Sheena Bora murder case: आर्टिकल 142 क्या है, जिसके तहत इंद्राणी मुखर्जी को जमानत पर रिहा किया गया

May 20, 2022, 11:58 IST

Sheena Bora murder case: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चर्चित शीना बोरा हत्याकांड (Sheena Bora murder case) की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को संविधान के एक अनुच्छेद के वजह से जमानत पर रिहा किया है. 

Sheena Bora Murder Case
Sheena Bora Murder Case

Sheena Bora murder case: सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2022 को इंद्राणी मुखर्जी को उनकी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में जमानत दे दी है. वे इस केस में मुख्य आरोपी हैं. न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव एवं न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा कि इस केस की सुनवाई जल्द पूरी होने की संभावना नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चर्चित शीना बोरा हत्याकांड (Sheena Bora murder case) की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को संविधान के एक अनुच्छेद के वजह से जमानत पर रिहा किया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन केस में संविधान के आर्टिकल 142 का हवाला दिया है. आइए जानते हैं कि ये आर्टिकल आखिर क्या है?

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आर्टिकल 142 क्या है?

भारत के संविधान में आर्टिकल 142 की उपधारा 1 का संबंध सुप्रीम कोर्ट के आदेशों एवं आदेशों का प्रवर्तन तथा खोज संबंधी आदेश आदि से है. आर्टिकल 142 की उपधारा 1 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए ऐसा आदेश पारित कर सकता है या ऐसा आदेश दे सकता है जो पूर्ण करने हेतु आवश्यक (Necessary) हो.

संविधान का आर्टिकल 142 में यह बात कही गई है कि यदि सुप्रीम कोर्ट को ऐसा लगता है कि, अन्य संस्था के जरिए कानून एवं व्यवस्था को बरकरार रखने हेतु किसी तरह का आदेश देने में देरी हो रही है, तो कोर्ट खुद उस केस में फैसला ले सकता है.

संविधान की आर्टिकल 142 के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट किसी केस में फैसला सुनाते समय संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में रहते हुए ऐसा आदेश दे सकता है, जो किसी व्यक्ति को न्याय देने हेतु जरूरी हो. इस आर्टिकल के अनुसार जब तक किसी अन्य कानून को लागू नहीं किया जाता तब तक सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर सर्वोपरि रहेगा.

अनुच्छेद 142 की उपधारा 1 साफ कहता है कि सुप्रीम कोर्ट का वह अलग तरह का ऑर्डर तब तक पूरे देश में संसद से पारित कानून की तरह ही लागू रहेगा जब तक कि इस संबंध में सरकार या संसद विशेष उपबंध नहीं कर दे. आर्टिकल 142, जिसे संविधान सभा ने 27 मई 1949 को अपना लिया था.

सरल भाषा में कहें तो संविधान का आर्टिकल 142 सुप्रीम कोर्ट को एक विशेष शक्ति देता है. इसके तहत कोर्ट न्याय संबंधी मामले में जरूरी आदेश दे सकता है. आर्टिकल 142 के अनुसार जब तक किसी अन्य कानून को लागू नहीं किया जाता तब तक सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर सबसे महत्वपूर्ण होगा. कोर्ट इसके तरह ऐसे फैसले दे सकता है जो लंबित पड़े किसी भी केस को पूर्ण करने हेतु जरूरी हों. कोर्ट के आदेश तब तक लागू रहेंगे जब तक कि इससे संबंधित प्रावधान को लागू नहीं कर दिया जाता है.

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शीना बोरा हत्याकांड: एक नजर में

बता दें इंद्राणी मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद से मुंबई के भायखला महिला जेल में बंद हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुखर्जी, उसके चालक श्यामवर राय एवं पूर्व पति संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में एक कार में शीना बोरा (24) की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. शीना बोरा का शव महारष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था. इस साजिश का हिस्सा होने के मामले में पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था. उन्हें फरवरी 2020 में हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी. हालांकि उन्होंने जेल में बंद रहने के दौरान ही इंद्राणी मुखर्जी से तलाक ले लिया था.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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