केंद्रीय कोयला मंत्री पियूष गोयल ने 04 जुलाई 2018 को कोयला चोरी रोकने के लिए सेटेलाइट आधारित मोबाइल ऐप (खान प्रहरी) लांच किया है.
इससे देश के 787 कोल ब्लॉकों पर नजर रखी जायेगी. इसकी लगातार मॉनिटरिंग कोयला कंपनियां और जिला प्रशासन करेंगे.
इससे कोयला क्षेत्र में पारर्शिता और नैतिकता का नया आयाम जुड़ेगा. वर्तमान में सीसीएल द्वारा 24 घंटे निगरानी के लिए विशेष सेल स्थापित किया गया है.
कोयला खान निगरानी और प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस):
- कोयला खान निगरानी और प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) का उद्देश्य अनधिकृत कोयला खनन गतिविधियों पर रिपोर्ट करना, निगरानी करने और उचित कार्रवाई करने का लक्ष्य है.
- सीएमएसएमएस एक वेब आधारित जीआईएस एप्लीकेशन है जिसके माध्यम से अनधिकृत खनन के लिए साइटों का स्थान पता लगाया जा सकता है.
- कोल इंडिया की सहायक कंपनी कोयला खान निगरानी और प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) और भास्करचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन और जिओ ने यह ऐप तैयार किया है.
यह कोल माइंस सर्विलास एंड मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत काम करेगा. राज्य में कई जगहों पर अवैध माइनिंग हो रहा है.
कोलफील्ड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन कर बड़े वाहनों से ढुलाई की जाती है. इस अत्याधुनिक एप के लांच हो जाने के बाद इस पर अंकुश लग जायेगा.
इसके अलावा आसमान से नजर रखने के लिए वेब जीआइसी (ज्योग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) पर आधारित प्रणाली है. इससे अवैध खनन क्षेत्र का आसानी से पता लगाया जा सकेगा.
इसके तहत सेटेलाइट से डेटा लिया जायेगा, जिसका हर तीन महीने में विश्लेषण किया जायेगा. इससे अवैध खनन क्षेत्र की आसानी से पहचान की जा सकेगी.
गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड:
खान प्रहरी ऐप को गूगल के प्ले स्टोर से कोई भी अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड कर सकता है. अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर उसका फोटो और वीडियो बनाकर ऐप पर अपलोड कर सकता है. अपलोड होते ही उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के नोडल पदाधिकारी के पास पहुंच जाएगी और वे कार्रवाई के लिए संबंधित क्षेत्र के थाने को भेज देंगे. उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी.
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