डेविड कैमरन के नेतृत्व वाली सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने ब्रिटेन आम चुनाव 2015 में संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स की कुल 650 सीटों में से 331 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया. इस जीत के साथ ही निवर्तमान प्रधानमंत्री डेविड कैमरन लगातार प्रधानमंत्री में बने रहेंगें. परिणाम की घोषणा 8 मई 2015 को की गई.
केमरून ने अपनी विटनी, ऑक्सफोर्डशायर सीट जीत ली है.
ब्रिटेन के आम चुनाव 2015 में भारतीय मूल के रिकॉर्ड 10 लोग सांसद निर्वाचित हुए. इससे पहले वर्ष 2010 के आम चुनाव में भारतीय मूल के मात्र 8 लोग सांसद चुने गए थे.
ब्रिटेन का यह आम चुनाव 7 मई 2015 को कराया गया था.
ब्रिटेन आम चुनाव 2015 के परिणाम
• सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स की कुल 650 में से 331 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया. यह साधारण बहुमत से पांच सीट अधिक है.
• वर्ष 1992 के बाद यह कंजरवेटिव पार्टी की पहली बड़ी जीत है.
• लेबर पार्टी से प्रधानमंत्री के प्रत्याशी ऐड मिलिबैंड को कुल 235 सीटों पर जीत हासिल की.
• स्काटलैंड में एड मिलीबैंड की लेबर पार्टी को स्कॉटिश नेशनल पार्टी से भारी पराजय का सामना करना पड़ा.
• निक क्लेग के नेतृत्व वाली लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को केवल 8 सीटें ही जीत सकीं, जबकि इससे पहले (चुनाव 2010 में) सदन में उनके पास 57 सीटें थी.
• यूकेआईपी के नेता नाइजेल फराज थानेट दक्षिण सीट से पराजित हो गए.
किस पार्टी को कितनी सीटें मिली
• कंजरवेटिव पार्टी: 331 (+2) सीट, 51 % मत
• लेबर पार्टी: 232 (-24) सीट, 36% मत
• स्काटिश नेशनल पार्टी: 56 (+50), 9% मत
• लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी: 8 (-48), 1% मत
• डेमोक्रेटिक युनियनिस्ट पार्टी: 8 सीट, 1% मत
• अन्य: 15 सीट
ब्रिटेन आम चुनाव 2015: मुख्य तथ्य
ब्रिटेन के आम चुनाव 2015 में 20 वर्ष की माहैरी ब्लैक सबसे युवा सांसद चुनी गई. वह ग्लास्गो यूनिवर्सिटी से राजनीतिक शास्त्र की छात्रा हैं. माहैरी ब्लैक ने 350 वर्ष पुराना रिकार्ड तोड़ा है. इससे पहले वर्ष1667 में 13 वर्षीय क्रिस्टोफर मॉन्क सबसे युवा सांसद बने थे.
ब्रिटेन आम चुनाव 2015 में भारतीय मूल के कुल 10 लोगों ने जीत हासिल की. इनमें कीथ वाज (लीसेस्टर-पूर्व, लेबर), प्रीति पटेल (विट्हम, कंजरवेटिव) और इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक (रिचमंड, कंजरवेटिव), वीरेंद्र शर्मा (ईलिंग साउथहॉल, लेबर), वैलेरी वाज (वालसाल साउथ, लेबर), आलोक शर्मा (रीडिंग वेस्ट, कंजरवेटिव), शैलेष वारा (कैंब्रिजशायर उत्तर-पूर्व, कंजरवेटिव), सुएला फर्नांडिस (फेयरहैम, कंजरवेटिव), सीमा मल्होत्रा (दक्षिण-पूर्व लंदन, लेबर) और लीसा नैंडी (विगन, लेबर) हैं.
इस चुनाव में सभी पार्टियों ने 59 भारतवंशियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया था. इनमें से 10 की जीत हुई. विजयी भारतवंशियों में से 5 कंजरवेटिव पार्टी से चुने गए हैं.
ब्रिटेन के आम चुनाव 2015 में कंजरवेटिव पार्टी ने 17, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने 14, लेबरपार्टी ने 14, ग्रीन पार्टीने 4, यूकेआईपीने 3, इंडिपेंडेट्स ने 3 और अन्य पार्टियां ने 2 प्रत्याशी भारतीय मूल के खड़े किए थे.


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