Multi-State Cooperative Societies (Amendment) Bill, 2022: पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम (Multi-State Cooperative Societies Act-MSCS Act) में संशोधन को मंजूरी दे दी है. यह संशोधन मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज में बेहतर पारदर्शिता लाने और इनकी चुनावी प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए किया जायेगा. संशोधन अब संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किए जाएंगे.
#Cabinet approves the Multi-State Cooperative Societies (Amendment) Bill, 2022 which seeks to amend the Multi-State Cooperative Societies Act, 2002.
— PIB India (@PIB_India) October 12, 2022
Will incorporate the provisions of the 97th Constitutional Amendment#CabinetDecisions pic.twitter.com/59ptZBjKZk
मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटीज अमेंडमेंट बिल-2022:
इस अमेंडमेंट बिल के माध्यम से बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 में संशोधन किया गया है. इस अमेंडमेंट से अब भारत के सहकारी क्षेत्र में कई तरह के सुधार किये जा सकते है. इस अमेंडमेंट की जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट बैठक के बाद दी है. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इससे कारोबार सुगमता में सुधार किया जा सकता है. इस बिल में 97वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को शामिल किया जायेगा.
किस प्रकार के सुधार किये जायेंगे?
- शासन सुधार: इस बिल में 97वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को शामिल किया जायेगा. भारत के सहकारी क्षेत्र में इसकी मदद से, शासन सुधार, निगरानी तंत्र में सुधार, चुनावी प्रक्रिया में सुधार, और साथ ही इनकी जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी.
- संरचना सुधार: अब सहकारी क्षेत्र में बोर्ड की संरचना में सुधार और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी साथ ही सहकारी समितियों के लिए धन जुटाने में भी मदद मिलेगी.
- लोकतांत्रिक शासन: इसके अंतर्गत बहु-राज्य सहकारी समितियों के शासन को अधिक लोकतांत्रिक बनाया जा सकता है.
- सहकारी लोकपाल: इस संविधान संशोधन से सहकारी चुनाव प्राधिकरण, सहकारी लोकपाल, सहकारी सूचना अधिकारी और की स्थापना की जा सकती है.
- महिलाओं की भागीदारी: सहकारी समितियों के बोर्ड में महिलाओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए अनिवार्य रूप से सुरक्षित सीटें रहेंगी.
- बिज़नेस की सुगमता: इन सुधारों से आने वाले समय में सहकारी क्षेत्र में कारोबार करने की आजादी मिलेगी.
भारत में सहकारी समितियां:
वर्तमान समय में भारत में लगभग 800,000 सहकारी समितियां कार्यरत है. जिनमे 1,600 मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी है. जो एक से अधिक राज्यों में कार्य करती है. इनमे बड़े नामों में इफको, नेफेड, कृभको (Kribhco) आदि शामिल है. जिसमे अधिकांश महाराष्ट्र (570), उत्तर प्रदेश (150) और नई दिल्ली (133) में है. भारत में लगभग 610 क्रेडिट सहकारी समितियां है. साथ ही कृषि आधारित 244 समितियां है.
मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज (MSCS) एक्ट, 2002:
मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के माध्यम से एक से अधिक राज्यों में कार्यरत सहकारी समितियों में सुधार की पहल की गयी थी. मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज को संचालित करने के लिये MSCS अधिनियम 2002 पारित किया गया था. हालाँकि सहकारी समितियाँ संविधान के स्टेट लिस्ट में शामिल है.
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