उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 26 फरवरी 2018 को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के कारखानों के उत्पादन बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान करने वाली तीन महिलाओं समेत 50 श्रमिकों को वर्ष 2016 के प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार से सम्मानित किया.
इस वर्ष प्रदान किये जाने वाले श्रम पुरस्कारों की कुल संख्या 50 है, लेकिन इनमें तीन महिला श्रमिक भी शामिल हैं. इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के 34 श्रमिक और निजी क्षेत्र के 16 श्रमिक शामिल हैं.
इस वर्ष के प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल, भेल और निजी क्षेत्र की कंपनी टाटा स्टील लिमिटेड के 12 श्रमिकों को श्रम भूषण पुरस्कार दिया गया है. इसके अंतर्गत एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक-एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया.
नेवल डॉकयार्ड, आयुध फैक्ट्री, राष्ट्रीय इस्पात निगम, टाटा स्टील, हिन्डालको इंडस्ट्रीज, पारादीप फॉस्फेट लिमिटेड, ब्रह्मोस एयर स्पेस के 18 श्रमिक श्रम वीर एवं श्रम वीरांगना पुरस्कार के रूप में 60-60 हजार रुपये नकद और एक-एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया.
सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, नेवल शिप रिपेयर यार्ड, टाटा मोटर्स, सूरत लिग्नाइट पावर प्लांट, लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड आदि के 20 श्रमिकों को श्रम श्री एवं श्रम देवी पुरस्कार के रूप में 40-40 हजार रुपये नकद और एक-एक प्रशस्ति पत्र दिया गया.
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प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार
प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कारों के लिए चयन उन्हीं उपक्रमों से किया जाता है जिनमें 500 या उससे ज्यादा श्रमिक कार्यरत हों. यह पुरस्कार चार श्रेणियों ‘श्रम रत्न’, ‘श्रम भूषण’, ‘श्रम वीर एवं श्रम वीरांगना’ और ‘श्रम श्री एवं श्रमदेवी’ के तौर पर प्रदान किये जाते हैं. इस वर्ष प्रतिष्ठित श्रम रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी नामांकन को उपयुक्त नहीं पाया गया. पुरस्कार के लिए श्रमिकों का चयन उनके असाधारण कार्यों, नवोन्मेष क्षमता, उत्पादकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और अत्यधिक साहस दिखाने तथा चौकस रहने के आधार पर किया जाता है.
(स्रोत: पीआईबी)
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