वनिता गुप्ता बनीं अमेरिका की पहली भारतीय-अमेरिकी एसोसिएट अटॉर्नी जनरल

रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की द्वारा डेमोक्रेट्स के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के न्याय विभाग के नामिती के समर्थन में शामिल होने का फैसला करने के बाद, अमेरिकी सीनेट ने संकीर्ण 51-49 मतदान के माध्यम से वनिता गुप्ता के एसोसिएट अटॉर्नी जनरल बनने की पुष्टि की है.

Created On: Apr 23, 2021 16:59 ISTModified On: Apr 23, 2021 17:01 IST

संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट ने 21 अप्रैल, 2021 को वनिता गुप्ता द्वारा अमेरिका के एसोसिएट अटॉर्नी जनरल के तौर पर काम करने की पुष्टि की. वे इस भूमिका में सेवा करने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी.

रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की द्वारा डेमोक्रेट्स के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के न्याय विभाग के नामिती के समर्थन में शामिल होने का फैसला करने के बाद, अमेरिकी सीनेट ने संकीर्ण 51-49 मतदान के माध्यम से वनिता गुप्ता के एसोसिएट अटॉर्नी जनरल बनने की पुष्टि की है.

अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस एक संभावित 50-50 टाई के लिए जरूरी होने की स्थिति में अपना प्रक्रियात्मक वोट डालने के लिए तैयार थीं, हालांकि, लिसा मुर्कोव्स्की ने वनिता गुप्ता को अपना समर्थन प्रदान करने के लिए जब अपने रिपब्लिकन सहयोगियों के विरुद्ध मतदान किया तो उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के वोट की आवश्यकता नहीं पड़ी. लिसा मुर्कोव्स्की अलास्का की एक उदारवादी रिपब्लिकन है.

वनिता गुप्ता ने ओबामा प्रशासन के तहत न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग में सेवा की थी.

गुप्ता को रिपब्लिकन सीनेटर मुर्कोव्स्की का समर्थन

सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने सीनेट फ्लोर पर अपने समर्थन के बारे में बताते हुए यह कहा कि, वे गुप्ता द्वारा दिए गए कुछ बयानों से परेशान थीं लेकिन अंततः एक नामित व्यक्ति के साथ लंबी बातचीत के बाद, उन्होंने अपनी पुष्टि वापस लेने का फैसला किया.

मुर्कोव्स्की ने यह कहा कि, वे एक महिला को संदेह का लाभ देने जा रही है, जो मानती है कि उसने अपने पेशेवर करियर के दौरान न्याय के मामलों में गहराई से प्रतिबद्ध होने के लिए लगातार प्रयास  किया है.

कौन हैं ये वनिता गुप्ता?

वे एक अमेरिकी नागरिक अधिकार अटॉर्नी और नागरिक एवं मानव अधिकारों पर नेतृत्व सम्मेलन की  अध्यक्ष और सीईओ हैं.

वर्ष, 2014 से वर्ष, 2017 तक गुप्ता ने प्रमुख उप सहायक अटॉर्नी के तौर पर भी काम किया था.  वे न्याय विभाग में नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख भी थीं, जहां वे अमेरिका की मुख्य नागरिक अधिकार अभियोजक थीं.

वनिता गुप्ता ने अपने पूरे करियर के दौरान बड़ी संख्या में लिबरल कार्यकर्ताओं और प्रगतिशील कानून प्रवर्तन अधिकारियों का समर्थन हासिल किया है. 07 जनवरी, 2021 को राष्ट्रपति जो बिडेन ने गुप्ता को एसोसिएट अटॉर्नी जनरल के तौर पर सेवा देने के लिए नामित किया था.

गुप्ता ने येल विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से वर्ष, 2001 में ज्यूरिस डॉक्टर की उपाधि हासिल की थी.

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