RuPay payment: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आगे आने वाले समय में रुपे भुगतान प्रणाली वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलेगी. उन्होंने कहा कि सिंगापुर और यूएई ने अपने देशों में रुपे भुगतान प्रणाली को स्वीकार करने में रूचि दिखाई है. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न देशों से रुपे भुगतान प्रणाली को शुरू करने के लिए बात कर रहा है. यह बात उन्होंने यूएस में एक कार्यक्रम में कही.
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास से भारत के रुपे पेमेंट सिस्टम को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी. भारत के अपने पेमेंट सिस्टम यूपीआई, भीम ऐप और NCPI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) सभी अब इस तरह से काम कर रहे हैं कि हम इसको विश्व के अन्य देशों के साथ इंटर-ऑपरेबिलिटी की मदद से आगे बढ़ा सकते है.
वित्तमंत्री @nsitharaman ने कहा कि रूपे भुगतान व्यवस्था को अपनाने के लिए कई देशों के साथ बातचीत चल रही है।
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) October 12, 2022
उन्होंने बताया कि सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात ने रूपे भुगतान प्रणाली में दिलचस्पी दिखाई है। वित्तमंत्री ने यह बात अमरीका के प्रमुख विचार मंच के एक कार्यक्रम में कही। pic.twitter.com/bK6MKWa8LI
क्या है रुपे पेमेंट सिस्टम?
रुपे पेमेंट सिस्टम भारत की एक वित्तीय और भुगतान सेवा प्रणाली है जिसे 26 मार्च 2012 को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा लांच किया गया था. साथ ही यह सभी भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा प्रदान करता है.
रुपे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, प्रीपेड कार्ड और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्ड प्रदान करता है. सरकारी योजना कार्डों में RuPay PMJDY, RuPay Mudra और RuPay PunGrain कार्ड और RuPay किसान क्रेडिट कार्ड जैसे कार्ड शामिल हैं.
रुपे ग्लोबल कार्ड: एनपीसीआई ने वर्ष 2014 में रुपे ग्लोबल कार्ड जारी किया था. सिंगापुर इसका भागीदार बनकर भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क RuPay कार्ड को विदेशों में बढ़ावा देने में मदद कर रहा है.
रुपे पेमेंट सिस्टम के विस्तार का लाभ:
- भारत सरकार लगातार वैश्विक स्तर पर अपने इस पेमेंट सिस्टम को प्रमोट करने के लिए प्रयासरत है जिससे भारत के रुपे पेमेंट सिस्टम की ग्लोबल पहुच मजबूत होगी.
- व्यापार में लाभ: रुपे पेमेंट सिस्टम के अन्य देशों द्वारा शुरू किये जाने की स्थिति में भारत के अन्य देशों के साथ व्यापार में मुद्रा के लेनदेन में आसानी होगी. जिससे भारत के मुद्रा की पहुँच और बढ़ेगी.
- अर्थव्यवस्था में लाभ: रुपे पेमेंट सिस्टम के ग्लोबलाइजेशन से भारत की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा. जिससे भारत की करेंसी को भी काफी मजबूती मिलेगी.
- रुपे पेमेंट सिस्टम के विस्तार से विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए भी इसका लाभ होगा. इसकी मदद से वे लोग आसानी से अपने पेमेंट को कर पाएंगे.
- अन्य ग्लोबल पेमेंट सिस्टम पर निर्भरता होगी कम: इसके बढ़ते उपयोग से विश्व के अन्य पेमेंट गेटवे पर भारत की निर्भरता कम होगी. साथ ही व्यापार में पेमेंट के लेन-देन में भी आसानी होगी.
भारत में रुपे पेमेंट सिस्टम का उपयोग:
भारत में रुपे पेमेंट सिस्टम का चलन काफी बढ़ा है. रुपे के विभिन्न पेमेंट मोड की मदद से आज देश में इसका चलन काफी बढ़ गया है फिर ओ चाहे इसके विभिन्न प्रकार के डेबिट या क्रेडिट कार्ड हो या फिर PoS सिस्टम, इन सबका भारत में चलन बढ़ा है.
रुपे कॉन्टैक्टलेस (टोकनाइजेशन): एनपीसीआई ने टोकनाइजेशन और मोबाइल आधारित पीओएस जैसी एडवांस पेमेंट सुरक्षा को पेश किया है, जिससे इस पेमेंट सिस्टम पर लोगों का और भरोसा बढ़ा है.
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