,180 करोड़ रुपये की केन्‍द्रीय सहायता के साथ इनकी परियोजना लागत 22,492 करोड़ रुपये है.

प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार की एक योजना है जिसके माध्यम से नगरों में रहने वाले निर्धन लोगों को उनकी क्रयशक्ति के अनुकूल घर प्रदान किये जाएँगे. सरकार ने 9 राज्यों के 305 नगरों एवं कस्बों को चिह्नित किया है जिनमें ये घर बनाए जाएंगे.

इस योजना का उद्देश्य वर्ष  2022 तक सभी को घर उपलब्ध करना है. इसके लिए सरकार 20 लाख घरो का निर्माण करवाएगी जिनमे से 18 लाख घर झुग्गी –झोपड़ी वाले इलाके में बाकि 2 लाख शहरों के गरीब इलाकों में किया जायेगा.

 

इससे होने वाले लाभ:

•    यह निर्णय निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साअहन प्रदान करेगा. आपूर्ति क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ेंगी. इस पहल से आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और इससे मांग में भी वृद्धि होगी.

•    इस बढ़ोतरी से अधिक संख्या  में एमआईजी उपभोक्ता् सब्सिडी का लाभ प्राप्त् कर पाएंगे. ये सुविधाएं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत दी जाती हैं.

•    लाभार्थियों की संख्याख में वृद्धि होने के साथ ही कारपेट एरिया में वृद्धि से निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी. इससे आवास क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

    निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से सीमेंट, स्टीनल, मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भी मांग बढ़ेगी. शहरी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी से कुशल व अकुशल कामगारों के लिए रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा.

 

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