लोकसभा ने 04 मार्च 2020 को प्रत्यक्ष कर माफी योजना 'विवाद से विश्वास' विधेयक को पारित कर दिया है. इस कदम से वित्त वर्ष 2019-20 के समाप्त होने से पहले सरकार को राजस्व जुटाने में सहायता मिलेगी. इस बिल का उद्देश्य पुराने टैक्स विवादों का समाधान करना है.
यह योजना टैक्स (कर) अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन के मूल्यांकन का आधार भी बनेगी. बता दें प्रत्यक्ष कर विवाद के मामलों को निपटाने हेतु आम बजट में ‘विवाद से विश्वास’ योजना पेश की गई थी. इस स्कीम के अंतर्गत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होगा.
लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 मार्च
विवाद से विश्वास विधेयक को शीघ्र पारित कराना जरूरी है. इसमें ब्याज और जुर्माने से छूट लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2020 है. ये विधेयक लोकसभा से पास होने के बाद अब राज्यसभा में जाएगा. यह विधेयक धन विधेयक की श्रेणी में आता है, अत: इसे राज्यसभा की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है. धन विधेयक को मात्र लोकसभा से पारित कराने की आवश्यकता होती है. राज्यसभा उस पर चर्चा कर सकती है और वह केवल उसमें बदलाव हेतु लोकसभा को सुझाव दे सकती है.
योजना का फायदा कौन उठा सकता है?
बिल के मुताबिक, 31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्नर (अपील), इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्स के मामलों पर यह योजना लागू होगी. लंबित अपील टैक्स विवाद, पेनाल्टी या ब्याज से जुड़ी हो सकती है. एसेसमेंट या रीएसेसमेंट से भी जुड़ा हो सकता है.
‘विवाद से विश्वास' योजना की विशेषताएं
• इस योजना के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान 31 मार्च 2020 तक करना होगा. इसमें उसे ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी.
• यदि कोई करदाता 31 मार्च तक डायरेक्ट टैक्स का भुगतान नहीं करता तो उन्हें 30 जून 2020 तक का समय दिया जाएगा. हालांकि, उन्हें 10 प्रतिशत ज्यादा टैक्स देना होगा.
• इस योजना का उपयोग न केवल टैक्स विवाद से जुड़े मामले में साथ ही पांच करोड़ रुपये तक की वसूली से जुड़े तलाशी-जब्त की कार्रवाई में भी किया जा सकता है.
• विवादित जुर्माना मामले में ब्याज और शुल्क विवादित टैक्स के साथ जुड़ा नहीं होगा. करदाता को विवाद निपटाने के लिए केवल 25 प्रतिशत का भुगतान करना होगा.
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वित्त मंत्री ने लोकसभा में क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा था कि बजट में घोषित प्रत्यक्ष कर विवाद निपटारा योजना से लोगों को मामले का निपटारा करने में होने वाले खर्च और समय बचाने में काफी सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने विवादों को कम करने हेतु कदम उठाये हैं.
पृष्ठभूमि
विवादित टैक्स मामलों के निपटान से जुड़ी इस योजना में 4.83 लाख करोड़ मामलों के निपटान का अनुमान लगाया गया था. इससे सरकार को 9.32 लाख करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद थी. ‘विवाद से विश्वास’ योजना के अंतर्गत, एक करदाता को केवल विवादित करों की राशि का भुगतान करना होगा तथा उसे ब्याज एवं जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी. बशर्ते वह 31 मार्च 2020 तक भुगतान करे.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक, 2020 में बदलाव को मंजूरी दे दी थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2020 को पेश बजट में प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना 'विवाद से विश्वास' की घोषणा की थीं. योजना के अंतर्गत करदाताओं को विवादित लंबित कर के भुगतान का अवसर दिया गया है.
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