भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 फरवरी 2020 को एक बड़े रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर किये. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों ने लगभग 3 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर किये हैं. यह समझौता दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद किया गया.
इसके बाद दोनों नेताओं ने आतंकवाद के विरुद्ध कड़ी करवाई की प्रतिबद्धता को दोहराया. राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत-अमेरिका के रिश्तों की मजबूती का जिक्र किया. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वे भारत के इस दौरे को हमेशा याद रखेंगे तथा उन्होंने भारतीयों द्वारा किये गये शानदार स्वागत के लिए सभी को धन्यवाद भी कहा.
भारत-अमेरिका रक्षा सौदा
भारत और अमेरिका के मध्य तीन बिलियन डॉलर के रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. इस समझौते पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हस्ताक्षर किये. इस समझौते में अमेरिका के 23 एमएच 60 रोमियो हेलिकॉप्टर और छह एएच 64ई अपाचे हेलिकॉप्टर की खरीद शामिल है. द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किये गये संयुक्त बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस सौदे से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध पहले से अधिक मजबूत हो सकेंगे. गौरतलब है कि यह दोनों हेलिकॉप्टर किसी भी प्रकार के मौसम में तथा दिन या रात में से कभी भी हमला करने में सक्षम हैं. चौथी पीढ़ी वाला अपाचे हेलिकॉप्टर छिपी हुई पनडुब्बियों को निशाना बना सकता है.
डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?
द्विपक्षीय वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और अमेरिका के मध्य ड्रग तस्करी, नार्को-आतंकवाद और संगठितत अपराध जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में एक नए मेकैनिज्म पर भी सहमति हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आतंक के खिलाफ अपने प्रयासों को और बढ़ाने का निश्चय किया है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर सहमत हैं.
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हमने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हथियार बनाये हैं जैसे कि लड़ाकू विमान, मिसाइल, रॉकेट, जहाज आदि. लेकिन आज हम भारत के साथ रक्षा समझौता कर रहे हैं जिसमें उन्नत वायु रक्षा प्रणाली, सशस्त्र और मानव रहित हवाई वाहन शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के मध्य विशेष संबंध का सबसे महत्वपूर्ण आधार लोगों से संपर्क करने वाले लोग हैं. इनमें पेशेवर लोग, छात्रों, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय प्रवासी का महत्वपूर्ण योगदान है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वाणिज्य मंत्रियों ने व्यापार पर सकारात्मक बातचीत की है. हम दोनों ने फैसला किया है कि हमारी टीमों को इन व्यापार वार्ता को कानूनी रूप देना चाहिए. हम एक बड़े व्यापार सौदे पर बातचीत आरंभ करने के लिए भी सहमत हुए हैं.
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