Search

पाकिस्तान ने 261 भारतीय कैदियों की सूची सौंपी, इसमे मछुआरे भी शामिल

यह कदम पाकिस्तान और भारत के बीच दूतावास स्तरीय समझौते के तहत उठाया गया है. इसी समझौते के तहत पाकिस्तान और भारत ने एक-दूसरे को कैदियों की लिस्ट दी है.

Jul 2, 2019 12:13 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

पाकिस्तान ने देश की जेलों में बंद 261 भारतीय कैदियों की सूची 01 जुलाई 2019 को भारतीय उच्चायोग को सौंपी. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इन भारतीय कैदियों में 209 मछुआरे और 52 अन्य शामिल हैं.

बयान में कहा गया है कि यह कदम पाकिस्तान और भारत के बीच दूतावास स्तरीय समझौते के तहत उठाया गया है. इसी समझौते के तहत पाकिस्तान और भारत ने एक-दूसरे को कैदियों की लिस्ट दी है. दोनों देश संबंधों में तनाव के बावजूद कैदियों की सूची साझा करने की परंपरा का पालन करते हैं.

यह समझौत 21 मई 2008 को हुआ था. इस समझौते के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की सूची का आदान-प्रदान करना होता है. यह सूची साल में दो बार, पहली जनवरी और पहली जुलाई को करना होता है.

मुख्य बिंदु:

•   बयान में कहा गया है कि भारत सरकार भी पाकिस्तानी कैदियों की सूची नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त से साझा की.

•   पाकिस्तान ने 261 भारतीय कैदियों की लिस्ट जारी की है, वहीं भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग को जो लिस्ट सौंपी है उसमें 256 नागरिक और 99 मछुआरे शामिल हैं.

मछुआरों की गिनती कैदियों में क्यों है ज्यादा?

पाकिस्तान द्वारा जारी लिस्ट में मछुआरों की संख्या इसलिए ज्यादा है क्योंकि वह अनजाने में भारतीय सीमा पार करके पाकिस्तान समुद्री सीमा में मछलियां पकड़ने चले जाते हैं. जबकि भारत में पाकिस्तानी संदिग्ध ज्यादा गिरफ्तार किए जाते हैं. पाकिस्तान और भारत दोनों ही अक्सर मछुआरों को पकड़र लेते हैं क्योंकि अरब सागर में समुद्र का कोई स्पष्ट सीमा नहीं है. इन मछुआरों के पास समुद्री इलाके में सटीक बॉर्डर को जानने हेतु तकनीक से लैस नौकाएं भी नहीं हैं. इस वजह से लंबी और धीमी कानूनी प्रक्रियाओं के कारण, मछुआरे आमतौर पर कई महीनों तक जेल में रहते हैं. हालांकि दोनों ही देश समय-समय पर सद्भावना के रूप में मछुआरों को रिहा कर देते हैं.

यह भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान एक दूसरे के कैदियों को रिहा करने पर सहमत

सूची साझा करने की परंपरा का पालन

दोनों देश में तनाव होने के बावजूद भी कैदियों की सूची साझा करने की परंपरा का पालन करते रहे हैं. पाकिस्तान भारत के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है. ये समझौता भी इसलिए किया गया था ताकि दोनों देशों के बीच संबंध कुछ हद तक बहतर हो सकें.

इससे पहले भी पाक ने जारी की थी एक लिस्ट

इससे पहले 01 जनवरी 2019 को पाकिस्तान ने लगभग 537 भारतीय कैदियों की एक सूची इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को सौंपी थी. इन कैदियों में करीब 483 मछुआरे और 54 अन्य लोग शामिल थे.

यह भी पढ़ें: भारत और पाकिस्तान ने कैदियों, परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की