भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 29 दिसंबर 2016 को फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई ने बैंकों को एमएसई के लिए अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराने का परामर्श दिया है.
इस रिपोर्ट में मौजूदा वित्तीय स्थिति के अतिरिक्त बैंकिंग क्षेत्र के आगामी समय का भी अनुमान लगाया गया है.
यह रिपोर्ट एमएसई पर नोटबंदी के प्रभाव को कम करने के लिए जारी की गयी. इस रिपोर्ट के अनुसार बैंकिंग सेक्टर ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान नियंत्रित प्रदर्शन किया है.
रिपोर्ट में आगामी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनिश्चितता बने रहने की आशंका जताई गयी है. इसमें बताया गया है कि भारत की विकास दर सही है लेकिन इस पर एनपीए का भी दबाव बना हुआ है.
भारतीय अर्थव्यवस्था का जीएसटी, नोटबंदी एवं बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले बदलावों से प्रभावित होने की आशंका है. एनआरआई से विदेशी मुद्रा आय घटने से चिंता भी जताई गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण व्यापार, अर्थव्यवस्था के साथ विकास दर बढ़ेगी.
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