अर्द्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) ने 29 दिसंबर 2014 को छोटे किसानों के लिए ग्रीन फेबलेट का शुभारंभ किया.
ग्रीन फेबलेट फोन और टैबलेट कंप्यूटर का कम लागत वाला एक कस्टमइज्ड संयोजन है. यह उपकरण ग्रीन सीम से चलता है.
ग्रीन फेबलेट धूल एवं टूट–फूट से सुरक्षित है.सूरज की तेज रौशनी में भी इसमें पढ़ा जा सकता है और यह -20°सेंटिग्रेट से +60°सेंटिग्रेट तापमान पर काम कर सकता है.
इस उपकरण को कृषि हेतु आईसीटी नवाचार में ICRISAT सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ने NUNC (नन्स) सिस्टम के सहयोग से विकसित किया है.
ग्रीन फेबलेट की सुविधाएं :
ग्रीन फेबलेट लक्षित व्यक्तिगत छोटे किसानों को सूचना देने की अनुमति देगा. इससे किसानों को कम कीमत पर उपयोग सामग्री ( इनपुट ) खरीदने, उनके उत्पादन की अच्छी कीमत प्राप्त करने और उन्हें बाजार से जोड़ने का काम किया जायेगा.
यह उपकरण मोबाइल गांव ज्ञान केंद्र/ सामान्य सेवा केंद्र की तरह काम करेगा जो किसानों को समकालीन सूचना से लाभ पहुंचाएगा. इसके अलावा सूदूर ग्रामीण इलाकों में संचार प्रौद्योगिकियों एवं इंटरनेट कनेक्टिविटि को पहुंचाने में भी मदद करेगा.
यह उपकरण किसानों और शोधकर्ताओं के बीच वास्तविक समय की जानकारी साझा करने के लिए सक्षम करेगा जो कि फसल की उत्पादकता एवं शोधकर्ताओं को वास्तविक समय में सटीक आंकड़ा एकत्र करने में मदद कर सकता है.
इससे नियमित फोन सेवाओं के अलावा विकासशील दुनिया के छोटे किसानों को सबसे प्रतिस्पर्धी कृषि उपयोग सामग्री ( इनपुट) और फसल कीमत को साझा करने के दौरान मौसम और कीट समस्याओँ के बारे में मुफ्त मैसेज प्राप्त होता है
ग्रीन सीम के बारे में
ग्रीन सीम एक विशेष सिम कार्ड है जो किसी भी मोबाइल फोन में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे ICRISAT,मोबाइन फोन सेवा प्रदाता एयरटेल और इफ्फको (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव) किसान संचार लिमिटेड (KSL) ने मिलकर तैयार किया है.
ग्रीन सीम के जरिए किसान पांच वॉयस संदेश प्राप्त कर सकेंगे. ये संदेश तेलुगु में होंगे जो कृषि, पशुपालन, बागवानी, बीमा, सरकारी नीतियों और योजनाओं, मंडी की कीमतें, मौसम का पूर्वानुमान, रेश्म कीट पालन, मछली पालन, फसल ऋण, पौध संरक्षण और स्वास्थ जैसे विभिन्न क्षेत्रों से होंगे.
अर्द्ध शुष्क उष्णकटिबंधीय अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) के बारे में
ICRISAT एक गैर– लाभकारी कृषि अनुसंधान संगठन है जिसका मुख्यालय तेलंगाना के हैदराबाद के पटनाचेरु में है.
इसका गठन 1972 में फोर्ड एवं रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा बुलाए गए संगठनों के संघ ने किया था. इसके चार्टर पर खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने हस्ताक्षर किया था.
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