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नासा ने आठ ग्रहों वाले एक अन्य सौरमंडल की खोज की

नासा की इस खोज में गूगल की ओर से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता ली गई, जो इंसानों के रहने योग्य ग्रहों की तलाश करने में काफी मदद करेगा.

Dec 26, 2017 09:40 IST
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अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने हाल ही में घोषणा की कि उनके वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है. नासा के केपलर स्पेस टेलिस्कोप द्वारा हमारे सौरमंडल जितना ही बड़ा एक और सौरमंडल खोजा गया.

इस परियोजना पर नासा द्वारा पिछले कुछ वर्षों से शोध कार्य किया जा रहा था जिसमें विभिन्न ग्रहों की पहचान की गयी. हाल ही में इस सौरमंडल के आठवें ग्रह की पहचान की गयी. ऐसे में सूर्य या उस जैसे किसी स्टार की परिक्रमा करने के मामले में केपलर-90 सिस्टम की तुलना हमारे सौरमंडल से की जा सकती है.

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खोज के मुख्य बिंदु

•    नासा की इस खोज में गूगल की ओर से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता ली गई, जो इंसानों के रहने योग्य ग्रहों की तलाश करने में काफी मदद करेगा.

•    केपलर-90 सौरमंडल के इस आठवें ग्रह का नाम केपलर 90आई रखा गया है.

•    गूगल और नासा की इस परियोजना द्वारा हमारे जैसे ही सौर मंडल की खोज से इस बात की उम्मीद बढ़ी है कि ब्रह्मांड में किसी ग्रह पर ऐलियन मौजूद हो सकते हैं.

•    केपलर-90 के ग्रहों की व्यवस्था हमारे सौर मंडल जैसी ही है. इसमें भी छोटे ग्रह अपने मुख्य तारे से नजदीक हैं और बड़े ग्रह उससे काफी दूर मौजूद हैं.

•    नासा ने कहा है कि इस खोज से पहली बार स्पष्ट होता है कि किसी दूसरे सौरमंडल में हमारे जैसे ही ग्रह मौजूद हो सकते हैं.

•    यह सौर मंडल पृथ्वी से लगभग 2,545 प्रकाश वर्ष दूर है.

•    नया ग्रह पृथ्वी से करीब 30 फीसदी बड़ा माना जा रहा है.

•    ऐसा माना जा रहा है कि यहां काफी चट्टानें हैं और वातावरण भी घना नहीं है.

•    सतह का तापमान काफी अधिक हो सकता है और इससे लोग झुलस सकते हैं.

•    वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां की सतह का औसत तापमान करीब 800 डिग्री फ़ारनहाइट हो सकता है.

नासा के बारे में

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए उत्तरदायी है. नासा का गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत 19 जुलाई 1948 में इसके पूर्वाधिकारी संस्था, नैशनल एडवाइज़री कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनसीए) के स्थान पर किया गया था. इस संस्था ने 01 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया.

फ़रवरी 2006 से नासा का लक्ष्य वाक्य "भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण, वैज्ञानिक खोज और एरोनॉटिक्स संशोधन को बढ़ाना" रखा गया. 14 सितंबर 2011 में नासा ने घोषणा की कि उन्होंने एक नए स्पेस लॉन्च सिस्टम के डिज़ाइन का चुनाव किया है जिसके चलते संस्था के अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में और दूर तक सफर करने में सक्षम होंगे और अमेरिका द्वारा मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया कदम साबित होंगे.

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