भाजपा की वरिष्ठ विधायक निमाबेन आचार्य 27 सितंबर, 2021 को गुजरात विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष बन गई हैं. राज्य विधानसभा के दो दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन आचार्य का नामांकन सर्वसम्मति से किया गया. आचार्य का नाम गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जिस पर विपक्ष के नेता परेश धनानी ने भी कांग्रेस पार्टी की ओर से सहमति दी, 182 सदस्यीय सदन में जिसके 65 विधायक शामिल हैं.
गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष का पद 16 सितंबर, 2021 को राजेंद्र त्रिवेदी के इस्तीफा देने के बाद खाली हो गया था. वे CM भूपेंद्र पटेल के नए राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. त्रिवेदी गुजरात राज्य सरकार में विधायी और संसदीय मामलों के साथ-साथ राजस्व विभागों के भी प्रभारी हैं.
भाजपा विधायक जेठा भारवाड़ को गुजरात विधानसभा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है जबकि पंकज देसाई को मुख्य सचेतक बनाया गया है. भरूच से बीजेपी विधायक दुष्यंत पटेल डिप्टी व्हिप या उप सचेतक बन गए हैं.
गुजरात विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष
वर्ष, 1960 में गुजरात राज्य के गठन के बाद से, भाजपा विधायक निमाबेन आचार्य राज्य विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं हैं. आचार्य ने यह कहा कि, "मैं अपनी पूरी क्षमता से इस नई जिम्मेदारी को पूरा करूंगी."
गुजरात विधानसभा सचिवालय ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के पदों के लिए नामांकन आमंत्रित किए गये थे. निमाबेन आचार्य ने 24 सितंबर, 2021 को भाजपा के मुख्य सचेतक पंकज देसाई और राजेंद्र त्रिवेदी की उपस्थिति में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था. त्रिवेदी के इस्तीफे के बाद आचार्य प्रोटेम स्पीकर के तौर पर काम कर रही थीं.
निमाबेन आचार्य का परिचय
निमाबेन आचार्य तीन बार भाजपा विधायक और दो बार कांग्रेस की विधायक रही हैं. 74 वर्षीय आचार्य कच्छ जिले के भुज निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की वरिष्ठ विधायक हैं. आचार्य गुजरात की राजनीति की दिग्गज हैं. वे वर्ष, 2007 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुईं थीं. तब से, वे लगातार जीत रही हैं. भाजपा में शामिल होने से पहले आचार्य कच्छ जिले से कांग्रेस विधायक थीं. उन्होंने महिला सशक्तिकरण, खेल और ग्रामीण विकास पर काम किया है.
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